PM मोदी को श्रीलंका राष्ट्रपति और यूरोपीय परिषद अध्यक्ष की बधाई, ऐतिहासिक कीर्तिमान पर विश्व नेताओं ने सराहा नेतृत्व
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में देश में सबसे लंबे समय तक सेवा करने का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर 10 जून 2025 को विश्वभर के नेताओं ने बधाइयाँ दीं और भारत के साथ अपने-अपने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने की इच्छा जताई। इसे भारत की लोकतांत्रिक यात्रा में एक निर्णायक पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।
श्रीलंका राष्ट्रपति की बधाई और द्विपक्षीय संबंध
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'श्रीलंका भारत के साथ अपने घनिष्ठ और मित्रतापूर्ण संबंधों को अत्यंत महत्व देता है तथा दोनों देशों के बीच मौजूद मजबूत साझेदारी को और आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक है।' राष्ट्रपति दिसानायके ने विश्वास जताया कि भारत और श्रीलंका के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंध भविष्य में और अधिक सुदृढ़ होंगे।
गौरतलब है कि सोमवार, 8 जून को भी दिसानायके ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर उनके नेतृत्व की सराहना की थी। उस पत्र में उन्होंने इस उपलब्धि को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की जनता के विश्वास का प्रतिफल बताया था।
यूरोपीय परिषद अध्यक्ष ने जताई रणनीतिक साझेदारी की प्रतिबद्धता
यूरोपीय परिषद (European Council) के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्ता ने बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी की इस उपलब्धि पर शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत और यूरोपीय संघ (EU) के संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत हुए हैं।' कोस्ता ने इस वर्ष आयोजित ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दोनों पक्षों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का प्रमाण है।
कोस्ता ने भारत को वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए कहा कि वे भारत के साथ सहयोग, साझेदारी और मित्रता को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।
अन्य विश्व नेताओं ने भी की प्रशंसा
पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने मंगलवार को एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी को 'एक रोल मॉडल और नेतृत्व का उदाहरण' बताया। उन्होंने कहा कि '20 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से निकालकर बेहतर जीवन देना एक अत्यंत बड़ी उपलब्धि है।'
त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने भी प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत वैश्विक मुद्दों पर एक मजबूत आवाज बनकर उभरा है।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी विदेश नीति में 'वसुधैव कुटुम्बकम' के सिद्धांत को वैश्विक कूटनीति के केंद्र में रख रहा है। पड़ोसी देशों से लेकर यूरोप तक के नेताओं का एक साथ बधाई देना और द्विपक्षीय संबंध गहरे करने की बात करना, भारत की बढ़ती कूटनीतिक प्रभावशीलता को रेखांकित करता है।
आने वाले समय में भारत-यूरोपीय संघ व्यापार वार्ता और भारत-श्रीलंका आर्थिक सहयोग के नए अध्यायों पर नज़र रहेगी, क्योंकि इन बधाइयों में ठोस कूटनीतिक संदेश भी निहित हैं।