प्रियंका चतुर्वेदी का आरोप: भाजपा का नक्सलवाद के खात्मे का श्रेय लेना राष्ट्रीय गरिमा के खिलाफ
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नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नक्सलवाद, पश्चिम बंगाल की राजनीति और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर राजनीतिक चर्चाएँ तेज हो गई हैं। प्रियंका चतुर्वेदी ने गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयानों को आधारहीन बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा दूसरों के कामों को अपने नाम से जोड़ने की कोशिश करती है, यह उनकी पुरानी आदत बन चुकी है।
शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "नक्सलवाद के खिलाफ जो संघर्ष लंबे समय से चल रहा है, उसे नकारा नहीं किया जा सकता। भाजपा के शासन से पहले, यूपीए सरकार भी थी। उस समय, चाहे वह पुलिस बल को मजबूत करने का मामला हो या नक्सलवाद से निपटने के लिए 'कोबरा फोर्स' जैसी विशेष इकाई बनाने का, इन सभी पहलों को उठाया गया था।"
गृह मंत्री अमित शाह के बयानों पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "यूपीए के कार्यकाल से नक्सलवाद पर जो कार्रवाई की गई थी, अब जाकर उसके अंत का श्रेय लेना केवल एक सरकार का योगदान नहीं हो सकता। यह एक निरंतर प्रक्रिया है। अगर कोई इस पर हक जमाने की कोशिश करता है, तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।"
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "पश्चिम बंगाल में जिस प्रकार का वातावरण है और ममता बनर्जी के प्रति लोगों का मजबूत समर्थन दिखाई दे रहा है, उससे यह स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी चाहे कितनी भी कोशिश कर ले, वे लोगों के बीच नहीं पहुँच पा रहे हैं और जनता उन पर भरोसा नहीं करती। इसलिए, ममता बनर्जी एक बार फिर जीतेंगी और चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी।"
चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "देखिए, भाजपा चुनाव आयोग से लगातार शिकायतें कर रही है, लेकिन हमारे मुख्य चुनाव आयुक्त पर हमारा भरोसा खत्म हो चुका है। ईवीएम और एसआईआर से संबंधित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के इतिहास में पहली बार, राज्यसभा में सीईसी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है।"