PM मोदी बने सबसे लंबे कार्यकाल वाले निर्वाचित PM, 4,300+ दिन; विश्व नेताओं ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवारत लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री का ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया, जब उनके निरंतर कार्यकाल के 4,300 से अधिक दिन पूरे हुए। इस उपलब्धि पर दुनिया भर के नेताओं ने उन्हें बधाई दी, जिसके जवाब में मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से कई विश्व नेताओं का आभार व्यक्त किया।
मंगोलिया और इथियोपिया के नेताओं की बधाई
मंगोलिया के राष्ट्रपति उखनागिन खुरेलसुख ने अपने संदेश में लिखा कि वे प्रधानमंत्री मोदी को — जो उनके और मंगोलिया की जनता के प्रिय मित्र हैं — तीसरे कार्यकाल के लिए चुने जाने और सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई देते हैं। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर दिया, "आपके स्नेहपूर्ण शब्दों के लिए धन्यवाद। भारत और मंगोलिया के बीच गहरे और विशेष संबंध हैं, और मैं हमारी रणनीतिक साझेदारी तथा हमारे देशों के बीच अटूट बंधन को और मज़बूत करने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।"
इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद अली ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में मोदी को 'अपने बड़े भाई और प्रिय मित्र' बताते हुए लिखा कि उन्होंने लगातार तीन लोकतांत्रिक कार्यकालों में दूरदर्शिता और दृढ़ संकल्प के साथ विश्व के सबसे बड़े जनसमूह का निरंतर विश्वास अर्जित किया है। मोदी ने जवाब में कहा, "प्रधानमंत्री अबी अहमद अली, आपके स्नेहपूर्ण शब्दों के लिए धन्यवाद। मुझे पिछले वर्ष इथियोपिया में हुई हमारी मुलाकात अच्छी तरह याद है और मैं अपने लोगों और वैश्विक दक्षिण के पारस्परिक लाभ के लिए घनिष्ठ सहयोग जारी रखने के लिए तत्पर हूं।"
यूरोपीय संघ और जर्मनी का संदेश
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने अपने शुभकामना संदेश में लिखा कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने न केवल चंद्रमा पर कदम रखा, बल्कि आसमान की ऊंचाइयों को छूने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने प्रौद्योगिकी, गतिशीलता, सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में सहयोग तथा अब तक के सबसे बड़े व्यापारिक समझौते का उल्लेख करते हुए भारत-यूरोपीय संघ की साझेदारी को ऐतिहासिक बताया। मोदी ने उत्तर दिया, "राष्ट्रपति वॉन डेर लेयेन, आपके प्रशंसात्मक शब्दों के लिए धन्यवाद। भारत-यूरोपीय संघ की साझेदारी व्यापार, प्रौद्योगिकी, आवागमन और सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में लगातार मज़बूत हो रही है।"
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज को भी मोदी ने धन्यवाद देते हुए कहा, "चांसलर मर्ज, आपके स्नेहपूर्ण शब्दों के लिए धन्यवाद। हम भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने तथा अपने लोगों के हित में प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।"
ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी मई 2014 से लगातार प्रधानमंत्री पद पर हैं — पहले दो कार्यकाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बहुमत के साथ, और जून 2024 में तीसरी बार शपथ लेकर। 4,300 से अधिक दिनों का यह निर्बाध कार्यकाल उन्हें स्वतंत्र भारत के किसी भी निर्वाचित प्रधानमंत्री से आगे ले जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक मंच पर अपनी कूटनीतिक उपस्थिति को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है।
वैश्विक कूटनीति पर असर
विश्लेषकों के अनुसार, इस अवसर पर मिली बधाइयाँ केवल औपचारिकता नहीं हैं — ये भारत की बढ़ती वैश्विक साख का प्रतिबिंब हैं। यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते, वैश्विक दक्षिण में नेतृत्व की भूमिका, और मंगोलिया जैसे देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी — ये सब मिलकर भारत की बहुआयामी विदेश नीति की तस्वीर पेश करते हैं। आगे देखें तो इन द्विपक्षीय संबंधों को और ठोस आकार देने की दिशा में कूटनीतिक गतिविधियाँ तेज़ होने की संभावना है।