राघव चड्ढा राज्यसभा याचिका समिति के अध्यक्ष नियुक्त, भाजपा में शामिल होने के बाद पहली बड़ी जिम्मेदारी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को 23 मई 2026 को उच्च सदन की याचिका समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राज्यसभा अध्यक्ष सीपी राधाकृष्णन द्वारा 20 मई को की गई समिति के पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत यह नियुक्ति की गई। यह नियुक्ति चड्ढा के आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर BJP में शामिल होने के बाद उन्हें मिली पहली प्रमुख संसदीय जिम्मेदारी है।
समिति का गठन और सदस्य
पुनर्गठित याचिका समिति में राघव चड्ढा के अध्यक्ष पद के साथ-साथ जेबी माथेर हिशाम, हर्ष महाजन, गुलाम अली, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीधा, सुभाषिश खुंटिया, रंगवरा नरजरी, संतोष कुमार पी. और शंभू शरण पटेल सदस्य के रूप में शामिल हैं। एक आधिकारिक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई।
दलबदल की पृष्ठभूमि
अप्रैल 2026 में राघव चड्ढा सहित राज्यसभा के सात सांसदों ने आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया था, जिससे AAP को बड़ा राजनीतिक झटका लगा था। इस दलबदल के तुरंत बाद चड्ढा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की और पंजाब में AAP के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा राज्य संसाधनों के कथित दुरुपयोग का मुद्दा उठाया।
चड्ढा के आरोप और पंजाब सरकार की प्रतिक्रिया
चड्ढा ने दावा किया कि पंजाब सरकार ने BJP में शामिल हुए सांसदों को निशाना बनाने के लिए पुलिस और प्रशासनिक संसाधनों का कथित तौर पर दुरुपयोग किया। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया।
दूसरी ओर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस दलबदल की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, 'जो लोग इस दलबदल को सामान्य बात या परंपरा बता रहे हैं, वे जनता के फैसले की घोर अवहेलना को उचित ठहरा रहे हैं। यह अस्वीकार्य है, और इस तरह बोलने वाले लोग अपनी निष्ठा बदलने की तैयारी में दिख रहे हैं।'
आगे क्या
याचिका समिति के अध्यक्ष के रूप में राघव चड्ढा की नियुक्ति उनके नई पार्टी में बढ़ते कद का संकेत देती है। यह समिति नागरिकों द्वारा संसद को भेजी गई याचिकाओं की जाँच करती है और उन पर अनुशंसाएँ देती है — एक महत्वपूर्ण संसदीय निगरानी भूमिका। आने वाले सत्रों में यह देखना रोचक होगा कि चड्ढा इस पद का उपयोग किस प्रकार करते हैं।