जगदंबिका पाल ने नक्सलवाद पर नियंत्रण के लिए एनडीए सरकार की सराहना की

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जगदंबिका पाल ने नक्सलवाद पर नियंत्रण के लिए एनडीए सरकार की सराहना की

सारांश

भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने राहुल गांधी पर नक्सलवाद पर हमला बोला, यूपीए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार के कदमों के चलते नक्सलवाद में कमी आई है।

Key Takeaways

  • जगदंबिका पाल ने राहुल गांधी पर नक्सलवाद के मुद्दे पर तीखा हमला किया।
  • एनडीए सरकार के कदमों ने नक्सलवाद के प्रभाव को कम किया है।
  • पाल ने यूपीए सरकार की नाकामियों को उजागर किया।
  • विकास की गति बढ़ने से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव आया है।

नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद जगदंबिका पाल ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर नक्सलवाद के मुद्दे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने यह आरोप लगाया कि पूर्व कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार ने वामपंथी उग्रवाद को कई राज्यों में फैलने की अनुमति दी, जबकि वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उठाए गए सख्त कदमों ने इसके विस्तार को काफी हद तक नियंत्रित किया है।

जगदंबिका पाल ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा कि राहुल गांधी के सार्वजनिक बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट उनकी गंभीरता की कमी को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा, "राहुल गांधी पोस्ट तो कर रहे हैं, लेकिन संसद में उपस्थित नहीं हो रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में यह बात उठाई थी कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान, माओवादी विचारधारा से जुड़े लोग राहुल गांधी के साथ देखे गए थे।

भाजपा सांसद ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में, शैक्षणिक संस्थानों में भी माओवादी तत्वों के समर्थन की घटनाएं सामने आई हैं।

पाल ने पूर्व विवादों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब सीआरपीएफ के 76 जवान मारे गए थे, तो कुछ स्थानों पर जश्न मनाया गया, जो उनके अनुसार, एक चिंताजनक मानसिकता को दर्शाता है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि नक्सलवाद, जिसे उन्होंने हिंसा और सशस्त्र संघर्ष पर आधारित एक आंदोलन बताया, ने पिछले कुछ वर्षों में 20,000 से अधिक निर्दोष लोगों की जान ली है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान, तथाकथित 'रेड कॉरिडोर' करीब 10 से अधिक राज्यों में फैल गया था, जिससे आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती उत्पन्न हुई थी।

उन्होंने राष्ट्रीय सलाहकार परिषद पर भी निशाना साधा, जो यूपीए के दौर में सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कार्यरत थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परिषद ने माओवाद-विरोधी अभियानों में दखल दिया था।

पाल के अनुसार, परिषद के कुछ सदस्य माओवादी उद्देश्यों के प्रति सहानुभूति रखते थे, जिससे, उनके दावे के अनुसार, 'रेड टेरर' (लाल आतंक) के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई में रुकावट आई।

गृह मंत्री शाह की टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि एनडीए सरकार के कड़े रुख के कारण माओवादी प्रभाव में काफी कमी आई है।

उन्होंने आगे कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी वामपंथी उग्रवाद का प्रभाव था, वहां अब विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा, "आज, उन्हीं राज्यों में, गांवों में स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं, अस्पताल खोले जा रहे हैं, कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, और मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं।" उन्होंने जोर दिया कि इन क्षेत्रों में अब डर और अस्थिरता की जगह सुशासन और विकास ने ले ली है।

उन्होंने कहा कि अगर पीएम मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार सत्ता में नहीं आई होती, तो नक्सलवाद पूरे देश में और भी ज्यादा फैल सकता था। पाल ने अंत में कांग्रेस, यूपीए सरकार और राहुल गांधी को माओवादी प्रभाव के पहले विस्तार के लिए जिम्मेदार ठहराया।

Point of View

उन्होंने वर्तमान एनडीए सरकार के प्रयासों की सराहना की है। यह मामला राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।
NationPress
02/04/2026

Frequently Asked Questions

जगदंबिका पाल ने राहुल गांधी पर कौन सा आरोप लगाया?
जगदंबिका पाल ने राहुल गांधी पर नक्सलवाद के मुद्दे पर गंभीरता की कमी का आरोप लगाया।
एनडीए सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?
एनडीए सरकार के तहत, नक्सलवाद के प्रभाव में कमी आई है और विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं।
भाजपा सांसद का नक्सलवाद पर क्या नजरिया है?
भाजपा सांसद का मानना है कि नक्सलवाद ने कई निर्दोष लोगों की जान ली है और इसे नियंत्रित करने की आवश्यकता है।
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