22 सितंबर 2026
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अमित शाह का ऐलान: जिला बनेगा नशे के खिलाफ लड़ाई की मूल इकाई, 2029 तक ड्रग-मुक्त भारत का संकल्प

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अमित शाह का ऐलान: जिला बनेगा नशे के खिलाफ लड़ाई की मूल इकाई, 2029 तक ड्रग-मुक्त भारत का संकल्प

सारांश

अमित शाह ने ANTF के तीसरे सम्मेलन में नशे के खिलाफ जंग को नई धार दी — जिले को मूल इकाई, 2029 की डेडलाइन और 100 से ज्यादा लक्ष्यों वाला विजन डॉक्यूमेंट। अब सिर्फ जब्ती नहीं, नेटवर्क ध्वस्त करना है असली लक्ष्य।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने 22 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में ANTF के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया।
31 दिसंबर 2029 तक भारत से नशे के व्यापार को जड़ से समाप्त करने का संकल्प दोहराया।
विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 में 35 से अधिक विभागों की भागीदारी से 100 से अधिक लक्ष्य निर्धारित।
1 लाख नशामुक्त मित्र के लक्ष्य में अब तक 46,780 पंजीकृत; 10 लाख स्कूलों-कॉलेजों में जागरूकता का लक्ष्य।
लखनऊ और देहरादून में NCB के नए जोनल कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी गई।
जिलों को तीन क्लस्टर में बाँटने और कार्टेल पर तीन स्तरों पर एकसाथ प्रहार की रणनीति घोषित।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 22 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए स्पष्ट किया कि 31 दिसंबर 2029 तक भारत से नशे के व्यापार को जड़ से समाप्त करना सरकार का सर्वोच्च लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में जिले को मूल इकाई बनाना होगा और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।

सम्मेलन में क्या हुआ

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ANTF प्रमुख, संबंधित सरकारी विभागों और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। शाह ने इस अवसर पर मादक पदार्थों के विरुद्ध जागरूकता फैलाने वाले टेलीविजन कमर्शियल (TVC) का लॉन्च किया तथा लखनऊ और देहरादून में NCB के नए जोनल कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी। NCB की नवीनीकृत वेबसाइट का शुभारंभ भी इसी कार्यक्रम में किया गया। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ANTF को सम्मानित किया गया।

विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029: चार स्तंभ, 100 से अधिक लक्ष्य

शाह ने बताया कि विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 को 35 से अधिक विभागों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद तैयार किया गया है और इसमें 100 से अधिक लक्ष्य चार स्तंभों में विभाजित हैं — इंटेलिजेंस एवं ऑपरेशन-आधारित एनफोर्समेंट, प्रीकर्सर और सिंथेटिक ड्रग पर नियंत्रण, डिमांड और हार्म रिडक्शन तथा क्षमता निर्माण एवं समन्वय। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज इस लड़ाई में शामिल सभी के लिए मार्गदर्शक है।

विजन डॉक्यूमेंट में 1 लाख नशामुक्त मित्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके अंतर्गत अब तक विभिन्न मंत्रालयों ने 46,780 नशामुक्त मित्र पंजीकृत किए हैं। आने वाले दिनों में ये मित्र देशभर के 10 लाख स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों में जाकर युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करेंगे।

जिला-केंद्रित रणनीति और कार्टेल पर तीन-स्तरीय प्रहार

गृह मंत्री ने कहा कि जिलों को तीन श्रेणियों में बाँटा जाएगा — ड्रग उत्पादन या देश में प्रवेश देने वाले जिले, ट्रांसपोर्टेशन कॉरिडोर वाले जिले और उपभोग वाले जिले। कार्टेल पर एंट्री पॉइंट, अंतरराज्यीय डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और जिलों के लोकल नेटवर्क — इन तीन स्तरों पर एक साथ प्रहार किया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि जब्ती-केंद्रित दृष्टिकोण की जगह नेटवर्क ध्वस्त करना प्राथमिकता होनी चाहिए।

शाह ने सिंथेटिक ड्रग्स, प्रीकर्सर केमिकल्स का डायवर्जन, डार्कनेट, क्रिप्टो, डेड ड्रॉप डिलीवरी और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क जैसी उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए हर राज्य में 'आउट ऑफ बॉक्स' सोचने वाले अधिकारियों की विशेष टीम बनाने का आह्वान किया।

