3 अगस्त 2026
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मणिपुर में सुरक्षाबलों का बड़ा अभियान: 1 यूकेएनए उग्रवादी ढेर, 7 गिरफ्तार, 39 अवैध बंकर नष्ट

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मणिपुर में सुरक्षाबलों का बड़ा अभियान: 1 यूकेएनए उग्रवादी ढेर, 7 गिरफ्तार, 39 अवैध बंकर नष्ट

सारांश

मणिपुर में भारतीय सेना और असम राइफल्स की संयुक्त कार्रवाई में यूकेएनए का एक उग्रवादी मारा गया, 7 संदिग्ध गिरफ्तार हुए और 39 अवैध बंकर नष्ट किए गए। चुराचांदपुर से कांगपोकपी तक फैले इस अभियान में भारी गोला-बारूद भी जब्त हुआ — जो जारी जातीय संघर्ष की पृष्ठभूमि में सुरक्षाबलों की बढ़ती आक्रामक रणनीति का संकेत है।

मुख्य बातें

भारतीय सेना और असम राइफल्स ने 18 जून 2026 को मणिपुर में संयुक्त अभियान चलाया।
यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (यूकेएनए) का 1 कैडर चुराचांदपुर जिले के हेंगलेप उपमंडल में मुठभेड़ में मारा गया।
कुल 7 संदिग्ध गिरफ्तार — 3 केसीपी और सोरेपा से जुड़े, 4 अन्य हिरासत में।
विभिन्न जिलों में गैर-कानूनी 39 बंकर ध्वस्त ; 11 एसबीबीएल बंदूकें , 294 जिंदा राउंड और 6 बुलेटप्रूफ जैकेट बरामद।
राज्यभर में 116 नाके और चेकपॉइंट स्थापित; एनएच-37 पर वाहनों को सुरक्षा जारी।

मणिपुर में सुरक्षाबलों ने 18 जून 2026 को एक बड़े संयुक्त अभियान के तहत यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (यूकेएनए) के एक सक्रिय कैडर को मार गिराया, 7 संदिग्धों को गिरफ्तार किया और राज्य के विभिन्न जिलों में गैर-कानूनी तरीके से बनाए गए 39 बंकरों को ध्वस्त किया। रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, इस अभियान में भारतीय सेना और असम राइफल्स ने मिलकर हिस्सा लिया और भारी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद किया गया।

चुराचांदपुर में मुठभेड़ और यूकेएनए कैडर का खात्मा

रक्षा प्रवक्ता के मुताबिक, चुराचांदपुर जिले के हेंगलेप उपमंडल में यूकेएनए कैडरों की गतिविधियों के संबंध में विशिष्ट खुफिया जानकारी मिलने के बाद यह अभियान शुरू किया गया। जैसे ही सुरक्षाकर्मी विद्रोहियों के ठिकाने के निकट पहुँचे, गोलीबारी शुरू हो गई। भीषण मुठभेड़ में एक यूकेएनए उग्रवादी मारा गया, जबकि शेष फरार होने में सफल रहे। चुनौतीपूर्ण भूभाग और प्रतिकूल मौसम के बावजूद सैनिकों ने सटीकता के साथ अभियान को अंजाम दिया।

इसके बाद चलाए गए तलाशी अभियान में किलेबंद बंकरों को नष्ट किया गया और हथियारों, गोला-बारूद तथा अन्य युद्ध सामग्री का बड़ा भंडार जब्त किया गया।

बरामद हथियार और गोला-बारूद का ब्यौरा

अधिकारियों के अनुसार, कांगपोकपी जिले में सर्च ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ। बरामद सामग्री में शामिल हैं:

11 सिंगल-बैरल ब्रीच-लोडिंग (एसबीबीएल) 12-बोर बंदूकें, 294 जिंदा राउंड 12-बोर गोला-बारूद, बारूद के 2 पैकेट, 12-बोर कारतूस के 34 खाली खोखे और 6 बुलेटप्रूफ जैकेट। यह बरामदगी उग्रवादियों की सक्रिय तैयारी की ओर इशारा करती है।

गिरफ्तारियाँ और उग्रवादी संगठनों की संलिप्तता

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बिष्णुपुर जिले से कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) और कांगलेइपाक की समाजवादी क्रांतिकारी पार्टी (सोरेपा) से जुड़े 3 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया। इन सभी गिरफ्तार व्यक्तियों के विभिन्न हिंसक और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने की जानकारी मिली है। इनके अलावा 4 अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है।

