30 जुलाई 2026
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क्या सासाराम से मोतिहारी तक भारी जनसमर्थन मिला है? : कन्हैया कुमार

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क्या सासाराम से मोतिहारी तक भारी जनसमर्थन मिला है? : कन्हैया कुमार

सारांश

कन्हैया कुमार ने मोतिहारी में भारी जनसमर्थन की बात की। वोटर अधिकार यात्रा, जो सासाराम से शुरू हुई थी, महात्मा गांधी की धरती पर पहुंच चुकी है। क्या यह बदलाव का संकेत है?

मुख्य बातें

वोटर अधिकार यात्रा का समर्थन बढ़ता जा रहा है।
बिहार की जनता अपने वोट के अधिकार को समझती है।
कन्हैया कुमार ने बिहार सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
यह यात्रा सामाजिक बदलाव का संकेत देती है।
महात्मा गांधी की धरती पर यात्रा का महत्व।

मोतिहारी, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के 12वें दिन मोतिहारी पहुंचने पर कहा कि सासाराम से मोतिहारी तक जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सासाराम से शुरू हुई वोटर अधिकार यात्रा महात्मा गांधी की धरती मोतिहारी पहुंच चुकी है। यहां पर यात्रा को भरपूर समर्थन मिल रहा है।

उन्होंने बिहार की जनता को राजनीतिक रूप से जागरूक बताते हुए कहा कि लोग अपने वोट के अधिकार को समझते हैं और मानते हैं कि यह सरकार गरीबी नहीं हटा सकती, बिहार से अपराध को दूर नहीं कर सकती है। पलायन को नहीं रोक सकती है। महिलाओं को वो अधिकार नहीं दिए जा सकते हैं, जिनकी वो हकदार हैं। इसीलिए जनता बदलाव चाहती है।

कांग्रेस नेता ने बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह डबल इंजन की एनडीए सरकार नहीं है। यह गुंडाराज है। इस गुंडाराज से निजात पाने के लिए लोगों ने मन बना लिया है। वोट चोरी के मुद्दे पर जनता एकजुट है और जवाब देने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि यह लड़ाई संविधान बचाने की है। गरीबों को उनका हक दिलाने की है।

वोटर अधिकार यात्रा के उद्देश्य के बारे में कांग्रेस नेता ने कहा कि हम लोगों को इस यात्रा के माध्यम से उनके वोट के अधिकार से रूबरू करवा रहे हैं। इस यात्रा के जरिए हम उनकी समस्याओं के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ रहे हैं।

यात्रा के 12वें दिन राहुल गांधी ने सीतामढ़ी में माता जानकी की पूजा अर्चना की। वोटर अधिकार यात्रा 17 अगस्त को बिहार के सासाराम से शुरू हुई है।

16 दिन की यह यात्रा लगभग 20 जिलों से होकर गुजरेगी और 1,300 किलोमीटर का सफर पूरा करेगी। एक सितंबर को पटना में बड़ी रैली के साथ यात्रा का समापन होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

निश्चित ही आगामी चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यह यात्रा न केवल वोटर अधिकार को बढ़ावा दे रही है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी संकेत देती है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वोटर अधिकार यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगों को उनके वोट के अधिकार से जागरूक करना और उनकी समस्याओं से भावनात्मक रूप से जुड़ना है।
कन्हैया कुमार ने बिहार सरकार पर क्या आरोप लगाए?
कन्हैया कुमार ने बिहार सरकार पर गुंडाराज और वोट चोरी के मामलों में जनता की एकजुटता का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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