अमेरिका ने ओमान में कार्यरत गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया

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अमेरिका ने ओमान में कार्यरत गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया

सारांश

पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण स्थिति के बीच, अमेरिका ने ओमान में नॉन-इमरजेंसी सरकारी कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते हमलों ने सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

मुख्य बातें

अमेरिका ने ओमान में गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों को निकाला है।
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव बढ़ रहा है।
इराक में अमेरिकी सैनिकों की संख्या में वृद्धि हुई है।
ईरान पर ड्रोन हमलों का आरोप है।
कुवैत में ड्रोन हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं।

नई दिल्ली, १५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में स्थितियों में अभी भी तनाव बना हुआ है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच हमले लगातार जारी हैं। इस संदर्भ में, अमेरिका ने ओमान में कार्यरत गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों को देश छोड़ने का निर्देश दिया है।

अमेरिकी राज्य विभाग ने सभी नॉन-इमरजेंसी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को सुरक्षा खतरों के कारण ओमान छोड़ने के लिए कहा है।

इसी बीच, गुरुवार को इराक में एक रिफ्यूलिंग विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से कई अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई। अमेरिकी रक्षा विभाग ने उन छह सेवा सदस्यों की पहचान की है, जो इस हादसे में मारे गए।

मारे गए सैनिकों में मेजर जॉन ए क्लिनर (33), कैप्टन एरियाना जी सैविनो (31), टेक्निकल सार्जेंट एश्ले बी प्रुइट (34), कैप्टन सेठ आर कोवल (38), कैप्टन कर्टिस जे एंगस्ट (30) और टेक्निकल सार्जेंट टायलर एच सिमंस (28) शामिल हैं। रक्षा विभाग ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

इस दुर्घटना के बाद, ईरान के खिलाफ युद्ध में मरने वाले अमेरिकी सैनिकों की संख्या अब तक कम से कम १३ हो गई है, जबकि अन्य सात सैनिक लड़ाई में हताहत हुए हैं। पेंटागन के अनुसार, लगभग १४० अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से आठ की चोटें गंभीर हैं।

ईरान के खतम अल-अनबिया मुख्यालय ने अमेरिका और इजरायल पर आरोप लगाया है कि वे क्षेत्र में हमलों के लिए ईरानी शाहेद ड्रोन और लुकास ड्रोन की नकल का उपयोग कर रहे हैं। ईरानी अधिकारियों ने यह भी कहा कि अमेरिका-इजरायल इन हमलों का दोष ईरानी सेना पर लगा रहे हैं।

आईआरआईबी ब्रॉडकास्टर के एक बयान में कमांड ने कहा, "हाल के दिनों में तुर्किए, कुवैत और इराक के केंद्रों पर हुए हमले के उदाहरण हैं, और इसका आरोप ईरानी सेना पर लगाया जा रहा है।"

बयान में कहा गया है कि इस रणनीति का उद्देश्य ईरानी सेना के "रक्षा, कानूनी और वैध कार्य" को कमजोर करना और तेहरान और उसके पड़ोसियों के बीच कलह उत्पन्न करना है।

कुवैती राष्ट्रीय गार्ड ने कहा है कि उसने पिछले २४ घंटों में पांच ड्रोन को मार गिराया है। इससे पहले, कुवैती अधिकारियों ने कहा था कि ड्रोन ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला किया, जिससे उसके रडार सिस्टम का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा, दो मिसाइलों ने अहमद अल-जबर एयरबेस के आस-पास हमला किया, जिसमें तीन सैनिक घायल हुए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक सुरक्षा पर भी गहरा असर डालता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने ओमान में अपने कर्मचारियों को क्यों निकाला?
अमेरिका ने सुरक्षा खतरों के कारण ओमान में नॉन-इमरजेंसी सरकारी कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है।
इराक में अमेरिकी सैनिकों की मृतक संख्या कितनी है?
इराक में रिफ्यूलिंग प्लेन क्रैश में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं।
ईरान पर आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं?
ईरान पर आरोप लगाया जा रहा है कि वह अमेरिका और इजरायल के हमलों में शामिल है और इसके लिए ड्रोन का उपयोग कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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