नक्सल-मुक्त भारत पर BJP सांसद मनन मिश्रा बोले — अमित शाह के नेतृत्व में ऐतिहासिक सफलता
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद मनन कुमार मिश्रा ने 20 मई 2026 को 'नक्सल-मुक्त भारत' की घोषणा पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद का खात्मा देश के इतिहास की एक निर्णायक उपलब्धि है। उन्होंने साथ ही कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती शासन में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को जानबूझकर विकास से वंचित रखा गया।
मुख्य घटनाक्रम
मिश्रा ने कहा, 'नक्सलवाद देश को अंदर से खोखला कर रहा था। यह एक बहुत ही गंभीर समस्या थी। हमारे कुछ राज्य, जिनमें छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्से शामिल हैं, विनाश की ओर बढ़ रहे थे। इससे आदिवासी क्षेत्रों का विकास नहीं हो पा रहा था। कांग्रेस ने लगातार इस समस्या को बढ़ावा दिया।'
उन्होंने आगे कहा, 'नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र में विकास, लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें शिक्षा व बिजली-पानी की सुविधा देने के बजाय कांग्रेस ने लगातार नक्सलियों को बढ़ावा दिया। हमारे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद को खत्म करने का काम हुआ है, जो देशहित के साथ आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोगों के हित में भी है। यह बिल्कुल ऐतिहासिक कार्य है।'
बस्तर से 'नक्सल-मुक्त भारत' की घोषणा
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक समय नक्सलवाद का पर्याय बने क्षेत्र बस्तर से ही भारत को 'नक्सल-मुक्त' घोषित किया। शाह ने स्पष्ट किया कि केवल नक्सल-मुक्त होना पर्याप्त नहीं है — 2031 तक 'विकसित बस्तर' बनाना अगला लक्ष्य है।
मिश्रा ने इस संदर्भ में कहा, 'नक्सलवाद हमारे देश से पूरी तरह साफ हो चुका है। नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में आज विकास हो रहा है। वहाँ अमन-चैन है और शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहाँ के लोगों के लिए बिजली-पानी की भी व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। नक्सलवाद से जुड़े लोग भी अब मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।'
ईंधन संकट पर BJP सांसद का रुख
मिश्रा ने इस दौरान देश में ईंधन संकट के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उनके अनुसार, 'यह संकट पूरी दुनिया के लिए एक संकट है — एक वैश्विक समस्या है। ऐसी स्थिति में भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जितना संभव हो सके, उतना कर रहे हैं।' उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर मोदी दुनिया में सबसे अधिक प्रयास कर रहे हैं।
कांग्रेस पर आरोप और राजनीतिक प्रतिक्रिया
यह ऐसे समय में आया है जब नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा अभियानों में हालिया सफलताओं को लेकर राजनीतिक श्रेय की होड़ तेज हो गई है। BJP ने इसे अमित शाह की रणनीतिक दृष्टि का परिणाम बताया है, जबकि आलोचकों का कहना है कि नक्सलवाद के उन्मूलन की प्रक्रिया कई सरकारों के कार्यकाल में चली और इसका श्रेय किसी एक दल को देना सरलीकरण होगा। कांग्रेस ने अभी तक इन आरोपों पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
आगे की राह
बस्तर और अन्य पूर्व-नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति और उनकी पारदर्शी निगरानी अब केंद्र सरकार के लिए अगली बड़ी परीक्षा होगी। 2031 तक 'विकसित बस्तर' के लक्ष्य को पूरा करने के लिए ठोस बुनियादी ढाँचे, शिक्षा और रोज़गार सृजन की आवश्यकता होगी।