26 जून 2026
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महाराष्ट्र FDA ने मुंबई के JJ ब्लड बैंक और बदलापुर के माया ब्लड सेंटर को तत्काल बंद कराया

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महाराष्ट्र FDA ने मुंबई के JJ ब्लड बैंक और बदलापुर के माया ब्लड सेंटर को तत्काल बंद कराया

सारांश

महाराष्ट्र FDA ने 22-24 जून की संयुक्त जाँच के बाद मुंबई के JJ ब्लड बैंक और बदलापुर के माया ब्लड सेंटर को तत्काल बंद कर दिया — एक्सपायर्ड रक्त यूनिटें, गायब रिकॉर्ड और बायोमेडिकल वेस्ट की अनदेखी जैसी खामियाँ मरीजों की जान के लिए सीधा खतरा मानी गईं।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र FDA ने 26 जून 2026 को सर JJ म्युनिसिपल ब्लड बैंक (मुंबई) और माया ब्लड सेंटर (बदलापुर) को तत्काल बंद करने का आदेश दिया।
संयुक्त निरीक्षण 22 से 24 जून 2026 के बीच FDA और CDSCO के अधिकारियों ने मिलकर किया।
JJ ब्लड बैंक में एक्सपायर्ड रक्त यूनिटें , बायो-हैज़र्डस सामग्री का अनुचित निपटान और स्टरलाइज़ेशन नियंत्रण का अभाव पाया गया।
माया ब्लड सेंटर में रक्त परिवहन का कोई रिकॉर्ड नहीं , ट्रेसिबिलिटी में कमी और आवश्यक तकनीकी कर्मचारियों की अनुपस्थिति दर्ज की गई।
दोनों संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी; ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू।

महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने 26 जून 2026 को मुंबई स्थित सर जेजे म्युनिसिपल ब्लड बैंक और बदलापुर के माया ब्लड सेंटर को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया। रक्त संग्रहण, भंडारण और वितरण में गंभीर अनियमितताएँ उजागर होने के बाद यह कड़ी कार्रवाई की गई, जिसे अधिकारियों ने मरीजों की जान के लिए सीधा खतरा करार दिया।

निरीक्षण और जाँच की पृष्ठभूमि

यह कार्रवाई 22 से 24 जून 2026 के बीच आयोजित संयुक्त निरीक्षण अभियान के निष्कर्षों पर आधारित है। इस अभियान में राज्य के FDA अधिकारियों के साथ-साथ केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के अधिकारी भी शामिल थे। तीन दिवसीय इस संयुक्त जाँच में दोनों संस्थाओं में एकाधिक गंभीर उल्लंघन दर्ज किए गए।

JJ म्युनिसिपल ब्लड बैंक में मिली खामियाँ

सर जेजे म्युनिसिपल ब्लड बैंक में निरीक्षकों को रक्त और रक्त घटकों के भंडारण तथा नियंत्रण में गंभीर कमियाँ मिलीं। जाँच में सामने आया कि रिएक्टिव और एक्सपायर्ड रक्त यूनिटों के रखरखाव में लापरवाही बरती जा रही थी। इसके अलावा बायो-हैज़र्डस सामग्री के उचित निपटान में चूक, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली की खामियाँ, उपकरणों का खराब रखरखाव और अनिवार्य स्टरलाइज़ेशन नियंत्रण का पूर्ण अभाव भी दर्ज किया गया।

माया ब्लड सेंटर में पाई गई अनियमितताएँ

बदलापुर के माया ब्लड सेंटर में स्थिति और भी चिंताजनक पाई गई। निरीक्षकों को रक्तदान शिविरों से एकत्रित रक्त के परिवहन का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। ब्लड बैग की ट्रेसिबिलिटी में गंभीर कमी, ट्रांसफ्यूजन अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों की अनुपस्थिति, उपकरणों के एक्सपायर्ड प्रमाणपत्र, गुणवत्ता नियंत्रण परीक्षणों की अनदेखी, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन में गड़बड़ी तथा रक्तदान शिविरों के लिए आवश्यक अनुमतियों और रिकॉर्ड का अभाव — ये सभी उल्लंघन दर्ज किए गए।

