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इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर अमेरिकी रिफ्यूलिंग टैंकरों की तैनाती: नई जानकारी

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इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर अमेरिकी रिफ्यूलिंग टैंकरों की तैनाती: नई जानकारी

सारांश

तेल अवीव में अमेरिकी रिफ्यूलिंग टैंकरों की तैनाती ने ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को और बढ़ा दिया है। क्या यह एक बड़े सैन्य निर्णय का संकेत है?

मुख्य बातें

9 अमेरिकी रिफ्यूलिंग टैंकर इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर पहुंचे।
बेन गुरियन एयरपोर्ट पर अब 14 अमेरिकी रिफ्यूलर तैनात हैं।
अमेरिका ने गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों को इजरायल छोड़ने की सलाह दी है।
ट्रंप का मानना है कि ईरान अपनी न्यूक्लियर गतिविधियों को समाप्त करने के लिए गंभीर नहीं है।

तेल अवीव, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर पूरी दुनिया की नजर है। इस बीच, इजरायल के प्रसिद्ध बेन गुरियन हवाईअड्डे पर 9 अमेरिकी रिफ्यूलिंग टैंकर पहुंचने की सूचना मिली है। यह जानकारी इजरायली मीडिया द्वारा दी गई है।

एक रिपोर्ट में बताया गया है कि 'द टाइम्स ऑफ इजरायल' ने फुटेज और ओपन-सोर्स फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के आधार पर यह जानकारी दी है कि मध्य पूर्व में अमेरिका की सैन्य ताकत के तहत, कम से कम नौ अमेरिकी रिफ्यूलिंग टैंकर रातों-रात इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर पहुंचे।

इस सप्ताह, बेन गुरियन एयरपोर्ट पर कई अमेरिकी रिफ्यूलर और कार्गो प्लेन को देखा गया, और 11 एफ-22 स्टील्थ फाइटर जेट—लॉजिस्टिक सपोर्ट प्लेन और एयरक्रू के साथ—दक्षिणी इजरायल के ओवडा एयरबेस पर उतर चुके हैं।

अब, बेन गुरियन एयरपोर्ट पर कम से कम 14 अमेरिकी रिफ्यूलर तैनात हैं। यदि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर सैन्य हमले का आदेश देते हैं, तो ये टैंकर इजरायल के उत्तरी तट पर मौजूद यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर पर तैनात अमेरिकी फाइटर जेट की मदद कर सकते हैं।

इस बीच, ईरान पर संभावित हमले के खतरे को देखते हुए, अमेरिका ने गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को इजरायल छोड़ने की अनुमति दे दी है।

अमेरिकी विदेश विभाग की एडवाइजरी में कहा गया है कि अमेरिकी नागरिकों को "कमर्शियल फ्लाइट्स उपलब्ध होने तक इजरायल छोड़ने पर विचार करना चाहिए"। इसमें इजरायल के कुछ इलाकों की यात्रा न करने की भी सलाह दी गई है।

यह चेतावनी तब दी गई है जब तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का नतीजा अब तक नहीं निकला है। द गार्डियन के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि तेहरान अपनी न्यूक्लियर गतिविधियों को समाप्त करने के लिए गंभीर नहीं है, और यदि ऐसा हुआ तो वे ईरान पर हमला कर सकते हैं। इसके लिए उन्होंने कथित तौर पर दो कैरियर स्ट्राइक ग्रुप बनाए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्थिति क्षेत्र में सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेन गुरियन एयरपोर्ट पर कितने टैंकर पहुंचे हैं?
बेन गुरियन एयरपोर्ट पर कुल 9 अमेरिकी रिफ्यूलिंग टैंकर पहुंचे हैं।
क्या अमेरिका ईरान पर हमला करने की योजना बना रहा है?
यदि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर सैन्य हमले का आदेश देते हैं, तो ये टैंकर मदद कर सकते हैं।
अमेरिकी नागरिकों को क्या सलाह दी गई है?
अमेरिकी नागरिकों को इजरायल से निकलने की सलाह दी गई है, और कुछ इलाकों की यात्रा न करने की भी।
क्या ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत चल रही है?
हां, अमेरिका और ईरान के बीच न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत चल रही है, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है।
ट्रंप का ईरान के प्रति क्या दृष्टिकोण है?
ट्रंप का मानना है कि तेहरान अपनी न्यूक्लियर गतिविधियों को समाप्त करने के लिए गंभीर नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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