क्या जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच गोलीबारी हुई?

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क्या जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच गोलीबारी हुई?

सारांश

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है। घटनास्थल पर सुरक्षा बलों ने घेराबंदी की है, और गोलीबारी की आवाजें सुनाई दे रही हैं। जानिए इस महत्वपूर्ण घटना के बारे में विस्तार से।

Key Takeaways

  • सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है।
  • आतंकवादियों की घेराबंदी की गई है।
  • केंद्रीय गृह मंत्री ने सुरक्षा उपायों पर जोर दिया है।

जम्मू, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रविवार को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच गोलीबारी की घटना सामने आई।

अधिकारियों के अनुसार, किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा क्षेत्र में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच एक मुठभेड़ हुई।

उन्होंने कहा कि आतंकवादियों की उपस्थिति की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान (सीएएसओ) प्रारंभ किया। अभियान के दौरान, छिपे हुए आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिससे मुठभेड़ प्रारंभ हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि अतिरिक्त सुरक्षा बल मौके पर भेजे गए हैं और आतंकवादियों के भागने को रोकने के लिए इलाके की घेराबंदी की गई है। गोलीबारी का सिलसिला जारी है।

जम्मू मंडल के पहाड़ी जिलों (कठुआ, पुंछ, राजौरी, किश्तवाड़, डोडा, उधमपुर और रियासी) पर खुफिया रिपोर्टों के आधार पर सुरक्षा बलों की निगरानी की जा रही है, जहां पाकिस्तानी आतंकवादी सक्रिय हैं।

कई बार संयुक्त बलों ने कठुआ, उधमपुर और अन्य जिलों में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ की, लेकिन घने जंगलों और रात के अंधेरे में आतंकवादी भागने में सफल रहे।

8 जनवरी को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में जम्मू और कश्मीर से संबंधित उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक में जम्मू डिवीजन के पहाड़ी जिलों में आतंकवादियों की उपस्थिति पर चर्चा की गई।

गृह मंत्री शाह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पहाड़ी क्षेत्रों से आतंकवादियों को समाप्त करने और नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) के पार से जम्मू और कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ रोकने के लिए समन्वित, निरंतर और खुफिया जानकारी पर आधारित अभियान चलाए जाने चाहिए।

जम्मू और कश्मीर में एलओसी 740 किलोमीटर लंबी है, जबकि अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) 240 किलोमीटर लंबी है। सेना एलओसी की सुरक्षा करती है, जबकि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) का संरक्षण करता है।

नियंत्रण रेखा कश्मीर घाटी के बारामूला, कुपवारा और बांदीपोरा जिलों में और आंशिक रूप से जम्मू जिले में स्थित है।

अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा जम्मू मंडल के सांबा, कठुआ और जम्मू जिलों में उपस्थित है।

Point of View

यह घटना हमारे देश की सुरक्षा स्थिति को दर्शाती है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद का खतरा अभी भी बना हुआ है। हमें सुरक्षा बलों की कोशिशों का समर्थन करना चाहिए, ताकि हम अपने देश को सुरक्षित रख सकें।
NationPress
18/01/2026

Frequently Asked Questions

किश्तवाड़ में गोलीबारी का कारण क्या है?
यह घटना सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ के कारण हुई है।
क्या स्थिति अब नियंत्रण में है?
अभी भी मुठभेड़ जारी है और सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है।
किस प्रकार की सुरक्षा उपाय किए गए हैं?
अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भेजा गया है और इलाके को पूरी तरह से घेर लिया गया है।
क्या आतंकवादियों की संख्या ज्ञात है?
इस समय आतंकवादियों की संख्या के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
इस घटना का प्रभाव क्या होगा?
इस घटना का प्रभाव सुरक्षा स्थिति पर पड़ेगा, जो कि महत्वपूर्ण है।
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