परगट सिंह बने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष, अमरपाल काका बोले- 'पार्टी को ऐसे ही नेतृत्व की दरकार थी'
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष के रूप में परगट सिंह की नियुक्ति के बाद 3 अक्टूबर 2026 को पार्टी के भीतर से सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। होशियारपुर जिला कांग्रेस के महासचिव अमरपाल सिंह काका ने इस नियुक्ति का खुले दिल से स्वागत किया और परगट सिंह को ईमानदार एवं स्वच्छ छवि वाला नेता बताया। वहीं, शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता मंतार सिंह बराड़ ने परगट सिंह के खेल और राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि अब यह देखना होगा कि वह हॉकी की तरह कांग्रेस को भी सफलता दिला पाते हैं या नहीं।
नियुक्ति पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया
अमरपाल सिंह काका ने कहा कि परगट सिंह ने खेल के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है और पंजाब के विभिन्न मुद्दों पर उनकी गहरी समझ है। उनके अनुसार, परगट सिंह के प्रदेश अध्यक्ष बनने से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर है, क्योंकि मौजूदा दौर में कांग्रेस को ऐसे ही मजबूत और ईमानदार नेतृत्व की ज़रूरत थी।
काका ने यह भी कहा कि पंजाब जिन कठिन परिस्थितियों से गुज़र रहा है और जिस तरह राज्य पटरी से उतरा हुआ है, उसे सही दिशा में लाने के लिए परगट सिंह जैसे 'सुलझे हुए नेतृत्व' की आवश्यकता थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि परगट सिंह के मार्गदर्शन में पंजाब में कांग्रेस संगठन को नई दिशा और मजबूती मिलेगी।
कांग्रेस के सामने मौजूद चुनौतियाँ
पार्टी के भीतरी हालात पर अमरपाल सिंह काका ने कहा कि उन्हें पार्टी के अंदर कोई बड़ी चुनौती नज़र नहीं आती और सभी नेता-कार्यकर्ता एकजुट हैं। हालाँकि, उन्होंने पंजाब में नशे की समस्या को एक गंभीर मुद्दा बताया। काका के अनुसार, राज्य सरकार का खजाना खाली हो चुका है और पर्याप्त वित्तीय संसाधनों के अभाव में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने वादा किया कि कांग्रेस बेहतर नीतियाँ लेकर आएगी और पंजाब को आगे बढ़ाने के लिए काम करेगी। गौरतलब है कि पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस संगठन को पुनर्जीवित करना परगट सिंह के सामने सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
अकाली दल का नज़रिया
फरीदकोट से शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता मंतार सिंह बराड़ ने साफ़ किया कि राजनीतिक तौर पर वह अकाली दल के साथ हैं, जबकि परगट सिंह कांग्रेस में हैं — और राजनीतिक दलों का एक-दूसरे का विरोध करना स्वाभाविक है। उन्होंने बराड़ के हॉकी करियर की सराहना करते हुए कहा कि परगट सिंह ने भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी की और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।
बराड़ ने कहा, 'परगट सिंह ने हॉकी को सफल बनाया — अब राजनीतिक सवाल यह है कि क्या वह कांग्रेस को भी उसी तरह सफल बना पाएंगे।' यह टिप्पणी परगट सिंह के सामने खड़ी राजनीतिक चुनौती को रेखांकित करती है।
परगट सिंह: खेल से राजनीति तक का सफर
परगट सिंह भारतीय हॉकी के जाने-माने नाम हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया और टीम की कप्तानी भी की। राजनीति में कदम रखने के बाद वह पंजाब की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस पंजाब में अपनी खोई हुई ज़मीन वापस पाने की कोशिश में जुटी है। अब देखना होगा कि परगट सिंह का नेतृत्व पार्टी संगठन को किस दिशा में ले जाता है।