गौरतलब है कि मणिपुर में मई 2023 से जातीय संघर्ष की पृष्ठभूमि में उग्रवादी गतिविधियाँ बढ़ी हैं और सुरक्षाबल लगातार विभिन्न संगठनों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।

सुरक्षा तंत्र और निगरानी व्यवस्था

रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, घाटी और पहाड़ी दोनों जिलों में असामाजिक तत्वों और संदिग्ध वाहनों की आवाजाही पर अंकुश लगाने के लिए 116 नाके और चेकपॉइंट स्थापित किए गए हैं। सुरक्षाबल इम्फाल-जिरिबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-37) पर आवश्यक वस्तुओं से लदे ट्रकों सहित वाहनों को भी सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं।

मणिपुर के सीमावर्ती, मिश्रित आबादी वाले और संवेदनशील क्षेत्रों में तलाशी अभियान और क्षेत्र नियंत्रण अभ्यास जारी हैं। विद्रोहियों के आधारभूत ढाँचे को नष्ट करके सुरक्षाबलों ने राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

आगे की स्थिति

यह अभियान ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में जातीय तनाव की पृष्ठभूमि में सुरक्षाबल कई मोर्चों पर एक साथ काम कर रहे हैं। सुरक्षाबलों के अनुसार, उग्रवादी ढाँचे को कमज़ोर करने के लिए आने वाले दिनों में भी इसी तरह के संयुक्त अभियान जारी रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या बंकर तोड़ने और हथियार जब्त करने से दीर्घकालिक शांति संभव है। मई 2023 से जारी जातीय संघर्ष में सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं और हज़ारों विस्थापित हुए हैं — केवल सैन्य कार्रवाई से यह खाई नहीं पटेगी। केसीपी, सोरेपा और यूकेएनए जैसे संगठनों की एक साथ सक्रियता यह भी बताती है कि उग्रवाद का परिदृश्य बहुस्तरीय और जटिल है। जब तक राजनीतिक संवाद और पुनर्वास की ठोस प्रक्रिया नहीं शुरू होती, तब तक ये अभियान लक्षणों का उपचार करते रहेंगे, बीमारी का नहीं।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में 18 जून को हुई सुरक्षाबलों की कार्रवाई में क्या हुआ?
भारतीय सेना और असम राइफल्स की संयुक्त कार्रवाई में यूकेएनए का एक उग्रवादी मारा गया, 7 संदिग्ध गिरफ्तार हुए और 39 अवैध बंकर ध्वस्त किए गए। चुराचांदपुर और कांगपोकपी जिलों में भारी गोला-बारूद भी बरामद हुआ।
यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (यूकेएनए) क्या है?
यूकेएनए मणिपुर में सक्रिय एक उग्रवादी संगठन है जो मुख्यतः कुकी समुदाय से जुड़ा माना जाता है। यह संगठन राज्य में जातीय संघर्ष की पृष्ठभूमि में सक्रिय रहा है और सुरक्षाबलों के साथ कई बार मुठभेड़ में शामिल रहा है।
गिरफ्तार उग्रवादी किन संगठनों से जुड़े हैं?
गिरफ्तार 3 उग्रवादी कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) और कांगलेइपाक की समाजवादी क्रांतिकारी पार्टी (सोरेपा) से जुड़े बताए गए हैं। इन्हें बिष्णुपुर जिले से पकड़ा गया और ये कई हिंसक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए।
मणिपुर में अभी सुरक्षा की क्या स्थिति है?
राज्यभर में 116 नाके और चेकपॉइंट स्थापित हैं और इम्फाल-जिरिबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-37) पर वाहनों को सुरक्षा प्रदान की जा रही है। सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में तलाशी अभियान जारी हैं।
चुराचांदपुर में मुठभेड़ कैसे शुरू हुई?
रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, यूकेएनए कैडरों की गतिविधियों के बारे में विशिष्ट खुफिया जानकारी मिलने के बाद हेंगलेप उपमंडल में अभियान शुरू किया गया। जैसे ही सुरक्षाकर्मी ठिकाने के पास पहुँचे, उग्रवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें एक कैडर मारा गया।
राष्ट्र प्रेस
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