अमेरिका की कार्रवाई से ईरान में खामेनी शासन के खिलाफ उभरा जनजागरण, व्हाइट हाउस के बाहर रैली
सारांश
Key Takeaways
- ईरान में खामेनी शासन के खिलाफ जन जागरूकता बढ़ी है।
- व्हाइट हाउस के बाहर आयोजित रैली में हजारों लोगों ने भाग लिया।
- प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका से ईरान के लिए समर्थन मांगा।
- ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिका को चेतावनी दी है।
- इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों ने क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है।
नई दिल्ली, १५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ उठाए गए कदमों को कई लोग समर्थन दे रहे हैं। इस्लामिक शासन खामेनी के खिलाफ आवाज उठाने और अमेरिका की कार्रवाई के समर्थन में प्रदर्शनकारियों ने व्हाइट हाउस के बाहर एक रैली आयोजित की।
इन प्रदर्शनकारियों ने जो कभी ईरान में रहते थे, उन्होंने अमेरिकी मीडिया सीएनएन को बताया कि वे ट्रंप के हमलों को १९७९ से शासन कर रहे इस्लामिक शासन को गिराने का एक अवसर मानते हैं।
रैली में शामिल साइरस कियान ने कहा कि उन्होंने अपनी ज़िंदगी के पहले २५ साल ईरान में बिताए; यदि ट्रंप "आसमान से दबाव डालना" जारी रखते हैं, तो ईरानी लोग "इस शासन को समाप्त कर देंगे।" प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप का धन्यवाद किया। कुछ लोगों ने लाल रंग की टोपी पहनी थी, जिस पर "मेक ईरान ग्रेट अगेन" लिखा हुआ था।
प्रदर्शन के पीछे के संगठन, डीसी प्रोटेस्ट्स फॉर ईरान के वॉलंटियर रेजा मौसवी ने कहा, "राष्ट्रपति ने कहा था कि मदद आ रही है। उन्होंने एक वादा किया था और वह उस पर खरे उतरे।"
ईरानी शासन को समाप्त करने की मांग के साथ-साथ, व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शनकारियों ने ईरान के अंतिम शाह के निर्वासित बेटे रेजा पहलवी को अगला नेता बनाने का समर्थन किया।
एक वॉलंटियर मरजीह मिर्जासलेही ने कहा, "हम चाहते हैं कि हमारे शाह ईरान लौटें क्योंकि वे ही ईरान को फिर से महान बनाने में मदद कर सकते हैं।" मरजीह ने २००७ में ईरान छोड़ा था। कई प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी-ईरानी झंडे और पोस्टर पकड़े हुए थे, जिनमें पहलवी को ट्रंप के साथ दर्शाया गया था।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने शनिवार को एक चेतावनी जारी की, जिसमें अमेरिका से कहा गया कि वह अमेरिकी औद्योगिक संयंत्रों को इलाके से हटा दे। इसके साथ ही आईआरजीसी ने आम जनता से कहा है कि वे उन स्थानों को खाली कर दें, जहां अमेरिकी शेयरहोल्डर हैं, ताकि किसी भी खतरे या नुकसान से बचा जा सके।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पिछले दो दिनों में ईरानी बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है। ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि ईरान में गैर-सैन्य फैक्ट्रियों पर हुए हमलों में कई आम लोग मारे गए।