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भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षमता 300 गीगावाट पार, 2030 लक्ष्य का 60% हासिल

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भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षमता 300 गीगावाट पार, 2030 लक्ष्य का 60% हासिल

सारांश

भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षमता 300 गीगावाट का आँकड़ा पार कर गई है — 2014 में यह महज़ 76 गीगावाट थी। सौर ऊर्जा 59 गुना बढ़कर 165 गीगावाट पर पहुँची है और 2030 के 500 GW लक्ष्य का 60% पहले ही हासिल हो चुका है। यह सिर्फ ऊर्जा का आँकड़ा नहीं, भारत की आत्मनिर्भर ऊर्जा रणनीति की करवट है।

मुख्य बातें

भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षमता 31 जुलाई 2026 तक 300 गीगावाट से अधिक हो गई — कुल स्थापित क्षमता 552 GW का 54% ।
सौर ऊर्जा क्षमता 2014 के 2.8 GW से बढ़कर लगभग 165 GW ; पवन ऊर्जा 21 GW से 58 GW से अधिक।
वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 55.29 GW नई स्वच्छ ऊर्जा क्षमता स्थापित, जिसमें 44.6 GW सौर और 6 GW पवन।
नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन 2014-15 के 190.96 BU से बढ़कर 2025-26 में 477.79 BU ।
ALMM के तहत पंजीकृत सौर मॉड्यूल क्षमता 2.3 GW से बढ़कर 200 GW से अधिक।
2030 तक 500 GW के राष्ट्रीय लक्ष्य का 60% पहले ही पूरा।

भारत ने स्वच्छ ऊर्जा के मोर्चे पर एक ऐतिहासिक पड़ाव पार कर लिया है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, देश की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता 31 जुलाई 2026 तक 300 गीगावाट से अधिक हो गई है, जो देश की कुल स्थापित ऊर्जा क्षमता 552 गीगावाट का लगभग 54 प्रतिशत है। 9 अगस्त 2026 को जारी इस जानकारी ने भारत के ऊर्जा परिवर्तन की गति को रेखांकित किया है।

सौर और पवन ऊर्जा बनी विकास की धुरी

स्वच्छ ऊर्जा विस्तार में सौर ऊर्जा सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाला क्षेत्र रहा है। 2014 में देश की सौर ऊर्जा क्षमता मात्र 2.8 गीगावाट थी, जो अब बढ़कर लगभग 165 गीगावाट हो गई है — यानी बारह वर्षों में करीब 59 गुना की वृद्धि। इसी अवधि में पवन ऊर्जा क्षमता 21 गीगावाट से बढ़कर 58 गीगावाट से अधिक हो गई है।

वित्त वर्ष 2025-26 में देश ने गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा उत्पादन की रिकॉर्ड 55.29 गीगावाट नई क्षमता स्थापित की, जिसमें 44.6 गीगावाट सौर ऊर्जा और 6 गीगावाट पवन ऊर्जा का प्रमुख योगदान रहा।

उत्पादन में भी रिकॉर्ड वृद्धि

क्षमता विस्तार का असर वास्तविक ऊर्जा उत्पादन में भी साफ दिखता है। 2014-15 में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन 190.96 बिलियन यूनिट (BU) था, जो 2025-26 में बढ़कर 477.79 BU हो गया है — ढाई गुना से अधिक की छलांग।

2030 के राष्ट्रीय लक्ष्य की ओर

भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, यह लक्ष्य का 60 प्रतिशत पहले ही पूरा हो चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा परिवर्तन की गति को लेकर दबाव बढ़ रहा है और भारत इस दौड़ में अग्रणी उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में खुद को स्थापित कर रहा है।

घरेलू विनिर्माण में आत्मनिर्भरता

तेज़ विस्तार को टिकाऊ बनाने के लिए भारत ने घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को भी मज़बूत किया है। प्रोडक्शन लिंक्ड इन्सेंटिव (PLI) योजना के तहत उच्च-क्षमता वाले घरेलू सौर मॉड्यूल को प्राथमिकता देने के परिणामस्वरूप, अप्रूव्ड लिस्ट ऑफ मॉडल्स एंड मैन्युफैक्चरर्स (ALMM) के अंतर्गत पंजीकृत सौर पीवी मॉड्यूल क्षमता 2014 के 2.3 गीगावाट से बढ़कर 200 गीगावाट से अधिक हो गई है।

ग्रीन हाइड्रोजन की दिशा में कदम

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के ज़रिए बड़े पैमाने पर औद्योगिक डीकार्बोनाइज़ेशन को भी बढ़ावा दे रहा है। इस मिशन का लक्ष्य भारत को ग्रीन हाइड्रोजन और उससे जुड़े उत्पादों के उत्पादन, उपयोग और निर्यात के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। गौरतलब है कि यह मिशन भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा है। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में निवेश और रोज़गार दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अगले 200 गीगावाट की है — जो तकनीकी, वित्तीय और ग्रिड-एकीकरण की दृष्टि से कहीं अधिक जटिल होगी। सौर क्षमता का विस्फोट मुख्यतः बड़े उपयोगिता-स्तरीय प्रतिष्ठानों से आया है; वितरित और रूफटॉप सौर अभी भी अपेक्षाओं से पीछे है। ग्रीन हाइड्रोजन मिशन महत्वाकांक्षी है, किंतु उत्पादन लागत अभी भी वैश्विक प्रतिस्पर्धी स्तर से ऊपर बनी हुई है। बिना मज़बूत ट्रांसमिशन अवसंरचना और भंडारण समाधान के, क्षमता के आँकड़े वास्तविक ऊर्जा सुरक्षा में नहीं बदल सकते।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षमता 300 गीगावाट कब पार हुई?
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षमता 31 जुलाई 2026 तक 300 गीगावाट से अधिक हो गई। यह देश की कुल स्थापित ऊर्जा क्षमता 552 गीगावाट का लगभग 54 प्रतिशत है।
भारत का 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य क्या है और कितना पूरा हुआ?
भारत का 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य है। मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, यह लक्ष्य का 60 प्रतिशत पहले ही पूरा हो चुका है।
भारत में सौर ऊर्जा क्षमता कितनी बढ़ी है?
2014 में भारत की सौर ऊर्जा क्षमता मात्र 2.8 गीगावाट थी, जो 2026 तक बढ़कर लगभग 165 गीगावाट हो गई है — बारह वर्षों में लगभग 59 गुना की वृद्धि। वित्त वर्ष 2025-26 में अकेले 44.6 गीगावाट नई सौर क्षमता जोड़ी गई।
PLI योजना का सौर विनिर्माण पर क्या असर हुआ?
प्रोडक्शन लिंक्ड इन्सेंटिव (PLI) योजना के चलते ALMM के तहत पंजीकृत सौर पीवी मॉड्यूल क्षमता 2014 के 2.3 गीगावाट से बढ़कर 200 गीगावाट से अधिक हो गई है। इससे भारत की घरेलू सौर आपूर्ति श्रृंखला में आत्मनिर्भरता बढ़ी है।
नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन का उद्देश्य क्या है?
नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन का लक्ष्य भारत को ग्रीन हाइड्रोजन और उससे जुड़े उत्पादों के उत्पादन, उपयोग और निर्यात के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाना है। यह मिशन बड़े पैमाने पर औद्योगिक डीकार्बोनाइज़ेशन को भी बढ़ावा देता है।
राष्ट्र प्रेस
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