मणिपुर: नोनी जिले में गोलीबारी, नागा विलेज गार्ड की मौत — CRPF कोबरा के 2 जवान घायल
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के नोनी जिले के बिटियांग गांव में 29 जुलाई 2026 को हुई गोलीबारी में नागा विलेज गार्ड (NVG) के एक सदस्य की मौत हो गई और पांच अन्य लोग घायल हो गए। घायलों में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) की कोबरा बटालियन के दो जवान भी शामिल हैं, जिन्हें छर्रे लगने से चोटें आईं।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बल नागा-बहुल नोनी जिले के बिटियांग गांव में ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान हथियारबंद ग्रामीण स्वयंसेवकों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ हो गई। गोलीबारी में एक NVG सदस्य की मौत हुई और तीन अन्य ग्रामीण वॉलंटियर घायल हुए। CRPF के दोनों घायल जवानों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
मणिपुर में विलेज वॉलंटियर: पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि मणिपुर में विभिन्न समुदायों के विलेज वॉलंटियर दरअसल हथियारबंद आम नागरिक होते हैं, जो अपने इलाकों की बाहरी हमलों से सुरक्षा के लिए संगठित हुए हैं। मई 2023 में राज्य में भड़की जातीय हिंसा के बाद से ऐसे स्वयंसेवी दल राज्य के कई हिस्सों में सक्रिय हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में जातीय तनाव अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है और सुरक्षाबलों की तैनाती व्यापक स्तर पर जारी है।
सामुदायिक विरोध और शटडाउन
इस घटना के बाद स्थानीय आदिवासी समुदाय के लोगों ने बिटियांग गांव और आसपास के क्षेत्रों में CRPF के सुरक्षा ऑपरेशन के विरोध में प्रदर्शन किए। जेटीसी-मणिपुर — जो इनपुई, लियांगमाई, रोंगमेई और जेमे नागा समुदायों का प्रतिनिधित्व करती है — की वर्किंग कमिटी ने घोषणा की कि चारों नागा समुदायों के इलाकों से गुजरने वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे परियोजनाएं और राष्ट्रीय परियोजनाएं तत्काल और आपातकालीन आधार पर बंद कर दी जाएंगी।
कमिटी ने अपने बयान में आरोप लगाया कि यह शटडाउन 13 मई को छह नागा नागरिकों के कथित अपहरण और हत्या तथा बुधवार को बिटियांग में NVG पर हुए कथित हमले के विरोध में बुलाया गया है।
आरोप और मांगें
जेटीसी-मणिपुर ने इस हमले में CRPF की कोबरा टीम और जेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट (JUF) के शामिल होने का आरोप लगाया है। संगठन ने तीन मांगें रखी हैं — जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी, नागा गांवों के खिलाफ सुरक्षा ऑपरेशन बंद करना, और न्याय की बहाली। अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे की स्थिति
राष्ट्रीय राजमार्गों और रेलवे परियोजनाओं पर शटडाउन से नोनी और आसपास के जिलों में आवाजाही और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने की आशंका है। सुरक्षा एजेंसियां इलाके में सतर्कता बनाए हुए हैं और स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।