अनुच्छेद 370 बहाली पर सोज के बयान से भड़की BJP, केसवन ने कांग्रेस से माँगा स्पष्ट जवाब
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सी.आर. केसवन ने 16 जुलाई को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैफुद्दीन सोज के अनुच्छेद 370 की बहाली संबंधी बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। केसवन ने कहा कि सोज का यह बयान न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि पाकिस्तान के एजेंडे और उसके प्रचार को बल देने जैसा है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से इस विषय पर अपनी आधिकारिक स्थिति सार्वजनिक करने की माँग की।
विवाद की जड़: सोज का बयान
यह पूरा विवाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैफुद्दीन सोज के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि नेशनल कॉन्फ्रेंस को जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की माँग के साथ-साथ अनुच्छेद 370 की बहाली की माँग भी प्रमुखता से उठानी चाहिए। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न की।
BJP की तीखी प्रतिक्रिया
केसवन ने इस बयान के समय को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सोज की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब संसद का सत्र शुरू होने वाला है और कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी विदेश यात्रा से लौटे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सोज की राय कांग्रेस की आधिकारिक सोच का प्रतिनिधित्व करती है और राहुल गांधी को स्पष्ट करना चाहिए कि वे इस माँग से सहमत हैं या नहीं।
ऐतिहासिक संदर्भ: नेहरू, पटेल और अंबेडकर
BJP प्रवक्ता ने अनुच्छेद 370 को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की 'ऐतिहासिक भूल' करार दिया। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. भीमराव अंबेडकर भी इस प्रावधान के पक्ष में नहीं थे। केसवन के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 हटाकर इस ऐतिहासिक गलती को सुधारा और जम्मू-कश्मीर को पूर्ण रूप से भारत के साथ एकीकृत किया।
कांग्रेस के भीतर अलग-अलग सुर
केसवन ने कांग्रेस को आत्ममंथन की सलाह देते हुए याद दिलाया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने का स्वागत किया था और माना था कि इससे जम्मू-कश्मीर में विकास का रास्ता खुला है। यह तथ्य दर्शाता है कि इस मुद्दे पर कांग्रेस के भीतर एकमत नहीं है।
BJP की माँग: कांग्रेस अपना पक्ष स्पष्ट करे
केसवन ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर विकास की मुख्यधारा से जुड़ा है और 'नए भारत' की विकास यात्रा का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में बहाली की माँग को उन्होंने देशहित के विरुद्ध और सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देने वाला कदम बताया। BJP का कहना है कि देश की जनता को कांग्रेस की स्पष्ट स्थिति जानने का अधिकार है — कि वह सोज के बयान से सहमत है या उसका विरोध करती है।