राजीव शुक्ला का बयान: अबरार अहमद विवाद पर बीसीसीआई का कोई संबंध नहीं
सारांश
Key Takeaways
- राजीव शुक्ला ने कहा, यह मामला पूरी तरह से फ्रेंचाइजी का है।
- फैंस ने अबरार की खरीद पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
- सनराइजर्स लीड्स ने 2025 में लीड्स फ्रेंचाइजी का अधिग्रहण किया।
- 2009 के बाद कोई पाकिस्तानी खिलाड़ी आईपीएल में नहीं खेला।
- इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने नीलामी में चयन के आधार को स्पष्ट किया।
नई दिल्ली, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इंग्लैंड की 'द हंड्रेड' क्रिकेट लीग में सनराइजर्स लीड्स द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी अबरार अहमद को खरीदने के विवाद पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह मामला एक विदेशी लीग से संबंधित है और इसका भारतीय क्रिकेट की गवर्निंग बॉडी से कोई संबंध नहीं है।
राजीव शुक्ला ने बताया कि यह निर्णय पूरी तरह से संबंधित फ्रेंचाइजी का है। यह खिलाड़ी की खरीद का मामला भारत से बाहर की एक लीग से जुड़ा है। उन्होंने 'राष्ट्र प्रेस' से कहा, "यह उनका फैसला है, क्योंकि यह हमारी लीग नहीं है। यह आईपीएल के लिए नहीं किया गया है। यह पूरी तरह से उनके अपने निर्णय पर निर्भर है। इंग्लैंड में कोई लीग है जिसके लिए वह ऐसा कर रहे हैं।"
सनराइजर्स लीड्स द्वारा अबरार को साइन करने का निर्णय फैंस को पसंद नहीं आया और उन्होंने 'एक्स' पर जाकर टीम के मालिक और फ्रेंचाइजी की आलोचना की, उन्हें 'राष्ट्र-विरोधी' करार दिया। इस तीखी प्रतिक्रिया के कारण टीम का 'एक्स' अकाउंट कुछ समय के लिए सस्पेंड भी हो गया था, लेकिन अब इसे बहाल कर दिया गया है।
आईपीएल की सनराइजर्स हैदराबाद ने 2025 में 'द हंड्रेड' की लीड्स फ्रेंचाइजी का अधिग्रहण किया था। यह टीम पहले नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स के नाम से जानी जाती थी। फ्रेंचाइजी ने ईसीबी से 49 प्रतिशत और यॉर्कशायर से 51 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदकर टीम का नियंत्रण अपने नाम किया।
पहले आई रिपोर्टों में कहा गया था कि आईपीएल फ्रेंचाइजी के मालिकाना हक वाली टीमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली लगाने से बचेंगी। गुरुवार को नीलामी के शुरुआती चरण में फ्रेंचाइजी पाकिस्तान के खिलाड़ियों पर बोली लगाने से बचती दिखाई दी, लेकिन बाद में सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को 2,55,000 अमेरिकी डॉलर में खरीदा, जिसके बाद से फ्रेंचाइजी की जमकर आलोचना हो रही है।
2009 के बाद से इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में कोई भी पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं खेला है और दुनियाभर में फ्रेंचाइजी टी20 लीग में निवेश करने वाले आईपीएल फ्रेंचाइजी मालिकों ने आमतौर पर पाकिस्तान के क्रिकेटरों को साइन करने से परहेज किया है, हालांकि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने पिछले महीने कहा था कि नीलामी में चयन पूरी तरह से खिलाड़ी के प्रदर्शन, उपलब्धता और हर टीम की जरूरतों पर आधारित होगा।