ईरान का अमेरिका को कड़ा संदेश: बल प्रयोग की नीति होगी विफल
सारांश
Key Takeaways
- ईरान का कड़ा रुख अमेरिका के साथ तनाव के बीच स्पष्ट है।
- ईरान ने बल प्रयोग की नीति को नाकाम बताया।
- डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में शासन परिवर्तन की संभावना जताई।
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस टकराव के प्रति चिंता बढ़ गई है।
- ईरान ने अपने हितों की रक्षा करने का आश्वासन दिया है।
तेहरान, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच, ईरान ने एक दृढ़ रुख अपनाते हुए कहा है कि “बल प्रयोग की नीति” अंततः नाकाम साबित होगी और न्यायपूर्ण उद्देश्य में विश्वास रखने वाली शक्ति की विजय होगी।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि एक सभ्य राष्ट्र की संस्कृति, तर्क, और अपने सही उद्देश्य पर विश्वास, बलपूर्वक दबाव की नीति पर भारी पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपने अधिकारों और हितों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार है।
यह बयान उस समय आया है जब डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर दी गई समयसीमा समाप्त होने वाली है। ट्रंप ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए संकेत दिया है कि ईरान में “पूर्ण शासन परिवर्तन” संभव है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि वर्तमान हालात बेहद गंभीर हैं और यह दुनिया के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में बदलाव नहीं आया तो “एक पूरी सभ्यता समाप्त हो सकती है।”
उन्होंने ईरान के नेतृत्व की आलोचना करते हुए कहा कि पिछले 47 वर्षों में भ्रष्टाचार, दबाव और हिंसा का दौर चला है, जो अब समाप्त हो सकता है। साथ ही, उन्होंने ईरान के लोगों के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ा है। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक दबाव तेज हुआ है, विशेष रूप से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को लेकर।
हालांकि, ईरान ने किसी भी तरह के दबाव के सामने झुकने से इनकार किया है और स्पष्ट किया है कि वह अपने हितों की रक्षा करेगा। ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर उसके खिलाफ कोई कार्रवाई होती है तो वह जवाबी कदम उठाएगा।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस टकराव के प्रति चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इसका प्रभाव वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।