3 अक्टूबर 2026
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अमित शाह का ऐलान: 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाएंगे, नक्सलवाद पूरी तरह खत्म

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अमित शाह का ऐलान: 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाएंगे, नक्सलवाद पूरी तरह खत्म

सारांश

भोपाल के गौपालक सम्मेलन में गृह मंत्री अमित शाह ने एक साथ तीन बड़े दावे किए — नक्सलवाद का अंत, 2029 तक नशामुक्त भारत का लक्ष्य, और नई न्याय संहिता से 3 साल में सजा का वादा। यह तीनों संकल्प मिलकर सरकार की 'सुरक्षित और आधुनिक भारत' की कथा को आकार दे रहे हैं।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 3 अक्टूबर 2026 को भोपाल में घोषणा की कि भारत में नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो चुका है।
सरकार का लक्ष्य 31 दिसंबर 2029 तक पूरे देश और मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाना है।
मध्य प्रदेश में लगभग 50 एकड़ भूमि पर गौवंश नस्ल सुधार के ज़रिए अगले तीन वर्षों में 50 लाख लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन का लक्ष्य।
भारतीय न्याय संहिता में एफआईआर के बाद 3 वर्षों के भीतर दोषी को सजा दिलाने का प्रावधान किया गया है।
नई संहिता में ऑनलाइन एफआईआर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और FSL प्रावधान शामिल हैं; महिला सुरक्षा और लिंचिंग-रोधी व्यवस्था भी जोड़ी गई है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 3 अक्टूबर 2026 को भोपाल में आयोजित गौपालक सम्मेलन में घोषणा की कि देश में नक्सलवाद की समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो चुकी है और अब सरकार का अगला बड़ा लक्ष्य 31 दिसंबर 2029 तक पूरे भारत को नशामुक्त बनाना है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दिए गए इस संबोधन को एक महत्त्वपूर्ण नीतिगत संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

नशामुक्ति का संकल्प

शाह ने नागरिकों से अपील की कि वे मध्य प्रदेश को 31 दिसंबर 2029 तक पूर्णतः नशामुक्त प्रदेश बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ें और सरकार के प्रयासों में सक्रिय सहयोग दें। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति के लिए सभी संभव योजनाएँ तैयार की जाएंगी और इससे देश-प्रदेश के युवाओं को नई दिशा मिलेगी।

गौरतलब है कि नशाखोरी से जुड़ी समस्याएँ लंबे समय से युवा पीढ़ी को प्रभावित कर रही हैं और यह पहली बार है जब केंद्र सरकार ने 2029 की स्पष्ट समयसीमा के साथ नशामुक्त भारत का लक्ष्य सार्वजनिक रूप से घोषित किया है।

नक्सलवाद के अंत की घोषणा

शाह ने दावा किया कि देश अब नक्सलवाद की समस्या से हमेशा के लिए मुक्त हो गया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय सुरक्षा बलों ने पिछले कई वर्षों में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाए हैं।

गौपालन और दूध उत्पादन पर जोर

सम्मेलन में शाह ने मध्य प्रदेश में लगभग 50 एकड़ भूमि पर गौवंश एवं भैंसों की नस्ल सुधार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से राज्य अगले तीन वर्षों में 50 लाख लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन का लक्ष्य हासिल करेगा।

नई न्याय संहिता पर प्रकाश

शाह ने बताया कि सम्मेलन में न्याय संहिता प्रदर्शनी का भी शुभारंभ हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने औपनिवेशिक युग के कई कानूनों को समाप्त कर भारतीय न्याय संहिता लागू की है, जिसमें एफआईआर दर्ज होने के बाद 3 वर्षों के भीतर दोषी को सजा दिलाने का प्रावधान है।

शाह ने कहा कि नई संहिता में ऑनलाइन एफआईआर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) के प्रावधान और आधुनिक वैज्ञानिक उपाय शामिल किए गए हैं। इसमें महिला सुरक्षा, आतंकवाद और लिंचिंग से सुरक्षा के भी प्रावधान हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई न्याय संहिता का मूल उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि न्याय दिलाना है।

आगे की राह में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि नशामुक्ति के लिए घोषित योजनाओं का ब्यौरा कब और किस रूप में सामने आता है, और इनके क्रियान्वयन की निगरानी किस तंत्र के माध्यम से होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे स्वतंत्र सुरक्षा विशेषज्ञों की पुष्टि की ज़रूरत है — विशेषकर जब छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ क्षेत्रों में산산 산चुनौतियाँ अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुई हैं। नशामुक्ति का 2029 का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, पर यह नया नहीं है — ऐसे संकल्प पहले भी लिए जा चुके हैं, और इस बार ठोस रोडमैप और जवाबदेही तंत्र की अनुपस्थिति चिंताजनक है। न्याय संहिता की '3 साल में सजा' की समयसीमा न्यायपालिका पर बड़ी जिम्मेदारी डालती है — जो पहले से लंबित मामलों के बोझ तले दबी है। असली परीक्षा यह होगी कि इन तीनों लक्ष्यों के लिए संसाधन, निगरानी तंत्र और जवाबदेही का ढाँचा कितनी जल्दी और कितना पारदर्शी रूप से सामने आता है।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह ने 2029 तक नशामुक्त भारत का लक्ष्य कब और कहाँ घोषित किया?
गृह मंत्री अमित शाह ने यह लक्ष्य 3 अक्टूबर 2026 को भोपाल में आयोजित गौपालक सम्मेलन में घोषित किया। उन्होंने 31 दिसंबर 2029 तक भारत और मध्य प्रदेश को पूर्णतः नशामुक्त बनाने का संकल्प व्यक्त किया।
क्या वाकई देश में नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो गया है?
अमित शाह ने भोपाल सम्मेलन में दावा किया कि देश अब नक्सलवाद की समस्या से हमेशा के लिए मुक्त हो गया है। हालाँकि यह सरकार का आधिकारिक दावा है; स्वतंत्र सुरक्षा विशेषज्ञों द्वारा इसकी पुष्टि अभी बाकी है।
भारतीय न्याय संहिता में 3 साल में सजा का क्या प्रावधान है?
शाह के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता में यह व्यवस्था की गई है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद 3 वर्षों के भीतर दोषी को सजा दिलाई जाएगी। इसमें ऑनलाइन एफआईआर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और फॉरेंसिक साइंस लैब के प्रावधान भी शामिल हैं।
मध्य प्रदेश में दूध उत्पादन के लिए क्या लक्ष्य रखा गया है?
शाह ने बताया कि लगभग 50 एकड़ भूमि पर गौवंश और भैंसों की नस्ल सुधार कार्यक्रम के ज़रिए मध्य प्रदेश अगले तीन वर्षों में 50 लाख लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन का लक्ष्य हासिल करेगा।
नई न्याय संहिता पुरानी व्यवस्था से किस प्रकार अलग है?
शाह के अनुसार, पुरानी व्यवस्था में न्याय मिलने में अत्यधिक देरी होती थी जिसे 'तारीख-पे-तारीख' कहा जाता था। नई भारतीय न्याय संहिता में न्याय को केंद्र में रखा गया है, दंड को नहीं; इसमें आधुनिक तकनीकी प्रावधान, महिला सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी उपाय भी जोड़े गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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