महाराष्ट्र FDA की चेतावनी: तीन ब्यूटी क्रीम में मरकरी और लेड की खतरनाक मात्रा, तुरंत उपयोग बंद करें
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र खाद्य और औषधि प्रशासन (MFDA) ने 5 जुलाई 2026 को तीन कॉस्मेटिक उत्पादों के विरुद्ध सार्वजनिक स्वास्थ्य चेतावनी जारी की है, जिनमें प्रयोगशाला परीक्षणों के दौरान मरकरी (पारा) और लेड (सीसा) की निर्धारित सीमा से कहीं अधिक मात्रा पाई गई। प्रशासन ने इन उत्पादों को 'घटिया गुणवत्ता' की श्रेणी में रखते हुए इनके तत्काल उपयोग, खरीद और वितरण पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।
कौन-से उत्पाद हैं खतरे की ज़द में
MFDA की जाँच में जिन तीन उत्पादों को असुरक्षित पाया गया, वे हैं — गोरी ब्यूटी क्रीम, फेस फ्रेश गोल्ड (ब्यूटी क्रीम + ब्यूटी सीरम) और गोल्डन स्टार ब्यूटी क्रीम। प्रयोगशाला परीक्षणों में इन तीनों में भारी धातुओं की मात्रा तय मानकों से खतरनाक स्तर तक अधिक पाई गई।
इसके अतिरिक्त, जाँच में यह भी सामने आया कि इन उत्पादों पर अनिवार्य लेबलिंग नियमों का पालन नहीं किया गया था — निर्माता का नाम और पता, बैच नंबर, निर्माण तिथि तथा समाप्ति तिथि जैसी बुनियादी जानकारियाँ इन पर अनुपस्थित थीं।
स्वास्थ्य पर क्या हो सकता है असर
MFDA ने चेतावनी दी है कि इन उत्पादों का लंबे समय तक उपयोग किडनी, तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) और त्वचा को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है। गौरतलब है कि मरकरी और लेड जैसी भारी धातुएँ त्वचा के माध्यम से रक्त में प्रवेश कर सकती हैं और दीर्घकालिक विषाक्तता का कारण बन सकती हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब देश में बिना लाइसेंस और बिना गुणवत्ता जाँच के बिकने वाले सौंदर्य उत्पादों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है, विशेष रूप से ऑनलाइन बाज़ारों में।
व्यापारियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को निर्देश
प्रशासन ने पूरे महाराष्ट्र में खुदरा विक्रेताओं, थोक व्यापारियों, वितरकों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को इन उत्पादों की बिक्री और भंडारण तत्काल बंद करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही सभी व्यापारिक संस्थाओं को MFDA को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है, जिसमें बाज़ार से वापस मँगाए गए उत्पादों की मात्रा और शेष स्टॉक का ब्यौरा शामिल हो।
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
MFDA ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे कॉस्मेटिक उत्पाद केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदें और खरीदने से पहले पैकेजिंग पर सभी अनिवार्य जानकारियाँ अवश्य जाँच लें। बाज़ार में मिलने वाले किसी भी संदिग्ध या बिना लेबल वाले सौंदर्य उत्पाद की सूचना तुरंत अधिकारियों को देने की भी अपील की गई है।
आगे की जाँच और कार्रवाई जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की नियामक कार्रवाई उपभोक्ता सुरक्षा की दिशा में एक आवश्यक कदम है, लेकिन बाज़ार में पहले से मौजूद ऐसे उत्पादों की व्यापक निगरानी अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।