19 अगस्त 2026
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हिमाचल को PM की घोषित ₹1,500 करोड़ की राशि का इंतजार: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू

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हिमाचल को PM की घोषित ₹1,500 करोड़ की राशि का इंतजार: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू

सारांश

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने CWC बैठक के दौरान साफ कहा — PM की घोषित ₹1,500 करोड़ की राशि अभी तक नहीं मिली। प्रदेश के कई जिले भारी बारिश और सूखे की दोहरी मार झेल रहे हैं, और केंद्रीय सहायता का इंतजार राहत कार्यों की रफ्तार तय करेगा।

मुख्य बातें

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 19 अगस्त को नई दिल्ली में CWC बैठक के दौरान यह बयान दिया।
प्रधानमंत्री द्वारा घोषित ₹1,500 करोड़ की सहायता राशि अभी तक राज्य को जारी नहीं हुई है।
किन्नौर, ऊना, कांगड़ा, सोलन, हमीरपुर, चंबा और मंडी सहित कई जिलों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित।
कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा तो कुछ में सूखे जैसे हालात — मुख्यमंत्री ने इसे जलवायु परिवर्तन का प्रभाव बताया।
मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट कर नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 19 अगस्त को नई दिल्ली में कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा हिमाचल प्रदेश के लिए घोषित ₹1,500 करोड़ की सहायता राशि अभी तक जारी नहीं हुई है और राज्य सरकार इसके मिलने का इंतजार कर रही है। वे कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में भाग लेने दिल्ली पहुंचे थे, जहाँ उन्होंने प्रदेश की मौसमी आपदाओं और राहत कार्यों पर विस्तार से बात की।

CWC बैठक में भागीदारी

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा, CWC कांग्रेस की सर्वोच्च नीति-निर्धारक संस्था है और इस बैठक में देश की राजनीतिक स्थिति, आर्थिक हालात और अन्य अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी उद्देश्य से वे दिल्ली आए हैं।

हिमाचल में मौसम की मार और आपदा की स्थिति

प्रदेश की मौजूदा स्थिति पर सुक्खू ने बताया कि इस वर्ष हिमाचल में मानसून असमान रहा है। कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा से नुकसान हुआ है, जबकि कुछ इलाकों में लगभग न के बराबर बारिश हुई है, जिससे सूखे जैसे हालात बन गए हैं। उन्होंने इसे जलवायु परिवर्तन के व्यापक प्रभाव से जोड़ते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश हमेशा से आपदा-संवेदनशील क्षेत्र रहा है और राज्य सरकार मानसून के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सदैव तैयार रहती है।

उन्होंने यह भी बताया कि किन्नौर, ऊना, कांगड़ा, सोलन, हमीरपुर, चंबा और मंडी सहित कई जिलों में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें अलर्ट पर हैं तथा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी हैं।

₹1,500 करोड़ की केंद्रीय सहायता का इंतजार

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के लिए ₹1,500 करोड़ की सहायता राशि की घोषणा की थी। उन्होंने कहा, 'हम इस रकम के जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह राशि मिल जाएगी, जिससे प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में राज्य को बहुत मदद मिलेगी।' यह राशि अभी तक केंद्र से राज्य को हस्तांतरित नहीं हुई है।

जनता से सतर्कता की अपील

मुख्यमंत्री ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर प्रदेशवासियों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा मौसम विभाग एवं स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की सलाह दी गई।

आगे की राह

हिमाचल प्रदेश सरकार केंद्र से ₹1,500 करोड़ की प्रतीक्षित राशि के जारी होने के बाद प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण और राहत कार्यों को तेज करने की योजना बना रही है। मानसून की अनिश्चितता को देखते हुए राज्य प्रशासन की नजर मौसम के हर बदलाव पर बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ घोषणाएँ तत्काल होती हैं लेकिन राशि का हस्तांतरण महीनों खिंचता है — और यह समस्या किसी एक सरकार तक सीमित नहीं रही है। हिमाचल जैसे आपदा-संवेदनशील पहाड़ी राज्य के लिए यह देरी सीधे राहत और पुनर्निर्माण की गति को प्रभावित करती है। यह भी उल्लेखनीय है कि सुक्खू ने केंद्र की आलोचना से बचते हुए 'उम्मीद' का शब्द चुना — जो राजनीतिक संयम तो दिखाता है, लेकिन जवाबदेही का सवाल खुला छोड़ता है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश के लिए PM द्वारा घोषित ₹1,500 करोड़ की राशि क्या है?
प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए ₹1,500 करोड़ की केंद्रीय सहायता राशि की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के अनुसार, यह राशि 19 अगस्त तक राज्य को जारी नहीं हुई थी।
हिमाचल प्रदेश में मानसून 2025 की स्थिति कैसी है?
इस वर्ष हिमाचल में मानसून असमान रहा है — किन्नौर, ऊना, कांगड़ा, सोलन, हमीरपुर, चंबा और मंडी जैसे जिलों में भारी बारिश से नुकसान हुआ है, जबकि कुछ क्षेत्रों में सूखे जैसे हालात हैं। मुख्यमंत्री ने इसे जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से जोड़ा है।
सुखविंदर सिंह सुक्खू CWC बैठक में क्यों शामिल हुए?
CWC (कांग्रेस वर्किंग कमेटी) कांग्रेस की सर्वोच्च नीति-निर्धारक संस्था है। सुक्खू 19 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक में देश की राजनीतिक स्थिति और अन्य अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए शामिल हुए।
हिमाचल सरकार ने आपदा प्रबंधन के लिए क्या कदम उठाए हैं?
राज्य सरकार ने प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमों को अलर्ट पर रखा है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों से दूर रहने और मौसम विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
₹1,500 करोड़ मिलने के बाद हिमाचल सरकार क्या करेगी?
मुख्यमंत्री सुक्खू के अनुसार, यह राशि मिलने के बाद प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्निर्माण कार्यों को तेज किया जाएगा। राज्य सरकार इस केंद्रीय सहायता को आपदा प्रबंधन के लिए अहम मान रही है।
राष्ट्र प्रेस
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