युवाशक्ति और विकसित भारत 2047 का संदर्भ

शाह ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य तभी संभव है जब देश की युवाशक्ति नशे से मुक्त हो। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है, इसीलिए ड्रग्स का खतरा यहाँ सर्वाधिक गंभीर है। उन्होंने एक भावुक अपील करते हुए कहा कि नशे से पीड़ित किसी युवा के परिजनों से एक बार मिलें — तभी इस लड़ाई की तीव्रता समझ में आएगी।

आगे की राह: मीटिंग से मिशन, केस से कनविक्शन

गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब 'मीटिंग से मिशन, रिपोर्टिंग से रिजल्ट, सीजर से नेटवर्क की समाप्ति और केस से कनविक्शन' की ओर बढ़ना है। उन्होंने PITNDPS (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) के उपयोग को बढ़ाने, विदेश में बैठे ड्रग तस्करों को प्रत्यर्पित करने और भारत में मौजूद विदेशी आरोपियों को ब्लैकलिस्ट करने का आह्वान किया। यह सम्मेलन अगले तीन वर्षों की कार्ययोजना को निर्णायक दिशा देने का मंच बनेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल जवाबदेही के तंत्र का है — पिछले वर्षों में भी जब्ती के आँकड़े बढ़े, पर नेटवर्क टूटे नहीं। विजन डॉक्यूमेंट में 100 से अधिक लक्ष्य तब तक कागजी रहेंगे जब तक राज्य पुलिस, NCB और न्यायपालिका के बीच डेटा-साझेदारी की बाधाएँ दूर नहीं होतीं। 'केस से कनविक्शन' का नारा तभी फलेगा जब अभियोजन की दर में वास्तविक सुधार हो — जो अभी भी चिंताजनक रूप से कम है। यह सम्मेलन एक सही दिशा में उठाया गया कदम है, पर इसकी सफलता का पैमाना वार्षिक समीक्षा में दिखने वाले ज़मीनी नतीजे होंगे, न कि उद्घाटन समारोहों की संख्या।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ANTF के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में क्या हुआ?
22 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह ने 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ANTF प्रमुखों के साथ दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान ड्रग-विरोधी TVC लॉन्च, लखनऊ और देहरादून में NCB जोनल कॉम्प्लेक्स की आधारशिला, और NCB की नई वेबसाइट का शुभारंभ भी हुआ।
विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 क्या है?
यह नशे के खिलाफ भारत सरकार का व्यापक रोडमैप है, जिसे 35 से अधिक विभागों के साथ चर्चा के बाद तैयार किया गया है। इसमें चार स्तंभों के अंतर्गत 100 से अधिक निर्धारित लक्ष्य और समयसीमा तय की गई है, जिनकी समीक्षा भी होगी।
नशामुक्त भारत 2029 का लक्ष्य कैसे हासिल किया जाएगा?
सरकार ने जिला-केंद्रित रणनीति अपनाई है — जिलों को तीन श्रेणियों में बाँटकर उत्पादन, ट्रांसपोर्ट और उपभोग के स्तर पर एकसाथ कार्रवाई होगी। इसके अलावा 1 लाख नशामुक्त मित्रों का नेटवर्क, सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण और डार्कनेट जैसी नई चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष टीमें बनाई जाएंगी।
नशामुक्त मित्र अभियान क्या है और इसकी वर्तमान स्थिति क्या है?
विजन डॉक्यूमेंट में 1 लाख नशामुक्त मित्र पंजीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक विभिन्न मंत्रालयों ने 46,780 नशामुक्त मित्र पंजीकृत किए हैं, जो देश के 10 लाख स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों में जाकर युवाओं को जागरूक करेंगे।
NCB के नए जोनल कॉम्प्लेक्स कहाँ बनेंगे और इनका क्या महत्व है?
NCB के नए जोनल कॉम्प्लेक्स लखनऊ और देहरादून में बनाए जाएंगे, जिनकी आधारशिला 22 सितंबर 2026 को अमित शाह ने रखी। ये कॉम्प्लेक्स उत्तर भारत में नशा-विरोधी अभियानों की परिचालन क्षमता और समन्वय को मजबूत करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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