क्या बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' बदलाव की लहर ला रही है?

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क्या बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' बदलाव की लहर ला रही है?

सारांश

बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' के जरिए राहुल गांधी और तेजस्वी यादव मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस यात्रा ने जनता में नई जागरूकता और उत्साह का संचार किया है, जिससे राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना है।

Key Takeaways

  • वोटर अधिकार यात्रा ने बिहार में राजनीतिक जागरूकता बढ़ाई है।
  • राहुल गांधी और तेजस्वी यादव मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा कर रहे हैं।
  • यह यात्रा सरकार के खिलाफ जनता के असंतोष को उजागर कर रही है।
  • बिहार में भाजपा के खिलाफ एक बड़ा जनांदोलन उत्पन्न हो रहा है।
  • आगामी चुनावों में आदर्श आचार संहिता लागू होने की संभावना है।

अररिया, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' ने जनता के बीच अपार उत्साह उत्पन्न किया है। इस यात्रा के माध्यम से राहुल गांधी और तेजस्वी यादव मतदाताओं के अधिकारों के साथ-साथ 'वोट चोरी' जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर कर रहे हैं। इस यात्रा पर भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि जनता से मिल रही प्रतिक्रिया हमारी अपेक्षाओं से अधिक है। बिहार की जनता अब एक विकल्प की तलाश में है।

उन्होंने वर्तमान सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, "२० वर्षों से सत्ता पर काबिज सरकार से जनता का विश्वास मिट चुका है। ऐसा प्रतीत होता है कि बिहार में कोई सरकार ही नहीं है। सरकार की अक्षमता और विश्वासघात ने जनता को आक्रोशित कर दिया है। यह यात्रा जनता की नाराजगी को संगठित करने का एक मंच बन रही है। महागठबंधन बिहार में एक विकल्प के रूप में उभर रहा है।

कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने इस अभियान को आज़ादी की लड़ाई से जोड़ते हुए कहा, "बिहार की जनता मतदाताओं के अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर आई है। जिस तरह हमारे पूर्वजों ने आज़ादी की लड़ाई लड़ी थी, यह संघर्ष भी जनता के हक के लिए है। हम इस लड़ाई में जीत के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह यात्रा बिहार में बदलाव की शुरुआत है।"

अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा, "यह जनसैलाब बिहार की जागरूकता का प्रतीक है। राहुल गांधी लगातार जनता से संवाद कर रहे हैं। उन्होंने मखाना किसानों सहित समाज के हर वर्ग से मुलाकात की है। प्रेस कॉन्फ्रेंस और मीडिया के माध्यम से राहुल गांधी खुलकर जनता के सवालों का जवाब दे रहे हैं।"

उन्होंने वोटों की चोरी को बिहार का सबसे बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा, "जनता अब जाग चुकी है और बिहार से भाजपा का सफाया तय है।"

इसी क्रम में विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के अध्यक्ष मुकेश सहनी ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "हम जनता के अधिकारों और वोटों की चोरी जैसे गंभीर मुद्दों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। देश और राज्य में वोटों की चोरी से सरकारें बन रही हैं, जिसके खिलाफ हम जनता के साथ खड़े हैं।"

मुकेश सहनी ने आगे कहा कि अगले महीने आदर्श आचार संहिता लागू होने की संभावना है, जिसके साथ ही चुनावी माहौल और गर्माएगा। 'वोटर अधिकार यात्रा' बिहार में एक बड़े जनांदोलन का रूप ले रही है। यह यात्रा न केवल मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रही है, बल्कि सत्तारूढ़ सरकार के खिलाफ जनता के असंतोष को भी उजागर कर रही है। आने वाले समय में यह अभियान बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव का कारण बन सकता है।

Point of View

बल्कि यह सरकार के खिलाफ जनता के असंतोष को भी उजागर कर रही है। ऐसे समय में जब लोग विकल्प की तलाश में हैं, यह यात्रा बिहार की राजनीतिक दिशा को बदलने की क्षमता रखती है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

वोटर अधिकार यात्रा का उद्देश्य क्या है?
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना और वोट चोरी की समस्या को उजागर करना है।
इस यात्रा में कौन-कौन से नेता शामिल हैं?
इस यात्रा में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं।
यह यात्रा कब शुरू हुई?
यह यात्रा २४ अगस्त को शुरू हुई थी।
क्या यह यात्रा बिहार में राजनीतिक बदलाव ला सकती है?
हाँ, यह यात्रा बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना को जन्म दे सकती है।
इस यात्रा का लोगों पर क्या असर हो सकता है?
यह यात्रा लोगों में जागरूकता बढ़ा सकती है और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सचेत कर सकती है।