<b>'द हंड्रेड'</b> में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की नीलामी पर ईसीबी की प्रतिक्रिया
सारांश
Key Takeaways
- ईसीबी ने भेदभाव के खिलाफ अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
- द हंड्रेड में सभी टीमों का चयन क्रिकेटिंग प्रदर्शन पर आधारित होगा।
- पाकिस्तान के 67 खिलाड़ी नीलामी के लिए पंजीकृत हैं।
नई दिल्ली, २५ फ़रवरी (राष्ट्र प्रेस)। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) द्वारा संचालित 'द हंड्रेड' से संबंधित एक खबर ने पाकिस्तान क्रिकेट में हलचल मचा दी है। यह खबर थी कि द हंड्रेड में भारतीय स्वामित्व वाली टीमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नीलामी में नहीं खरीदेंगी। ईसीबी ने अब इन खबरों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
ईसीबी और द हंड्रेड की सभी आठ फ्रेंचाइजी ने मंगलवार को एक संयुक्त बयान जारी करते हुए उन अफवाहों को बेबुनियाद बताया, जिनमें कहा गया था कि चार भारतीय टीम अगले महीने होने वाली नीलामी में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नजरअंदाज कर सकती हैं।
बोर्ड ने स्पष्ट किया कि भेदभाव की कोई गुंजाइश नहीं है और ऐसी किसी भी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, इसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
ईसीबी और सभी फ्रेंचाइजी मालिकों द्वारा जारी बयान में कहा गया, "द हंड्रेड को नए दर्शकों तक पहुंचने, क्रिकेट के खेल को बढ़ावा देने और यह सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया गया था कि हर कोई—चाहे वह किसी भी जाति, लिंग, धर्म, राष्ट्रीयता या किसी अन्य चीज का हो—महसूस करे कि वह हमारे खेल का हिस्सा है। खिलाड़ियों को केवल उनकी राष्ट्रीयता के आधार पर बाहर नहीं किया जाना चाहिए। टूर्नामेंट की संचालन संस्था के रूप में, ईसीबी यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि भेदभाव का कोई स्थान न हो और ऐसे किसी भी बर्ताव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए नियम बनाए गए हैं।"
बयान में आगे कहा गया, "सभी आठ टीमें केवल क्रिकेटिंग प्रदर्शन, उपलब्धता और हर टीम की आवश्यकताओं के आधार पर चयन के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
पाकिस्तान के कुल ६७ खिलाड़ियों, जिनमें ६३ पुरुष और ४ महिलाएं शामिल हैं, ने द हंड्रेड नीलामी के लिए पंजीकरण कराया है।
पिछले सप्ताह आई एक रिपोर्ट के अनुसार, आईपीएल टीम के मालिकों मैनचेस्टर सुपर जायंट्स (आरपीएसजी ग्रुप), एमआई लंदन (रिलायंस), सदर्न ब्रेव (जीएमआर), और सनराइजर्स लीड्स (सन ग्रुप) से जुड़ी चार फ्रेंचाइजी से उम्मीद की जा रही थी कि वे नीलामी के लिए पंजीकृत पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नजरअंदाज करेंगी।
२००८ के बाद से आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं खेले हैं। भारतीय स्वामित्व वाली टीमों के आने से पहले भी 'द हंड्रेड' में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की सक्रियता बहुत कम रही है। पिछले सीजन में भी केवल दो ही खिलाड़ी टीम का हिस्सा रहे हैं। पहले पांच सीज़न में कुल मिलाकर सिर्फ नौ पाकिस्तानी 'द हंड्रेड' में खेले हैं।