30 जुलाई 2026
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मणिपुर: नोनी जिले में गोलीबारी, नागा विलेज गार्ड की मौत — CRPF कोबरा के 2 जवान घायल

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मणिपुर: नोनी जिले में गोलीबारी, नागा विलेज गार्ड की मौत — CRPF कोबरा के 2 जवान घायल

सारांश

मणिपुर के नोनी जिले में सुरक्षाबलों और नागा विलेज गार्ड के बीच हुई मुठभेड़ में एक NVG सदस्य की मौत और CRPF कोबरा के दो जवान घायल हो गए। इसके विरोध में जेटीसी-मणिपुर ने चार नागा समुदायों के इलाकों में राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे परियोजनाएं तत्काल बंद करने की घोषणा की।

मुख्य बातें

29 जुलाई 2026 को मणिपुर के नोनी जिले के बिटियांग गांव में सुरक्षाबलों और नागा विलेज गार्ड के बीच गोलीबारी हुई।
नागा विलेज गार्ड (NVG) के एक सदस्य की मौत हुई और तीन अन्य ग्रामीण वॉलंटियर घायल हुए।
CRPF की कोबरा बटालियन के दो जवान छर्रे लगने से घायल हुए, उन्हें चिकित्सा सहायता दी गई।
जेटीसी-मणिपुर ने चार नागा समुदायों के इलाकों में राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे और राष्ट्रीय परियोजनाएं तत्काल बंद करने की घोषणा की।
संगठन ने CRPF कोबरा टीम और जेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट (JUF) पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया।
मणिपुर में मई 2023 की जातीय हिंसा के बाद से सक्रिय विलेज वॉलंटियर ग्रुप इस संघर्ष के केंद्र में हैं।

मणिपुर के नोनी जिले के बिटियांग गांव में 29 जुलाई 2026 को हुई गोलीबारी में नागा विलेज गार्ड (NVG) के एक सदस्य की मौत हो गई और पांच अन्य लोग घायल हो गए। घायलों में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) की कोबरा बटालियन के दो जवान भी शामिल हैं, जिन्हें छर्रे लगने से चोटें आईं।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बल नागा-बहुल नोनी जिले के बिटियांग गांव में ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान हथियारबंद ग्रामीण स्वयंसेवकों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ हो गई। गोलीबारी में एक NVG सदस्य की मौत हुई और तीन अन्य ग्रामीण वॉलंटियर घायल हुए। CRPF के दोनों घायल जवानों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।

मणिपुर में विलेज वॉलंटियर: पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि मणिपुर में विभिन्न समुदायों के विलेज वॉलंटियर दरअसल हथियारबंद आम नागरिक होते हैं, जो अपने इलाकों की बाहरी हमलों से सुरक्षा के लिए संगठित हुए हैं। मई 2023 में राज्य में भड़की जातीय हिंसा के बाद से ऐसे स्वयंसेवी दल राज्य के कई हिस्सों में सक्रिय हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में जातीय तनाव अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है और सुरक्षाबलों की तैनाती व्यापक स्तर पर जारी है।

सामुदायिक विरोध और शटडाउन

इस घटना के बाद स्थानीय आदिवासी समुदाय के लोगों ने बिटियांग गांव और आसपास के क्षेत्रों में CRPF के सुरक्षा ऑपरेशन के विरोध में प्रदर्शन किए। जेटीसी-मणिपुर — जो इनपुई, लियांगमाई, रोंगमेई और जेमे नागा समुदायों का प्रतिनिधित्व करती है — की वर्किंग कमिटी ने घोषणा की कि चारों नागा समुदायों के इलाकों से गुजरने वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे परियोजनाएं और राष्ट्रीय परियोजनाएं तत्काल और आपातकालीन आधार पर बंद कर दी जाएंगी।

कमिटी ने अपने बयान में आरोप लगाया कि यह शटडाउन 13 मई को छह नागा नागरिकों के कथित अपहरण और हत्या तथा बुधवार को बिटियांग में NVG पर हुए कथित हमले के विरोध में बुलाया गया है।

आरोप और मांगें

जेटीसी-मणिपुर ने इस हमले में CRPF की कोबरा टीम और जेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट (JUF) के शामिल होने का आरोप लगाया है। संगठन ने तीन मांगें रखी हैं — जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी, नागा गांवों के खिलाफ सुरक्षा ऑपरेशन बंद करना, और न्याय की बहाली। अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे की स्थिति

राष्ट्रीय राजमार्गों और रेलवे परियोजनाओं पर शटडाउन से नोनी और आसपास के जिलों में आवाजाही और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने की आशंका है। सुरक्षा एजेंसियां इलाके में सतर्कता बनाए हुए हैं और स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह अब सुरक्षाबलों के लिए ही चुनौती बन रहा है — एक विरोधाभास जिसे नीति-निर्माता अब तक नज़रअंदाज़ करते आए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों और रेलवे परियोजनाओं का शटडाउन संकेत देता है कि तनाव अब जमीनी स्तर से ऊपर उठकर आर्थिक और रणनीतिक बुनियादी ढांचे को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। केंद्र और राज्य सरकार के लिए यह वक्त है कि सिर्फ ऑपरेशन नहीं, संवाद की भी रणनीति तैयार हो।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर के नोनी जिले में गोलीबारी में क्या हुआ?
29 जुलाई 2026 को नोनी जिले के बिटियांग गांव में CRPF के सुरक्षा ऑपरेशन के दौरान हथियारबंद नागा विलेज गार्ड (NVG) और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हो गई। इसमें एक NVG सदस्य की मौत हुई और CRPF कोबरा बटालियन के दो जवान सहित पांच लोग घायल हुए।
मणिपुर में नागा विलेज गार्ड (NVG) क्या होते हैं?
नागा विलेज गार्ड हथियारबंद ग्रामीण स्वयंसेवक होते हैं जो अपने समुदाय की सुरक्षा के लिए संगठित हैं। मई 2023 में मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद राज्य के कई हिस्सों में ऐसे विलेज वॉलंटियर ग्रुप बने थे।
जेटीसी-मणिपुर ने शटडाउन क्यों बुलाया?
जेटीसी-मणिपुर ने बिटियांग गांव में NVG पर कथित हमले और 13 मई को छह नागा नागरिकों के कथित अपहरण व हत्या के विरोध में चार नागा समुदायों के इलाकों में राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे और राष्ट्रीय परियोजनाएं तत्काल बंद करने की घोषणा की।
इस घटना में किन संगठनों पर आरोप लगाए गए हैं?
जेटीसी-मणिपुर ने CRPF की कोबरा टीम और जेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट (JUF) पर बिटियांग में हमले में शामिल होने का आरोप लगाया है। अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इस घटना का मणिपुर की स्थिति पर क्या असर पड़ेगा?
राष्ट्रीय राजमार्गों और रेलवे परियोजनाओं पर शटडाउन से नोनी और आसपास के जिलों में आवाजाही और आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। यह घटना मई 2023 से जारी जातीय तनाव के बीच सुरक्षाबलों और समुदाय-आधारित समूहों के बीच संघर्ष को और गहरा कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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