सनराइजर्स लीड्स का अबरार अहमद को खरीदना बन सकता है मुश्किल, क्या होगा आईपीएल का भविष्य?

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सनराइजर्स लीड्स का अबरार अहमद को खरीदना बन सकता है मुश्किल, क्या होगा आईपीएल का भविष्य?

सारांश

ईसीबी द्वारा आयोजित 'द हंड्रेड' की नीलामी में सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को खरीदा। यह कदम भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए विवादास्पद बन गया है। जानें क्यों इस साइनिंग पर उठ रहे हैं सवाल।

Key Takeaways

  • ईसीबी की नीलामी में अबरार अहमद का अधिग्रहण विवादास्पद है।
  • सोशल मीडिया पर फैंस का सनराइजर्स हैदराबाद का बहिष्कार करने का आह्वान।
  • खिलाड़ी की खरीद से देश की भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं।

नई दिल्ली, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईसीबी द्वारा आयोजित 'द हंड्रेड' की नीलामी १२ मार्च को संपन्न हुई। भारतीय सन ग्रुप के स्वामित्व वाली सनराइजर्स लीड्स ने नीलामी में पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को खरीदा। हालांकि, सनराइजर्स लीड्स द्वारा अबरार का अधिग्रहण उन्हें भारी पड़ सकता है। भारतीय क्रिकेट प्रेमियों का मानना है कि यह कदम देश विरोधी है।

सनराइजर्स लीड्स, जो कि आईपीएल की सनराइजर्स हैदराबाद से जुड़ी है, के इस निर्णय के खिलाफ सोशल मीडिया पर फैंस ने आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।

आलोचकों का आरोप है कि ऐसे खिलाड़ी को खरीदना, जिसने २०२५ में भारतीय सेना का मजाक उड़ाने वाला पोस्ट सोशल मीडिया पर किया था, टीम मालिकों के लिए पैसे कमाने की प्राथमिकताओं को देश की भावनाओं पर तरजीह देने जैसा है। सनराइजर्स लीड्स ने ट्रेंट रॉकेट्स से अधिक बोली लगाकर अबरार को साइन कर सभी को चौंका दिया।

नीलामी से पहले यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि द हंड्रेड में शामिल चार भारतीय स्वामित्व वाली टीमें—सनराइजर्स लीड्स, एमआई लंदन, मैनचेस्टर सुपर जायंट्स और सदर्न ब्रेव—पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली लगाने से बचेंगी।

हालांकि, ईसीबी ने नीलामी से पहले सभी आठ टीमों को चेतावनी दी थी कि राष्ट्रीयता के आधार पर खिलाड़ियों को न लेना यूके के एंटी-डिस्क्रिमिनेशन कानूनों का उल्लंघन है।

भारतीय स्वामित्व वाली टीमें एसए२० और आईएलटी २० जैसी अन्य लीगों में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन नहीं करती हैं।

अबरार को सनराइजर्स लीड्स ने हेड कोच डेनियल विटोरी की अगुवाई में एक रणनीतिक निर्णय के तहत खरीदा।

फ्रेंचाइजी के अधिकारियों का कहना है कि चयन पूरी तरह से क्रिकेट की काबिलियत और टीम की आवश्यकताओं के आधार पर किया गया। शैडो-बैन की आशंकाओं को इस साइनिंग से समाप्त किया गया, लेकिन अब उन्हें भारत में अपने मुख्य कमर्शियल मार्केट में पीआर संकट का प्रबंधन करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

Point of View

यह स्पष्ट होता है कि टीमों के फैसले कभी-कभी संवेदनशीलता से जुड़े होते हैं। सनराइजर्स लीड्स का अबरार को खरीदना एक रणनीतिक निर्णय हो सकता है, लेकिन इससे भारतीय क्रिकेट फैंस की भावनाओं में उथल-पुथल आई है। यह एक ऐसा मुद्दा है जो सभी के लिए विचारणीय है।
NationPress
14/03/2026

Frequently Asked Questions

सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को क्यों खरीदा?
सनराइजर्स लीड्स ने अबरार को हेड कोच डेनियल विटोरी की सलाह पर एक रणनीतिक निर्णय के तहत खरीदा।
क्या अबरार के खरीदने से सनराइजर्स लीड्स को नुकसान होगा?
कुछ भारतीय क्रिकेट फैंस का मानना है कि यह कदम देश विरोधी है, जो टीम के लिए संकट का कारण बन सकता है।
क्या अन्य भारतीय टीमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली लगाती हैं?
भारतीय स्वामित्व वाली टीमें आमतौर पर अन्य लीगों में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन नहीं करती हैं।
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