FDA की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया

इन खामियों के मद्देनज़र FDA ने दोनों संस्थानों को अगले आदेश तक रक्त संग्रह, ब्लड कंपोनेंट तैयार करना, परीक्षण, भंडारण, वितरण, बिक्री और रक्तदान शिविर आयोजित करने सहित समस्त गतिविधियाँ तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए हैं। दोनों संस्थानों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 तथा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स, 1945 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

FDA आयुक्त का बयान

महाराष्ट्र FDA के आयुक्त तुकाराम मुंडे ने कहा कि प्रशासन सुरक्षित, उच्च गुणवत्ता वाली और पारदर्शी रक्त सेवाएँ सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों और रक्तदाताओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई राज्य में रक्त आपूर्ति श्रृंखला की व्यापक समीक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि महाराष्ट्र की व्यापक रक्त आपूर्ति निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाती है — क्योंकि JJ जैसा सरकारी अस्पताल से जुड़ा ब्लड बैंक यदि मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो निजी केंद्रों की स्थिति का अनुमान लगाना कठिन नहीं। CDSCO और राज्य FDA की संयुक्त जाँच का यह मॉडल सराहनीय है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह निरीक्षण नियमित और पारदर्शी बनेगा या फिर शिकायत आने पर ही होगा। एक्सपायर्ड रक्त यूनिटों और गायब ट्रांसपोर्ट रिकॉर्ड जैसी बुनियादी चूकें बताती हैं कि समस्या तकनीकी नहीं, प्रशासनिक है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र FDA ने कौन से दो ब्लड बैंक बंद किए और क्यों?
महाराष्ट्र FDA ने मुंबई के सर JJ म्युनिसिपल ब्लड बैंक और बदलापुर के माया ब्लड सेंटर को बंद किया। 22-24 जून 2026 की संयुक्त जाँच में एक्सपायर्ड रक्त यूनिटें, गायब रिकॉर्ड, बायोमेडिकल वेस्ट की अनदेखी और आवश्यक कर्मचारियों की अनुपस्थिति जैसी गंभीर खामियाँ सामने आईं, जिन्हें मरीजों की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा माना गया।
यह निरीक्षण किसने किया और कब?
यह संयुक्त निरीक्षण 22 से 24 जून 2026 के बीच महाराष्ट्र FDA और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के अधिकारियों ने मिलकर किया। तीन दिनों की इस जाँच के बाद 26 जून को बंद करने का आदेश जारी किया गया।
दोनों ब्लड बैंकों पर क्या कानूनी कार्रवाई होगी?
दोनों संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 तथा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स, 1945 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगले आदेश तक सभी गतिविधियाँ बंद रहेंगी।
माया ब्लड सेंटर में विशेष रूप से क्या गड़बड़ी मिली?
बदलापुर के माया ब्लड सेंटर में रक्तदान शिविरों से एकत्रित रक्त के परिवहन का कोई रिकॉर्ड नहीं था। इसके अलावा ब्लड बैग की ट्रेसिबिलिटी में कमी, ट्रांसफ्यूजन अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों की अनुपस्थिति, उपकरणों के एक्सपायर्ड प्रमाणपत्र और रक्तदान शिविरों के लिए आवश्यक अनुमतियों का अभाव भी पाया गया।
FDA आयुक्त तुकाराम मुंडे ने इस मामले पर क्या कहा?
FDA आयुक्त तुकाराम मुंडे ने कहा कि प्रशासन सुरक्षित, उच्च गुणवत्ता वाली और पारदर्शी रक्त सेवाएँ सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों और रक्तदाताओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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