मोदी को सबसे लंबे कार्यकाल पर वैश्विक बधाई, श्रीलंका-PNG-त्रिनिदाद के नेताओं ने की तारीफ
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर विश्व के कई राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों ने बधाई संदेश भेजे हैं। 9 जून 2026 को प्राप्त इन संदेशों में नेताओं ने मोदी के परिवर्तनकारी शासन, ग्लोबल साउथ के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और एक समावेशी व आर्थिक रूप से गतिशील भारत के उनके विजन की सराहना की।
श्रीलंका की बधाई और द्विपक्षीय संबंध
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका ने सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी को एक औपचारिक पत्र लिखा। श्रीलंका की सरकार और जनता की ओर से बधाई देते हुए उन्होंने लिखा, 'यह उपलब्धि सिर्फ आपके वर्षों के कार्यकाल का प्रमाण नहीं है, बल्कि इस बात का भी सबूत है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लोगों ने बार-बार आपके नेतृत्व पर भरोसा जताया है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत में हुए आर्थिक और सामाजिक बदलाव उल्लेखनीय हैं और प्रधानमंत्री मोदी का विजन श्रीलंका समेत अनेक देशों को प्रेरणा देता है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 4 से 6 अप्रैल 2025 के बीच श्रीलंका का अपना चौथा दौरा किया था, जिसके दौरान उन्हें श्रीलंका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'मित्र विभूषण' प्रदान किया गया — यह सम्मान किसी विदेशी अतिथि को दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है। उस यात्रा ने भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति को और सुदृढ़ किया। उल्लेखनीय है कि भारत ने 2022 में श्रीलंका की गंभीर आर्थिक संकट की घड़ी में भी महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की थी।
पापुआ न्यू गिनी का वीडियो संदेश
पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी को 'एक रोल मॉडल और नेतृत्व का उदाहरण' बताया। उन्होंने कहा कि '20 करोड़ से ज़्यादा लोगों को गरीबी से निकालकर बेहतर जीवन देना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।' मारापे ने भारत और पापुआ न्यू गिनी के बीच मित्रता को और प्रगाढ़ करने की इच्छा भी व्यक्त की।
यह ऐसे समय में आया है जब मई 2023 में प्रधानमंत्री मोदी ने पापुआ न्यू गिनी का ऐतिहासिक दौरा किया था — किसी भारतीय प्रधानमंत्री की वहाँ यह पहली यात्रा थी। यह दौरा फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन (FIPIC) शिखर सम्मेलन के अवसर पर हुआ था और इसे भारत के ग्लोबल साउथ संबंधों में एक निर्णायक मोड़ माना गया।
त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रतिक्रिया
त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने भी इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मुद्दों पर एक सशक्त आवाज़ बनकर उभरा है। प्रसाद-बिसेसर ने यह भी कहा कि पीएम मोदी का जीवन एक साधारण शुरुआत से 1.4 अरब लोगों के देश का नेतृत्व करने तक का प्रेरणादायक सफर है। उन्होंने भारत की विदेश नीति, आर्थिक विकास, बुनियादी ढाँचे और सामाजिक प्रगति की भी सराहना की।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 3 से 4 जुलाई 2025 के बीच त्रिनिदाद और टोबैगो का ऐतिहासिक द्विपक्षीय दौरा किया था — 26 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा थी। यह दौरा वहाँ भारतीय प्रवासियों के आगमन की 180वीं वर्षगाँठ के साथ भी संयोग से जुड़ा था।
ग्लोबल साउथ में भारत की बढ़ती साख
इन बधाई संदेशों को केवल औपचारिकता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए — ये उन देशों से आए हैं जिनके साथ भारत ने पिछले वर्षों में ठोस कूटनीतिक और आर्थिक संबंध बनाए हैं। श्रीलंका, पापुआ न्यू गिनी और त्रिनिदाद-टोबैगो — तीनों ही ग्लोबल साउथ के प्रतिनिधि हैं, जहाँ भारत की सक्रिय उपस्थिति बढ़ी है। यह ऐसे समय में है जब भारत G20 की अध्यक्षता के बाद वैश्विक मंच पर एक नई भूमिका में स्थापित हो रहा है।
आगे की राह
इन संदेशों के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय से आने वाले हफ्तों में द्विपक्षीय सहयोग की नई पहलों की घोषणा संभव है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वैश्विक समर्थन प्रधानमंत्री मोदी की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'ग्लोबल साउथ' कूटनीति की स्वीकार्यता को और पुख्ता करता है।