मणिपुर के बिष्णुपुर में गोलीबारी के बाद सुरक्षा बलों ने अभियान को किया तेज
सारांश
Key Takeaways
- गोलीबारी की घटना ने मणिपुर में सुरक्षा स्थिति को चुनौती दी।
- भारतीय सेना और पुलिस ने संयुक्त अभियान शुरू किया।
- नागरिकों से अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई।
- बाइक सवार को केवल मामूली चोटें आईं।
- अशांति की कोशिश में कुछ लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
इंफाल, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में बुधवार की रात हुई गोलीबारी की घटना के बाद भारतीय सेना ने विद्रोहियों के खिलाफ अपने अभियान को तेज कर दिया है। गुरुवार को सुबह से ही भारतीय सेना, सीआरपीएफ और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टीमें उस क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही हैं।
मणिपुर पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 25 मार्च को रात लगभग 11:40 बजे संदिग्ध हथियारबंद कुकी उग्रवादियों ने फौलजांग और गोथोल क्षेत्र में गोलीबारी की। उन्होंने भारतीय सेना की एक चौकी को निशाना बनाया जो फौगाकचाओ अवांग लेईकी में स्थित थी। इस इलाके में तैनात भारतीय सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (58वीं बटालियन) ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए, गोलीबारी की दिशा में जवाबी गोलियां चलाईं, जिसके फलस्वरूप दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ हुई।
पुलिस के अनुसार, यह गोलीबारी लगभग 30 मिनट तक चली। इसके बाद गुरुवार सुबह सेना, सीआरपीएफ, मणिपुर पुलिस और भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबी) ने मिलकर अभियान शुरू किया। मुठभेड़ स्थल और उसके आस-पास के पहाड़ी क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है।
मणिपुर पुलिस ने कहा कि स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और सुरक्षा बल आस-पास के पहाड़ी क्षेत्रों में अपना अभियान जारी रखे हुए हैं। इसके साथ ही, पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहें फैलाने से बचें और किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।
वहीं, बुधवार को चुराचांदपुर-कांगवाई मार्ग पर सुरक्षा बलों के एक माइन प्रोटेक्टेड वाहन (कैसिपिर) से जुड़ी एक घटना हुई। भारतीय सेना के अनुसार, एक बाइक सवार व्यक्ति नशे की हालत में था। उसकी बाइक सुरक्षाबलों के वाहन से टकरा गई।
सुरक्षा बलों का वाहन यातायात के नियमों का पालन करते हुए और पूरी सावधानी बरतते हुए आगे बढ़ रहा था। दोपहिया वाहन पर सवार व्यक्तियों को केवल मामूली चोटें आईं, जो त्वचा पर हल्की खरोंचों तक सीमित थीं। सेना के जवानों ने उन्हें तुरंत चुराचांदपुर के जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां मेडिकल जांच में यह पुष्टि हुई कि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है। जांच में यह भी पाया गया कि वे व्यक्ति नशे की हालत में था।
हालांकि, इस घटना को लेकर कुछ लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने कथित तौर पर अशांति भड़काने की कोशिश की, जिसके परिणामस्वरूप सीएपीएफ के वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और सामान्य जनजीवन बाधित हुआ।