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'द हंड्रेड': गावस्कर ने कहा, अबरार को साइन करने का निर्णय भारत के खिलाफ हो सकता है

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'द हंड्रेड': गावस्कर ने कहा, अबरार को साइन करने का निर्णय भारत के खिलाफ हो सकता है

सारांश

सुनील गावस्कर ने 'द हंड्रेड' की नीलामी में अबरार अहमद के साइन करने पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय भारत और पाकिस्तान के राजनीतिक संबंधों को प्रभावित कर सकता है। क्या खेल की सफलता राष्ट्रीय चिंताओं से अधिक महत्वपूर्ण होनी चाहिए?

मुख्य बातें

सुनील गावस्कर ने अबरार अहमद की खरीद पर चिंता व्यक्त की।
खरीद का असर भारत-पाकिस्तान संबंधों पर पड़ सकता है।
क्रिकेट के निर्णयों में नैतिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
फ्रेंचाइजी मालिकों को राजनीतिक संदर्भ को ध्यान में रखना चाहिए।
फैंस का विरोध प्रदर्शन संभावित है।

नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने 'द हंड्रेड' की 2026 की नीलामी में पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को साइन करने के सनराइजर्स लीड्स के निर्णय की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच के संवेदनशील राजनीतिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए, भारतीय फ्रेंचाइजी मालिकों को पाकिस्तान के खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल करने से बचना चाहिए।

गावस्कर ने यह भी सवाल उठाया कि क्या खेल में मिली सफलता राष्ट्रीय चिंताओं से अधिक महत्वपूर्ण होनी चाहिए? उन्होंने तर्क किया कि भारतीय स्वामित्व वाली संस्थाओं को ऐसे निर्णयों के व्यापक परिणामों के प्रति सचेत रहना चाहिए, क्योंकि अबरार द्वारा कमाए गए पैसे का इस्तेमाल भारत के खिलाफ किया जा सकता है।

उन्होंने अपने कॉलम में लिखा, "'द हंड्रेड' में एक भारतीय मालिक वाली फ्रेंचाइजी द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने पर जो विवाद हुआ है, वह आश्चर्यजनक नहीं है। नवंबर 2008 में मुंबई हमलों के बाद से, भारतीय फ्रेंचाइजी मालिकों ने आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है।"

गावस्कर ने सुझाव दिया कि यह मुद्दा केवल क्रिकेट से जुड़े कौशल तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, जो पैसे का लेन-देन होता है, वह खिलाड़ी को मिलने वाली फीस से शुरू होकर सरकार को दिए जाने वाले टैक्स तक जाता है, और यह पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ डील करते समय भारतीय मालिकों के लिए एक नैतिक दुविधा उत्पन्न करता है।

गावस्कर ने आगे लिखा, "हालांकि यह बात देर से समझ में आई हो, अब यह स्पष्ट हो रहा है कि वे पाकिस्तानी खिलाड़ी को जो फीस देते हैं, उसका एक हिस्सा उस सरकार के पास जाता है जो उस पैसे से हथियार खरीदती है। इस प्रकार, यह पैसा अनुचित तरीके से भारतीय सैनिकों और नागरिकों की जान जाने में योगदान देता है। यही कारण है कि भारतीय संस्थाएं अब पाकिस्तानी खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल करने से हिचकिचाती हैं।"

गावस्कर ने कहा, "चाहे पैसे देने वाली संस्था भारत की हो या किसी विदेशी सहायक कंपनी की, अगर मालिक भारतीय है, तो वह भारतीय लोगों की जान जाने में योगदान दे रहा है। यह बात बिल्कुल स्पष्ट है।"

भारत के इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने बताया कि भले ही टीम प्रबंधन खिलाड़ियों को साइन करने के निर्णय को पूरी तरह से क्रिकेट के दृष्टिकोण से देखता हो, लेकिन फ्रेंचाइजी मालिकों को ऐसे निर्णय लेने से पहले देश पर पड़ने वाले व्यापक प्रभावों पर भी विचार करना चाहिए।

गावस्कर ने कहा, "'द हंड्रेड' में टीम के कोच डेनियल विटोरी, जो न्यूजीलैंड के हैं, शायद इस सीधे मुद्दे को नहीं समझते और इसलिए वे अपनी टीम में कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ियों को शामिल करना चाहते हैं। हालांकि, फ्रेंचाइजी के मालिक को निश्चित रूप से इस स्थिति की पूरी जानकारी होनी चाहिए थी और उन्हें पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीदने से मना कर देना चाहिए था। क्या किसी ऐसे फॉर्मेट में टूर्नामेंट जीतना - जिसे दुनिया का कोई अन्य देश खेलता ही नहीं है - भारतीय लोगों की जान से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है?"

गुरुवार को लंदन में हुई नीलामी में सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को 1.90 लाख पाउंड (लगभग 2.34 करोड़ रुपये) में खरीदा। इस फ्रेंचाइजी का स्वामित्व सन ग्रुप के पास है, जिसका नेतृत्व कलानिधि मारन कर रहे हैं। नीलामी के दौरान उनकी बेटी काव्या मारन, हेड कोच डेनियल विटोरी के साथ टीम का प्रतिनिधित्व कर रही थीं। अबरार को खरीदने के बाद से भारत में सनराइजर्स टीम की जमकर आलोचना हो रही है।

गावस्कर ने फ्रेंचाइजी को चेतावनी दी कि इस खरीद का असर आने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में देखने को मिल सकता है, और फैंस मुकाबलों का बहिष्कार कर सकते हैं या विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी कि यह टीम जो भी मैच खेलेगी, चाहे वह अपने घरेलू मैदान पर हो या बाहर, भारतीय फैंस की ओर से भारी विरोध प्रदर्शन होंगे। वे इस अविश्वसनीय खरीद का विरोध करेंगे।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इसके पीछे गहरी नैतिक जिम्मेदारियां भी होती हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुनील गावस्कर ने किस खिलाड़ी के साइन करने पर चिंता जताई?
सुनील गावस्कर ने पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद के साइन करने पर चिंता जताई है।
गावस्कर का कहना है कि इस खरीद का क्या प्रभाव हो सकता है?
गावस्कर का कहना है कि अबरार द्वारा कमाए गए पैसे का इस्तेमाल भारत के खिलाफ हो सकता है।
सनराइजर्स लीड्स ने अबरार को कितने में खरीदा?
सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को 1.90 लाख पाउंड में खरीदा।
गावस्कर ने भारतीय फ्रेंचाइजी मालिकों को क्या सलाह दी?
गावस्कर ने सलाह दी कि भारतीय फ्रेंचाइजी मालिकों को पाकिस्तान के खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल करने से बचना चाहिए।
गावस्कर का मुख्य तर्क क्या है?
गावस्कर का मुख्य तर्क है कि खेल की सफलता राष्ट्रीय चिंताओं से अधिक महत्वपूर्ण नहीं होनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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