कांग्रेस के नक्सलवाद पर दिये जवाब को 'ऐतिहासिक' मानते हैं दिनेश शर्मा
सारांश
Key Takeaways
- नक्सलवाद पर कांग्रेस के आरोपों का तथ्यात्मक उत्तर दिया गया।
- अमित शाह का भाषण ऐतिहासिक माना गया।
- पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में भाजपा की संभावना पर चर्चा।
- कांग्रेस की सच्चाई अब उजागर हो रही है।
- जनता की समस्याओं का समाधान भाजपा सरकार में हो रहा है।
नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद दिनेश शर्मा ने नक्सलवाद और राष्ट्रीय राजनीति को लेकर कांग्रेस तथा विपक्षी दलों पर जोरदार हमला किया है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नक्सलवाद से संबन्धित हालिया भाषण को 'ऐतिहासिक' बताते हुए कहा कि इसमें कांग्रेस के आरोपों का तथ्यात्मक उत्तर दिया गया है।
दिनेश शर्मा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "गृह मंत्री ने एक बेहद महत्वपूर्ण भाषण दिया। उन्होंने कांग्रेस पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों का एक-एक करके, ठोस तथ्यों के साथ खुलासा किया, जिससे कांग्रेस के पास कोई उत्तर नहीं बचा। कांग्रेस अब केवल चिल्लाने के लिए ही रह गई है। कांग्रेस पहले से ही नक्सलवाद का समर्थन कर रही थी, इसमें कोई नई बात नहीं है। अब जब उनकी सच्चाई उजागर हो रही है, तो उन्हें परेशानी हो रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खुलासे की चर्चा पूरे देश में हो रही है। आज नक्सलवाद का असली चेहरा सबके सामने आ चुका है।"
भाजपा सांसद ने कहा कि नक्सलवाद को जिस तरह से बैकग्राउंड से समर्थन दिया जा रहा था, उसी कारण यह इतना विकसित हुआ है। अब लोग इसका समर्थन कम कर रहे हैं, इसलिए इसके खिलाफ गलत जानकारी फैलाई जा रही है। धीरे-धीरे इनका असली चेहरा उजागर हो रहा है। कांग्रेस की सच्चाई अब देश के सामने आ रही है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, "अब न तो बंगाल में 'दीदी' रहेंगी, और न ही उत्तर प्रदेश में 'भैया' आएंगे। अगर दीदी खुश हैं, तो यह अच्छा है, लेकिन असल में बंगाल की जनता तभी खुश होगी जब भाजपा सत्ता में आएगी।"
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोग ममता सरकार से परेशान हैं। जनता की समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। जब कोई अपनी समस्या लेकर जाता है, तो उसे वापस भेज दिया जाता है। अब जनता ने तय कर लिया है कि ममता सरकार को हटाकर भाजपा सरकार लानी है, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। इसी तरह उत्तर प्रदेश में अब सपा सरकार नहीं आने वाली है। जनता को पता है कि सपा सरकार में सुरक्षा नहीं है, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार में सुरक्षा और समस्याओं का समाधान हो रहा है।