अनुच्छेद 370 बहाली पर BJP का डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी पर पलटवार, 'विकास पर हो बात, देश बाँटने की सोच छोड़ें'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं सुनील शर्मा और सतपाल शर्मा ने 27 अगस्त 2026 को जम्मू में जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी के उस बयान पर कड़ा पलटवार किया, जिसमें उन्होंने अनुच्छेद 370 को पुनः बहाल करने की बात कही थी। BJP नेताओं ने स्पष्ट कहा कि अनुच्छेद 370 और 35ए अब इतिहास का हिस्सा हैं और नेशनल कॉन्फ्रेंस को पुराने मुद्दों को उठाने के बजाय विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
मुख्य घटनाक्रम
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने हाल ही में कहा था कि अनुच्छेद 370 को वापस लाकर रहेंगे। इस बयान के तुरंत बाद विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि आज डिप्टी सीएम का आर्टिकल 370 को बहाल करने वाला बयान, उनके आका और पार्टी प्रमुख के प्रति उनकी वफादारी दिखाने की एक कोशिश है। ऐसी खबरें हैं कि सरकार भ्रष्टाचार और कामकाज के आधार पर कई मंत्रियों में फेरबदल कर रही है, इसलिए शायद यह बयान उनकी वफादारी दिखाने के लिए दिया गया है।'
सुनील शर्मा की तीखी प्रतिक्रिया
सुनील शर्मा ने कहा कि डिप्टी सीएम का बयान अत्यंत गंभीर है। उनके अनुसार, अनुच्छेद 370 को आतंकवाद और अलगाववाद की जड़ माना जाता है और इसे समाप्त करने के लिए वीर सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम के इस बयान ने उन शहीदों के बलिदान को शर्मसार किया है।
शर्मा ने यह भी कहा कि अनुच्छेद 370 के खात्मे के बाद जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण वातावरण बना है और कुर्सी तथा स्वार्थ के लिए इस तरह के बयान देना नौजवानों और सैनिकों के साथ अन्याय है। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस की तीन पीढ़ियों पर जम्मू-कश्मीर को रक्तरंजित करने का आरोप लगाया।
सतपाल शर्मा का 'एक भारत' पर जोर
BJP नेता सतपाल शर्मा ने कहा कि देश को बड़े हिस्सों में बाँटने की सोच उन आक्रांताओं और अंग्रेजों की 'डिवाइड एंड रूल' की नीति की याद दिलाती है। उन्होंने 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की अवधारणा का हवाला देते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक पहचान हर जगह दिखनी चाहिए।
सतपाल शर्मा ने उपमुख्यमंत्री को सलाह दी कि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यों पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि इतिहास के पन्नों में गुम हो चुकी बातें वापस नहीं आतीं और अनुच्छेद 370 तथा 35ए अब पुरानी बातें हो चुकी हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 को अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने निरस्त किया था, जिसके बाद जम्मू-कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था। तब से नेशनल कॉन्फ्रेंस सहित कई विपक्षी दल इसकी बहाली की माँग करते रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार में मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें तेज हैं।
आगे क्या
BJP और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच यह टकराव जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक बार फिर अनुच्छेद 370 को केंद्र में ले आया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है। दोनों पक्षों के रुख से स्पष्ट है कि जम्मू-कश्मीर की राजनीति में यह विषय लंबे समय तक प्रासंगिक बना रहेगा।