पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद की अटकलों पर विजय इंदर सिंगला बोले — 'मैं पार्टी का वफादार सिपाही हूँ'
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब कांग्रेस के चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति के अध्यक्ष और पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री विजय इंदर सिंगला ने 1 अक्टूबर 2026 को पटियाला में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि वे पार्टी के 'वफादार सिपाही' हैं और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में पूरी एकजुटता के साथ काम कर रहे हैं। यह बयान उन अटकलों के बीच आया है जिनमें सिंगला को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस के संभावित नए अध्यक्ष के रूप में देखा जा रहा है।
सिंगला का बयान — अध्यक्ष पद पर चुप्पी
जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या वे अगले पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बन सकते हैं, तो सिंगला ने कहा, 'मैं पार्टी का वफादार सिपाही हूँ और जब भी मुझे कोई जिम्मेदारी दी गई है, मैंने हमेशा एक कार्यकर्ता के तौर पर काम किया है।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'भविष्य में भी मैं इसी तरह सबके साथ मिलकर काम करता रहूँगा।'
दिल्ली दौरे की संभावना पर भी सिंगला ने स्पष्ट किया कि उनके संगरूर के गाँवों में कार्यक्रम तय हैं और वे तभी दिल्ली जाते हैं जब कोई ठोस काम हो या बुलावा आए। यह बयान नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं को ठंडा करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
आप सरकार पर ड्रग्स मुद्दे पर निशाना
सिंगला ने पंजाब में बढ़ती नशे की समस्या पर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने संगरूर के तूर बंजारा गाँव का उदाहरण देते हुए कहा, 'आपने देखा कि 47 वर्षीय गुलजार के साथ क्या हुआ। अगर स्वास्थ्य क्रांति आई होती तो शायद गुलजार सिंह को अपना दर्द वित्त मंत्री के साथ साझा नहीं करना पड़ता।'
उन्होंने कहा कि ड्रग्स की समस्या से निपटना राज्य और केंद्र सरकार दोनों की 'सामूहिक जिम्मेदारी' है। सिंगला ने चेतावनी दी कि यदि सरकार सख्त कार्रवाई नहीं करती, तो ड्रग माफियाओं के हौसले और बढ़ेंगे।
कानून-व्यवस्था और बराबरी का सवाल
सिंगला ने कहा कि देश में दोहरी न्याय व्यवस्था — जहाँ ताकतवर लोगों के लिए अलग कानून और आम जनता के लिए अलग — स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, 'पंजाब के लोग देश की आजादी के लिए कुर्बानी देने वालों में से हैं, और पंजाब में ऐसा कभी नहीं हुआ।'
सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल
सिंगला ने पंजाब की AAP सरकार से अपील की कि वह प्रचार पर अत्यधिक खर्च करने के बजाय ड्रग्स, कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी जैसी बुनियादी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करे। उन्होंने कहा, 'हर रोज ऐसे मामले सामने आ रहे हैं — सख्त कार्रवाई के बिना लोगों की हिम्मत बढ़ती रहेगी।'
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर आंतरिक मंथन तेज हो गया है और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो चुकी है। आने वाले हफ्तों में पार्टी हाईकमान के फैसले पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।