'द हंड्रेड' में अबरार अहमद की खरीद पर गावस्कर की टिप्पणी, अजीम रफीक का जवाब
सारांश
Key Takeaways
- सुनील गावस्कर ने अबरार अहमद की खरीद की आलोचना की।
- अजीम रफीक ने गावस्कर की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
- इस फैसले का भारत में विरोध हो रहा है।
- ईसीबी ने भेदभाव के खिलाफ नियम बनाए हैं।
- सोशल मीडिया पर प्रशंसकों का गुस्सा।
नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) द्वारा आयोजित 'द हंड्रेड' में सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी गेंदबाज अबरार अहमद को खरीदने का निर्णय लिया है, जो विवादों को जन्म दे रहा है। भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ी सुनील गावस्कर ने इस निर्णय की कड़ी आलोचना की है। गावस्कर के बयान पर पाकिस्तानी मूल के क्रिकेटर अजीम रफीक ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
सोशल मीडिया पर, अजीम रफीक ने गावस्कर की टिप्पणी को हास्यस्पद और निम्नस्तरीय बताते हुए यह सवाल उठाया कि क्या गावस्कर ने अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी इसी तरह का दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने कहा कि मैदान पर प्राप्त उपलब्धियों को इस प्रकार के बयानों के लिए सही नहीं ठहराया जा सकता।
अजीम रफीक, जो कराची में जन्मे हैं और इंग्लैंड में निवास करते हैं, ने अंडर-19 स्तर पर इंग्लैंड के लिए खेला है और घरेलू क्रिकेट में यॉर्कशायर और डर्बीशायर के लिए खेल चुके हैं।
सुनील गावस्कर ने एक कॉलम में लिखा था कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को दिया गया धन टैक्स के माध्यम से पाकिस्तान सरकार तक पहुंचता है, जो अप्रत्यक्ष रूप से हथियारों की खरीद में इस्तेमाल हो सकता है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या किसी टूर्नामेंट को जीतना भारतीयों की जान से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
गावस्कर ने यह भी कहा कि टीम के हेड कोच डेनियल विटोरी शायद इस संवेदनशील मुद्दे को पूरी तरह नहीं समझते हैं, लेकिन इसकी जिम्मेदारी फ्रेंचाइजी मालिकों पर आती है।
सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को 2026 के लिए नीलामी में लगभग 1.9 लाख पाउंड (लगभग 2.34 करोड़ रुपये) में साइन किया है। इस फैसले का भारत में काफी विरोध हो रहा है।
पहले चर्चा थी कि द हंड्रेड की नीलामी में भारतीय स्वामित्व वाली टीमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नहीं खरीदेंगी। इसके बाद ईसीबी ने फ्रेंचाइजियों को एंटी-डिस्क्रिमिनेशन नियमों का पालन करने और किसी खिलाड़ी के साथ राष्ट्रीयता के आधार पर भेदभाव न करने की चेतावनी दी थी। फिर भी, भारतीय स्वामित्व वाली अन्य टीमों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नहीं खरीदा, लेकिन सनराइजर्स लीड्स ने अहमद को खरीद लिया। इसके बाद टीम और मालिकों को प्रशंसकों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
सोशल मीडिया पर फैंस ने आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के बहिष्कार की धमकी भी दी थी।