मणिपुर के सेनापति में गोलीबारी: सीआरपीएफ जवान घायल, दो घर जले, NH-2 पर नाकेबंदी
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के सेनापति जिले में 24 अगस्त 2026 को नागा और कुकी समुदायों के बीच भड़की हिंसा में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के एक जवान को गोली लगी और दो घरों को आग के हवाले कर दिया गया। घटना के बाद नेशनल हाईवे-2 पर नाकेबंदी कर दी गई, जिससे इंफाल-दीमापुर-गुवाहाटी मार्ग पर अंतर-राज्यीय परिवहन सेवाएँ बाधित हो गईं।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हिंसा की शुरुआत तापहो क्षेत्र से हुई। पड़ोसी कांगपोकपी जिले के तापहो कुकी गाँव में पहले एक घर जलाया गया, इसके बाद सेनापति जिले के नागा तापहो गाँव में एक और घर में आग लगा दी गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एक घर कुकी निवासी का था जबकि दूसरा पोउमाई नागा समुदाय के सदस्य का था।
आगजनी के बाद दो समूहों के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें CRPF की 36वीं बटालियन के सब-इंस्पेक्टर (जनरल ड्यूटी) प्रदीप सिंह के बाएँ पैर में गोली लग गई। उन्हें तत्काल सेनापति जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ बाद में उनके खतरे से बाहर होने की पुष्टि हुई।
आगजनी और गोलीबारी के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान भी जाँच का विषय बनी हुई है।
विरोध और राजमार्ग अवरोध
हिंसा की खबर फैलते ही सेनापति गेट के निकट स्थानीय निवासी जमा हो गए और जलती लकड़ियाँ, टायर व मलबा सड़क पर डालकर नेशनल हाईवे-2 को अवरुद्ध कर दिया। इस नाकेबंदी के कारण मणिपुर, नागालैंड और असम के बीच सार्वजनिक परिवहन सेवाएँ प्रभावित हुईं।
मणिपुर परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सेनापति जिले के तापहो क्षेत्र में उत्पन्न हालात की वजह से वाहनों के निकलने में देरी हुई। सरकार की समय पर दखल और दोनों पक्षों के सहयोग से स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सका, तथा गाड़ियाँ सोमवार दोपहर में दीमापुर (नागालैंड) और गुवाहाटी (असम) के लिए रवाना हो सकीं।
सामुदायिक प्रतिक्रिया
तापहो विलेज अथॉरिटी ने कुकी समुदाय के व्यक्ति के घर को जलाने की कड़ी निंदा की और दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की माँग की। अथॉरिटी के बयान के अनुसार, आगजनी में कथित तौर पर शामिल लोगों को 24 घंटे के भीतर सामने आने और कुकी पारंपरिक कानून के तहत मामले को सुलझाने का अल्टीमेटम दिया गया है।
कुछ निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि हथियारबंद कुकी समूह लियांगमाई नागा गाँव पर हमला कर रहे थे। हालाँकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
सुरक्षा प्रबंध
हिंसा के बाद तापहो और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। हाईवे के नाजुक हिस्सों पर रोड ओपनिंग पार्टियाँ (ROP) भी लगाई गई हैं ताकि वाहनों की निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सरकार राज्य में शांति और सद्भाव बनाए रखते हुए नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
आगे की स्थिति
यह घटना ऐसे समय में आई है जब मणिपुर में नागा और कुकी आदिवासी समुदायों के बीच तनाव पहले से बढ़ा हुआ है। दोनों पक्ष इलाके में शांति बनाए रखने पर सहमत हो गए हैं, लेकिन सुरक्षा बल स्थिति पर कड़ी नज़र बनाए हुए हैं। घटना में शामिल लोगों की पहचान और आगे की जाँच जारी है।