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संसदीय समितियों का पुनर्गठन 2026-27: राघव चड्ढा को विदेश, राहुल गांधी को रक्षा समिति

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संसदीय समितियों का पुनर्गठन 2026-27: राघव चड्ढा को विदेश, राहुल गांधी को रक्षा समिति

सारांश

26 सितंबर 2026 से प्रभावी नए संसदीय समिति गठन में राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा जैसे बड़े नाम शामिल हैं। वाणिज्य से लेकर रक्षा तक — कई अध्यक्ष बदले, कई बरकरार रहे। यह फेरबदल संसदीय संतुलन और बदलती पार्टी-निष्ठाओं का आईना है।

मुख्य बातें

संसदीय स्थायी समितियों का 2026-27 के लिए पुनर्गठन 26 सितंबर 2026 से प्रभावी हुआ।
राघव चड्ढा को विदेश मामलों की समिति और स्वाति मालीवाल (AAP से BJP में आईं) को शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल समिति में जगह मिली।
राहुल गांधी रक्षा समिति के सदस्य बने; प्रियंका गांधी वाड्रा को गृह मामलों की समिति में शामिल किया गया।
सुधांशु त्रिवेदी वाणिज्य समिति के नए अध्यक्ष बने, भर्तृहरि महताब को वित्त समिति की जिम्मेदारी मिली।
शशि थरूर विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष के रूप में बरकरार रहेंगे।
नवगठित समितियाँ वर्ष 2026-27 में अपनी रिपोर्ट संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत करेंगी।

वर्ष 2026-27 के लिए विभागों से संबंधित संसदीय स्थायी समितियों का नए सिरे से गठन किया गया है, जो 26 सितंबर 2026 से प्रभावी हुआ है। राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा को विदेश मामलों की समिति में और हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) से भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुईं स्वाति मालीवाल को शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल समिति में स्थान दिया गया है। राज्यसभा के संसदीय बुलेटिन में इस पुनर्गठन की आधिकारिक पुष्टि की गई है।

प्रमुख नियुक्तियाँ और बदलाव

कांग्रेस नेता राहुल गांधी को रक्षा मामलों की समिति में शामिल किया गया है, जबकि प्रियंका गांधी वाड्रा को गृह मामलों की समिति में जगह दी गई है। कांग्रेस के पवन खेड़ा भी रक्षा समिति के सदस्य हैं।

BJP के निशिकांत दुबे संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी समिति के अध्यक्ष के रूप में बरकरार रहेंगे, जबकि संदीप कुमार पाठक को आवास एवं शहरी मामलों की समिति में स्थान दिया गया है।

नए अध्यक्षों की नियुक्ति

BJP के सुधांशु त्रिवेदी अब वाणिज्य समिति की अध्यक्षता करेंगे। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की डोला सेन की जगह ली है। सुजीत कुमार को कार्मिक, लोक शिकायत, कानून एवं न्याय समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

एनसीपी की काकोली घोष दस्तीदार रसायन एवं उर्वरक समिति की अध्यक्षता संभालेंगी। सुधीर गुप्ता को रेलवे समिति की जिम्मेदारी मिली है और उन्होंने सी.एम. रमेश की जगह ली है। राधा मोहन सिंह को रक्षा समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के तिरुचि शिवा उद्योग समिति की अध्यक्षता करेंगे। भर्तृहरि महताब को वित्त समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।

मौजूदा अध्यक्ष जो बरकरार रहे

कांग्रेस नेता शशि थरूर विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे। चरणजीत सिंह चन्नी कृषि, पशुपालन एवं खाद्य प्रसंस्करण समिति की अध्यक्षता जारी रखेंगे। मुकुल वासनिक शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे।

समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे। अनुराग सिंह ठाकुर कोयला, खान एवं इस्पात समिति और कनिमोझी करुणानिधि उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण समिति की अध्यक्षता जारी रखेंगी।

अन्य महत्त्वपूर्ण नियुक्तियाँ

शशांक मणि को श्रम, कपड़ा एवं कौशल विकास समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। तटकरे सुनील दत्तात्रेय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस समिति की अध्यक्षता करेंगे। मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी को आवास एवं शहरी मामलों की समिति का अध्यक्ष और पी.सी. मोहन को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।

गौरतलब है कि ये नवगठित संसदीय समितियाँ वर्ष 2026-27 के दौरान अपने-अपने मंत्रालयों और विभागों से जुड़े विषयों की समीक्षा करेंगी और अपनी रिपोर्ट संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत करेंगी। यह पुनर्गठन संसदीय निरीक्षण तंत्र को नई ऊर्जा देने और बदली हुई राजनीतिक संरचनाओं को समितियों में प्रतिबिंबित करने का प्रयास माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राजनीतिक पुनर्वास की एक सुनियोजित कवायद है। उल्लेखनीय यह भी है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को क्रमशः रक्षा और गृह जैसी संवेदनशील समितियों में जगह मिलना विपक्ष की संसदीय भूमिका को और धारदार बना सकता है। वहीं, वित्त समिति की अध्यक्षता भर्तृहरि महताब को सौंपना — जो हाल तक स्पीकर की भूमिका में थे — दिखाता है कि सत्तापक्ष अनुभवी चेहरों को रणनीतिक समितियों में तैनात कर रहा है।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संसदीय स्थायी समितियों का 2026-27 के लिए पुनर्गठन कब से प्रभावी हुआ?
यह पुनर्गठन 26 सितंबर 2026 से प्रभावी हुआ है। राज्यसभा के संसदीय बुलेटिन में इसकी आधिकारिक पुष्टि की गई है।
राघव चड्ढा और स्वाति मालीवाल को कौन-सी समितियों में जगह मिली?
राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा को विदेश मामलों की समिति में और हाल ही में AAP से BJP में आईं स्वाति मालीवाल को शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल समिति में सदस्य बनाया गया है।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को किन समितियों में शामिल किया गया है?
राहुल गांधी को रक्षा मामलों की समिति में और प्रियंका गांधी वाड्रा को गृह मामलों की समिति में शामिल किया गया है। पवन खेड़ा भी रक्षा समिति के सदस्य हैं।
किन समिति अध्यक्षों को बदला गया और कौन बरकरार रहे?
सुधांशु त्रिवेदी ने वाणिज्य समिति में डोला सेन की जगह ली, सुधीर गुप्ता ने रेलवे समिति में सी.एम. रमेश की जगह ली। वहीं, शशि थरूर , मुकुल वासनिक , राम गोपाल यादव और अनुराग सिंह ठाकुर जैसे अध्यक्ष अपनी-अपनी समितियों में बरकरार रहेंगे।
ये नवगठित संसदीय समितियाँ क्या काम करेंगी?
ये समितियाँ वर्ष 2026-27 के दौरान अपने-अपने मंत्रालयों और विभागों से जुड़े विषयों की समीक्षा करेंगी और अपनी रिपोर्ट संसद के दोनों सदनों — लोकसभा और राज्यसभा — में प्रस्तुत करेंगी। यह संसदीय निरीक्षण का प्रमुख तंत्र है।
राष्ट्र प्रेस
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