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अमित शाह 22 सितंबर को ANTF प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का करेंगे उद्घाटन, नशामुक्त भारत पर मंथन

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अमित शाह 22 सितंबर को ANTF प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का करेंगे उद्घाटन, नशामुक्त भारत पर मंथन

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह 22 सितंबर को 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ANTF प्रमुखों को एक मंच पर लाएंगे — डार्कनेट तस्करी, सिंथेटिक ड्रग्स और कार्टेल उन्मूलन से लेकर विकसित भारत 2047 के सपने को 'नशामुक्त भारत' से जोड़ने तक, यह सम्मेलन नशा नियंत्रण रणनीति का नया अध्याय लिखने की कोशिश है।

मुख्य बातें

अमित शाह 22 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में ANTF प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।
36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ANTF प्रमुख व सरकारी विभागों के प्रतिनिधि सम्मेलन में भाग लेंगे।
लखनऊ और देहरादून में NCB के नए जोनल कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी जाएगी।
सम्मेलन नारकोटिक्स नियंत्रण विजन डॉक्यूमेंट (2026-29) के लक्ष्यों की समीक्षा पर केंद्रित होगा।
एजेंडे में ड्रग कार्टेल उन्मूलन, डार्कनेट , क्रिप्टो जाँच और सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण शामिल है।
मादक पदार्थ जागरूकता TVC और पुनर्निर्मित NCB वेबसाइट का भी शुभारंभ होगा।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 22 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर वह मादक पदार्थों के विरुद्ध जन-जागरूकता के लिए तैयार टेलीविजन कमर्शियल (TVC) का विमोचन भी करेंगे। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय आयोजन देशभर में नशे के विरुद्ध समन्वित रणनीति को धार देने का प्रयास है।

सम्मेलन में क्या होगा खास

गृह मंत्रालय के अनुसार, शाह इस कार्यक्रम में लखनऊ और देहरादून में NCB के नए जोनल कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखेंगे। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ANTF को सम्मानित किया जाएगा और पुनर्निर्मित NCB वेबसाइट का शुभारंभ भी किया जाएगा। सम्मेलन में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ANTF प्रमुखों के साथ-साथ संबंधित सरकारी विभागों और हितधारकों के प्रतिनिधि सहभागिता करेंगे।

विजन डॉक्यूमेंट और रणनीतिक स्तंभ

'सामूहिक संकल्प, साझा दायित्व' थीम पर आधारित यह सम्मेलन हाल ही में जारी नारकोटिक्स नियंत्रण विजन डॉक्यूमेंट (2026-29) में तय लक्ष्यों की प्रगति की समीक्षा करेगा। विजन डॉक्यूमेंट के चार रणनीतिक स्तंभों — प्रवर्तन, प्रीकर्सर एवं सिंथेटिक ड्रग्स नियंत्रण, डिमांड और हार्म रिडक्शन, तथा क्षमता निर्माण एवं समन्वय — के आधार पर आठ तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में ड्रग कार्टेल को तोड़ने, सिंथेटिक ड्रग्स और गुप्त प्रयोगशालाओं से निपटने तथा डार्कनेट और क्रिप्टो जाँच से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श होगा।

सरकार की प्राथमिकताएँ

सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री शाह के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार देश के युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। सरकार का तर्क है कि 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य की प्राप्ति 'नशामुक्त भारत' के निर्माण के बिना संभव नहीं है। गौरतलब है कि यह तीसरा ऐसा राष्ट्रीय सम्मेलन है, जो नशा नियंत्रण तंत्र को केंद्र-राज्य समन्वय की धुरी पर मज़बूत करने की निरंतर कोशिश को दर्शाता है।

एजेंडे में अहम मुद्दे

सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में नेटवर्क लिंकेज एवं कार्टेल उन्मूलन, प्रवर्तन की प्रभावशीलता सुधार, प्रीकर्सर रसायनों पर नियंत्रण तथा अवैध नशीली फसलों के विनाश एवं किसानों को वैकल्पिक फसलों की ओर प्रोत्साहित करने जैसे महत्त्वपूर्ण विषय शामिल हैं। इस प्रकार सम्मेलन केवल कानून-प्रवर्तन तक सीमित नहीं, बल्कि नशे की माँग में कमी और सामाजिक पुनर्वास की दिशा में भी ठोस रोडमैप तैयार करने का मंच बनेगा।

आगे की राह

दो दिवसीय सम्मेलन के निष्कर्ष विजन डॉक्यूमेंट (2026-29) के क्रियान्वयन को गति देंगे और राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों के बीच खुफिया साझेदारी व संयुक्त अभियानों के लिए नया ढाँचा तैयार करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि डार्कनेट और क्रिप्टो-आधारित तस्करी जैसे उभरते खतरों से निपटने के लिए तकनीकी क्षमता निर्माण अब केंद्रीय चुनौती बन चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जमीनी परिणाम अभी भी मिश्रित हैं। सिंथेटिक ड्रग्स और डार्कनेट तस्करी को एजेंडे में शामिल करना दर्शाता है कि खतरे का स्वरूप बदल रहा है और परंपरागत सीमा-प्रवर्तन पर्याप्त नहीं रहा। असली परीक्षा यह होगी कि क्या आठ तकनीकी सत्रों के निष्कर्ष वास्तविक इंटर-एजेंसी क्षमता निर्माण में बदलेंगे, या ये घोषणाएँ एक और विजन डॉक्यूमेंट तक सिमट कर रह जाएंगी।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ANTF प्रमुखों का तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन क्या है?
यह NCB द्वारा आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन है जिसमें 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स प्रमुख एकत्रित होते हैं। इसका उद्देश्य देशभर में नशा नियंत्रण रणनीति की समीक्षा और समन्वय करना है।
22 सितंबर के सम्मेलन में अमित शाह क्या-क्या घोषणाएँ करेंगे?
अमित शाह लखनऊ और देहरादून में NCB के नए जोनल कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखेंगे, मादक पदार्थ जागरूकता TVC का विमोचन करेंगे और पुनर्निर्मित NCB वेबसाइट लॉन्च करेंगे। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले ANTF को सम्मानित भी किया जाएगा।
नारकोटिक्स नियंत्रण विजन डॉक्यूमेंट (2026-29) क्या है?
यह केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में जारी रोडमैप है जो नशा नियंत्रण के लिए चार रणनीतिक स्तंभों — प्रवर्तन, सिंथेटिक ड्रग्स नियंत्रण, डिमांड-हार्म रिडक्शन और क्षमता निर्माण — पर आधारित है। यह सम्मेलन इसी डॉक्यूमेंट के लक्ष्यों की प्रगति की समीक्षा करेगा।
सम्मेलन में डार्कनेट और क्रिप्टो का मुद्दा क्यों शामिल है?
डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी के ज़रिए ड्रग तस्करी एक उभरती चुनौती बन गई है जिससे परंपरागत सीमा-प्रवर्तन तंत्र अकेले नहीं निपट सकता। इसलिए सम्मेलन के एजेंडे में इससे जुड़ी जाँच तकनीकों और अंतर-एजेंसी समन्वय को प्राथमिकता दी गई है।
'नशामुक्त भारत' और 'विकसित भारत 2047' का क्या संबंध है?
सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति तब तक संभव नहीं जब तक देश नशे के दुष्चक्र से मुक्त नहीं होता। इसी आधार पर नशा नियंत्रण को राष्ट्रीय विकास एजेंडे का अभिन्न हिस्सा बनाया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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