डिंपल यादव का बयान: नक्सलवाद समाप्ति एक सकारात्मक कदम, पर जड़ों पर ध्यान जरूरी
सारांश
Key Takeaways
- नक्सलवाद का समापन एक सकारात्मक कदम है।
- सरकार को जन समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
- बस्तर में विकास कार्य चल रहे हैं।
- आदिवासी विकास पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव ने सोमवार को नक्सलवाद के मुद्दे पर मीडिया से बातचीत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यदि देश से नक्सलवाद समाप्त हो रहा है, तो यह एक सकारात्मक समाचार है। लेकिन, इसकी जड़ों पर सरकार को गहन ध्यान देने की आवश्यकता है।
डिंपल यादव ने आगे कहा, "मैं यह कहना चाहती हूं कि लोगों को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें सरकार को हल करना होगा।" उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब चंदौली और सोनभद्र क्षेत्र में नक्सलवाद फैला हुआ था, तब नेताजी ने लोगों को जमीनें दीं, उन्हें समृद्ध बनाया और शिक्षा दी। इसी कारण उत्तर प्रदेश में नक्सलवाद सफलतापूर्वक समाप्त हो पाया था। इसलिए, ऐसी सुविधाएं उन लोगों को प्रदान करनी चाहिए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करने की दिशा में हो रहे प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि सबसे पहले मैं उन सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहता हूं, जो रेड कॉरिडोर क्षेत्र में रहते हैं, जिसमें 12 राज्य और 70 प्रतिशत भूभाग शामिल है।
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि आज बस्तर में नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है। बस्तर में हर गांव में स्कूल और राशन की दुकानें खोली जा रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग कहते हैं कि आदिवासियों का विकास अब तक क्यों नहीं हुआ, उन्हें खुद यह बताना चाहिए कि उन्होंने पिछले 70 वर्षों में क्या किया?
अमित शाह ने कहा कि, "मैं यह पूछना चाहता हूं कि 75 वर्षों में से 60 वर्षों तक शासन आपके पास था, फिर भी आदिवासी विकास से वंचित क्यों रहे? आदिवासियों का विकास अब नरेंद्र मोदी कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि 60 वर्षों में आपने (कांग्रेस) उन्हें घर, पानी, स्कूल और बैंक की सुविधाएं नहीं दीं, इसलिए पहले अपने गिरेबान में झांककर देखें कि असली दोषी कौन है?