अमृतसर में सचिन पायलट और परगट सिंह का स्वागत, 2027 चुनाव की तैयारी में जुटी पंजाब कांग्रेस
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट और प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह 8 अक्टूबर 2026 को अमृतसर पहुँचे, जहाँ अमृतसर एयरपोर्ट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। दोनों नेताओं ने श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में मत्था टेका और अरदास कर आशीर्वाद लिया। यह दौरा 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
अमृतसर दौरे का कार्यक्रम
दोनों नेताओं ने श्री हरमंदिर साहिब में दर्शन के अलावा जलियांवाला बाग और दुर्गियाना मंदिर के भी दौरे की योजना बनाई है। पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सुखविंदर सिंह डैनी बंदाला ने बताया कि दोनों नेता अलग-अलग समय पर स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने पहुँचे। गौरतलब है कि सचिन पायलट के पंजाब प्रभारी नियुक्त होने के बाद यह उनका अमृतसर का पहला दौरा है।
नेताओं की प्रतिक्रिया और पार्टी का दावा
डैनी बंदाला ने कहा, 'सचिन पायलट बहुत अच्छे पायलट हैं और वह बहुत अच्छी तरह लैंड करने वाले हैं। इसमें कोई शक नहीं है। उनके नेतृत्व में पंजाब कांग्रेस लगातार आगे बढ़ रही है।' उन्होंने परगट सिंह की भी सराहना करते हुए कहा कि परगट सिंह भारतीय पुरुष हॉकी टीम के पूर्व कप्तान रह चुके हैं और उन्हें परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बनाने का गहरा अनुभव है।
कांग्रेस नेता राजकुमार वेरका ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी पंजाब में लीड कर रही है और पंजाब के लोग कांग्रेस पार्टी को सत्ता में लाने के लिए उत्साहित हैं। हम सब तैयार हैं और सब एकजुट हैं।'
2027 चुनाव की पृष्ठभूमि
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की भगवंत मान सरकार सत्ता में है और कांग्रेस विपक्ष में अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी है। डैनी बंदाला ने दावा किया कि पंजाब की जनता ने 2027 में कांग्रेस की सरकार बनाने का मन बना लिया है और अब वह किसी के बहकावे में नहीं आने वाली है। हालाँकि, यह दावे दल के अपने नेताओं के हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
परगट सिंह की नई भूमिका
परगट सिंह को हाल ही में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पूर्व ओलंपियन और हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी के रूप में उनकी पहचान पंजाब में व्यापक है। पार्टी नेताओं का मानना है कि उनकी खेल-जगत की छवि और संगठनात्मक कौशल मिलकर 2027 के चुनाव में कांग्रेस को फायदा दिला सकते हैं।
आगे क्या
इस दौरे के बाद कांग्रेस के पंजाब भर में संगठनात्मक दौरों और जनसंपर्क अभियानों में तेज़ी आने की उम्मीद है। सचिन पायलट और परगट सिंह की जोड़ी को पार्टी की 2027 रणनीति का केंद्र माना जा रहा है।