भाजपा ने कांग्रेस पर नक्सलवाद के मुद्दे पर तीखा हमला, खटाना ने कहा- 'राजनीति केवल वोट और पेट बैंक की'

Click to start listening
भाजपा ने कांग्रेस पर नक्सलवाद के मुद्दे पर तीखा हमला, खटाना ने कहा- 'राजनीति केवल वोट और पेट बैंक की'

सारांश

भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर नक्सलवाद के मुद्दे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खटाना ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ वोट बैंक की राजनीति में उलझ गई है। जानें क्या कहा भाजपा ने इस विवादास्पद मुद्दे पर।

Key Takeaways

  • भाजपा ने कांग्रेस पर आदिवासियों का शोषण करने का आरोप लगाया है।
  • कांग्रेस की राजनीति 'वोट बैंक' और 'पेट बैंक' तक सीमित रह गई है।
  • नक्सलवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
  • 2014 के बाद नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं।
  • राहुल गांधी और इंदिरा गांधी के समय में भी कम्युनिस्टों का समर्थन प्राप्त किया गया था।

नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के नेताओं ने कांग्रेस पर तीव्र हमले किए हैं। भाजपा के राज्यसभा सदस्य गुलाम अली खटाना ने कहा है कि कांग्रेस ने हमेशा भोले-भाले आदिवासियों का शोषण किया है और उन्हें आपस में बांटकर उनके शासन को कमजोर किया है।

उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि कांग्रेस ने लोगों के जख्मों को भरने के बजाय उन्हें और गहरा किया और कभी उनकी बुनियादी जरूरतों, जैसे राशन, स्वास्थ्य सेवाएं, स्कूल, बुनियादी ढांचा और पानी पर ध्यान नहीं दिया।

खटाना ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में कई जिलों से नक्सलवाद को समाप्त किया गया है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि अब वह मात्र 'वोट बैंक' और 'पेट बैंक' की राजनीति तक सीमित रह गई है, जबकि भाजपा का हर कार्यकर्ता देश के 140 करोड़ लोगों के हित में काम करता है।

वहीं, भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केवल राहुल गांधी ही नहीं, बल्कि 1970 में इंदिरा गांधी ने भी कम्युनिस्टों का सहारा लेकर वीवी गिरी को जिताया था, और उसी समय नक्सलवाद की जड़ें गहरी हुई थीं।

उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट कई बार सत्ता में साझेदार रहे, चाहे इंदिरा गांधी का दौर हो या मनमोहन सिंह का शासन। इस दौरान उन्होंने अपनी पकड़ गांव-गांव तक मजबूत की। नक्सलबाड़ी से लेकर छत्तीसगढ़ तक, देश के करीब 17 प्रतिशत भूभाग और 12 करोड़ लोग नक्सलवाद की चपेट में आ चुके हैं।

भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि वहां बच्चों तक को बंदूक थमा दी गई और पूरे क्षेत्र को विकास से वंचित रखा गया, जिससे नक्सलवाद को बढ़ावा मिला। अगर हाल के हालात की बात करें तो 2014 के बाद प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ सख्त रणनीति अपनाई। गृह मंत्री अमित शाह ने कई योजनाएं बनाकर लागू कीं और 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा।

दामोदर अग्रवाल ने बताया कि हाल ही में संसद में अमित शाह द्वारा दिए गए बयान के अनुसार, करीब 8,000 नक्सली सक्रिय थे, जिनमें से 4,500 ने आत्मसमर्पण कर दिया है, 2,000 जेल में हैं और लगभग 600-700 मुठभेड़ों में मारे गए हैं। अब केवल कुछ ही नक्सली बचे हैं, जो अंडरग्राउंड हैं।

Point of View

जबकि कांग्रेस का कहना है कि भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल कर रही है। यह एक जटिल स्थिति है, जिसमें दोनों पक्षों की अपनी-अपनी दलीलें हैं।
NationPress
01/04/2026

Frequently Asked Questions

भाजपा ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए हैं?
भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने आदिवासियों का शोषण किया और नक्सलवाद को बढ़ावा दिया।
नक्सलवाद के खिलाफ सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ सख्त रणनीति अपनाई है और 31 मार्च 2026 तक इसे समाप्त करने का लक्ष्य रखा है।
कितने नक्सली सक्रिय हैं?
हाल ही में दिए गए बयान के अनुसार, करीब 8,000 नक्सली सक्रिय थे।
कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति क्या है?
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए नक्सलवाद का मुद्दा उठा रही है।
नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्र कौन से हैं?
छत्तीसगढ़ और नक्सलबाड़ी सहित देश के करीब 17 प्रतिशत भूभाग नक्सलवाद से प्रभावित है।
Nation Press