मणिपुर: नोनी में गुटीय झड़प में एक उग्रवादी ढेर, छह घायल; थौबल में ऑयल पंप पर ग्रेनेड हमला
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के नोनी जिले में 30 अगस्त को एक उग्रवादी संगठन के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच हुई सशस्त्र झड़प में एक उग्रवादी की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। इसी दिन थौबल जिले में अज्ञात हमलावरों ने एक ऑयल पंप पर ग्रेनेड फेंका, हालाँकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
नोनी में गुटीय संघर्ष
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट-कामसन (ZUF-K) और जेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट-जेनचुई (ZUF-J) के कैडरों के बीच जबरदस्त गोलीबारी हुई। इस झड़प में ZUF-J के स्वयंभू सेकंड लेफ्टिनेंट जंगाइलिंग गोनमेई (29 वर्ष) को गोली लगी, जिससे बाद में उनकी मौत हो गई। गोलीबारी में ZUF-J के छह अन्य कैडर भी घायल हुए, जिन्हें अस्पताल पहुँचाया गया और उनकी हालत स्थिर बताई गई।
अधिकारियों ने बताया कि बाकी उग्रवादियों के ठिकाने और हालत का पता लगाने के लिए जाँच जारी है। गौरतलब है कि जेलियांगरोंग क्षेत्र में गुटीय प्रतिद्वंद्विता पहले भी हिंसक रूप ले चुकी है, और यह ताज़ा झड़प उसी श्रृंखला की कड़ी मानी जा रही है।
थौबल में ऑयल पंप पर ग्रेनेड हमला
एक अलग घटना में शनिवार की शाम थौबल जिले में अज्ञात लोग कार से आए और एक ऑयल पंप पर ग्रेनेड फेंका। धमाका पेट्रोल पंप परिसर के भीतर खड़े एक ऑयल टैंकर के पास हुआ। पुलिस ने बताया कि इस विस्फोट में कोई घायल नहीं हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस हमलावरों की पहचान और उनके ठिकाने का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और जाँच शुरू कर दी गई है।
काकचिंग में दो उग्रवादी गिरफ्तार
इस बीच, मणिपुर पुलिस और असम राइफल्स की संयुक्त टीम ने काकचिंग जिले से कांगलेई यावोल कन्ना लुप (KYKL) संगठन से जुड़े दो कथित उग्रवादियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान युमनाम रोहेनजीत मेइतेई उर्फ अकुई (26 वर्ष) और शाकाचंद युमनाम उर्फ चंद (26 वर्ष) के रूप में हुई।
अधिकारियों के अनुसार, दोनों कथित तौर पर जबरन वसूली की गतिविधियों में शामिल थे। उनके पास से राइफल की दो खाली मैगजीन, 27 जिंदा इनसास राउंड, एक हैंडसेट, दो स्लिंग, एक प्लेट वाली बुलेटप्रूफ जैकेट, टैक्टिकल बूट्स की एक जोड़ी और एक मैगजीन पाउच बरामद किया गया।
सुरक्षा स्थिति का व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर पहले से ही जातीय तनाव और उग्रवादी गतिविधियों के कारण संवेदनशील बना हुआ है। नोनी, थौबल और काकचिंग — तीनों जिलों में एक ही दिन अलग-अलग घटनाएँ सुरक्षा बलों के लिए बहु-मोर्चे की चुनौती पेश करती हैं। सुरक्षा एजेंसियाँ सभी तीनों मामलों में आगे की कार्रवाई कर रही हैं।