गरीब चौपाल यात्रा: मोतिहारी में मांझी-सुमन की हुंकार, 'हम' ने महादलित अधिकार और आरक्षण वर्गीकरण पर भरी ललकार
सारांश
मुख्य बातें
हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) यानी 'हम' ने 30 अगस्त 2026 को मोतिहारी के बापू सभागार में आयोजित गरीब चौपाल यात्रा कार्यक्रम के ज़रिए गरीब, वंचित और महादलित समाज के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ को और मज़बूत करने का संकल्प दोहराया। इस कार्यक्रम में हज़ारों की संख्या में महादलित और वंचित वर्ग के लोग जुटे, जिसे पार्टी अपने संगठन विस्तार अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी बता रही है।
मांझी का संबोधन: एकजुटता और अधिकार की पुकार
पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री जीतन राम मांझी ने कार्यक्रम में कहा कि गरीब, वंचित और शोषित समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि संगठन के माध्यम से समाज को अपनी आवाज़ बुलंद करनी होगी।
मांझी ने कहा, 'आज़ादी के करीब 80 साल बाद भी समाज के बड़े हिस्से को अपने अधिकार और उचित हिस्सेदारी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।' उन्होंने अलग निर्वाचन मंडल की लंबे समय से लंबित माँग का समर्थन करते हुए इसे लागू करने की अपील की।
आरक्षण वर्गीकरण पर मांझी का रुख
मांझी ने 1 अगस्त 2024 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एससी-एसटी आरक्षण में वर्गीकरण को लेकर दिए गए फैसले का समर्थन किया। उन्होंने तर्क दिया कि जब अन्य राज्यों में आरक्षण के भीतर वर्गीकरण की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, तो बिहार में इसे लागू करने में देरी क्यों होनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई उन 18 महादलित जातियों और अन्य वंचित वर्गों के लिए है, जिन्हें आरक्षण का अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका है। उन्होंने कहा कि इन समुदायों को उचित हिस्सेदारी मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
सुमन की ललकार: 'कोटे में कोटा हमारा अधिकार'
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा गरीबों की आवाज़ बनने का काम कर रहा है। उन्होंने 'जिसकी जितनी संख्या, उसकी उतनी हिस्सेदारी' के सिद्धांत के आधार पर राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने की माँग की।
सुमन ने दो टूक कहा, 'कोटे में कोटा हमारा अधिकार है। हम किसी की धमकी से डरने वाले नहीं हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी का अधिकार छीनने के लिए नहीं, बल्कि आरक्षण के लाभ से वंचित लोगों को उनका उचित हिस्सा दिलाने के लिए है।
आम जनता पर असर और पार्टी की रणनीति
सुमन ने कहा कि गरीब समाज के बच्चों को अच्छी शिक्षा, रोज़गार और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अधिकार है। उन्होंने गरीब समाज से आह्वान किया कि वे अपनी संख्या को राजनीतिक ताकत में बदलें और केवल वोट देने तक सीमित रहने के बजाय सत्ता व शासन में अपनी हिस्सेदारी के लिए संगठित हों।
पार्टी ने यह भी घोषणा की कि वह गाँव-टोले तक जाकर लोगों की समस्याएँ सुनेगी और उनके आवेदन संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाएगी। सुमन ने चंपारण की धरती को गरीबों की राजनीतिक एकता की नई आवाज़ का केंद्र बताते हुए कहा कि गरीबों का समय आने वाला है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख नेता
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार, प्रधान महासचिव राजेश पाण्डेय, मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण, विधायक रोमित कुमार सिंह, विधायक प्रफुल्ल मांझी और महादलित आयोग के सदस्य मुकेश मांझी समेत पार्टी के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। गरीब चौपाल यात्रा का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा और पार्टी राज्यभर में इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी में है।