ऑस्कर का असली नाम क्या है? जानें विजेताओं के नियम और उनकी प्रतिमा का क्या होता है

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ऑस्कर का असली नाम क्या है? जानें विजेताओं के नियम और उनकी प्रतिमा का क्या होता है

सारांश

क्या आप जानते हैं कि ऑस्कर का असली नाम क्या है? जानें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से जुड़े रोचक तथ्य और नियम, जैसे कि विजेता अपनी प्रतिमा नहीं बेच सकते।

Key Takeaways

  • ऑस्कर का असली नाम एकेडमी अवॉर्ड ऑफ मेरिट है।
  • विजेताओं को अपनी ऑस्कर प्रतिमा नहीं बेचने का अधिकार नहीं है।
  • प्रतिमा की ऊँचाई 13.5 इंच और वजन 8.5 पाउंड है।
  • प्रतिमा ठोस ब्रॉन्ज से बनी होती है, जिस पर 24 कैरेट सोने की परत होती है।
  • नामकरण की कहानी मार्गरेट हेरिक से जुड़ी है।

लॉस एंजेलिस, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सिनेमा की दुनिया का सबसे बड़ा और सम्मानित कार्यक्रम ऑस्कर अवॉर्ड्स या 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स का भव्य आयोजन आज रात लॉस एंजेलिस के डॉल्बी थिएटर में होने जा रहा है। यह शाम वर्ष 2025 में प्रदर्शित सर्वश्रेष्ठ फिल्मों, अभिनेताओं, निर्देशकों और अन्य कलाकारों के उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करने का मौका होगा।

भारतीय दर्शक इसे सोमवार, 16 मार्च की सुबह लाइव देख सकेंगे। अमेरिका में यह समारोह 15 मार्च की शाम 7 बजे ईस्टर्न टाइम (ईटी) से शुरू होगा, जो भारत में सुबह 4:30 बजे (आईएसटी) से लाइव दिखेगा।

भारत में इसे जियोहॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर सुबह 4:30 बजे से लाइव स्ट्रीम किया जाएगा। इसके अलावा, स्टार मूवीज चैनल पर भी सुबह 4:30 बजे से इसका सीधा प्रसारण होगा। यदि आप सुबह इसे नहीं देख पाते हैं, तो जियोहॉटस्टार पर बाद में पूरा शो उपलब्ध रहेगा और स्टार मूवीज पर शाम 9 बजे इसका पुनः प्रसारण होगा।

ऑस्कर के बारे में कई दिलचस्प और कम ज्ञात तथ्य हैं। सबसे पहली बात इसके नाम को लेकर है। हम सब इसे ऑस्कर के नाम से जानते हैं, लेकिन इसका असली और आधिकारिक नाम एकेडमी अवॉर्ड ऑफ मेरिट है। यह उपनाम ऑस्कर इतना प्रसिद्ध हो गया कि आज पूरी दुनिया इसे इसी नाम से जानती है।

इस नामकरण की कहानी भी दिलचस्प है। 1930 के दशक में एकेडमी की लाइब्रेरियन (बाद में कार्यकारी निदेशक) मार्गरेट हेरिक ने पहली बार प्रतिमा को देखकर मजाक में कहा था कि यह उनके चाचा ऑस्कर जैसी दिखती है। यह नाम इतना पसंद आया कि 1934 में अखबारों में इसका इस्तेमाल होने लगा और 1939 में अकादमी ने इसे आधिकारिक रूप से अपना लिया। आज के समय में ऑस्कर शब्द फिल्म पुरस्कारों का पर्याय बन चुका है।

ऑस्कर से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण नियम भी हैं, जिनके अनुसार विजेताओं को अपनी ऑस्कर प्रतिमा नहीं बेचने का अधिकार है। 1951 से एकेडमी ने सख्त नियम बनाए हैं कि यदि कोई विजेता या उनके वारिस इस प्रतिमा को बेचना चाहें, तो उन्हें पहले इसे सिर्फ 1 डॉलर में एकेडमी को वापस ऑफर करना होगा। यह नियम ऑस्कर के सम्मान को बनाए रखने के लिए है ताकि यह कोई व्यापारिक वस्तु न बने। पुराने ऑस्कर बिक सकते हैं, लेकिन 1951 के बाद वाले नहीं।

प्रतिमा की विशेषताओं में इसकी ऊँचाई 13.5 इंच (लगभग 34 सेमी) और वजन 8.5 पाउंड (लगभग 3.85 किलो) शामिल हैं। यह ठोस ब्रॉन्ज से बनी होती है, जिस पर 24 कैरेट सोने की परत चढ़ाई जाती है। इसे हाथ में पकड़ने पर यह बहुत भारी लगती है।

Point of View

बल्कि दर्शकों के लिए भी एक प्रेरणा है। इस पुरस्कार की गरिमा को बनाए रखना आवश्यक है, और इसके नियम विजेताओं के लिए स्पष्टता प्रदान करते हैं।
NationPress
16/03/2026

Frequently Asked Questions

ऑस्कर का असली नाम क्या है?
ऑस्कर का असली और आधिकारिक नाम एकेडमी अवॉर्ड ऑफ मेरिट है।
क्या ऑस्कर की प्रतिमा बेची जा सकती है?
नहीं, विजेता अपनी ऑस्कर प्रतिमा को नहीं बेच सकते।
ऑस्कर पुरस्कार कब से शुरू हुए?
ऑस्कर पुरस्कार का आयोजन पहली बार 1929 में हुआ था।
ऑस्कर प्रतिमा का वजन कितना होता है?
ऑस्कर प्रतिमा का वजन लगभग 8.5 पाउंड (करीब 3.85 किलो) होता है।
ऑस्कर के विजेताओं को क्या नियम लागू होते हैं?
विजेताओं को अपनी प्रतिमा बेचने से पहले एकेडमी को 1 डॉलर में वापस ऑफर करना होता है।
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