मुंबई: खान बहादुर भाभा अस्पताल में 6 अगस्त को ओपीडी बंद, MARD का BHMS पंजीकरण विरोध
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के कुर्ला वेस्ट स्थित खान बहादुर भाभा अस्पताल (KBBH) में 6 अगस्त 2026 (गुरुवार) को रूटीन आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) सेवाएँ बंद रहीं। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अंतर्गत काम करने वाले महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (MARD) के आंदोलन के समर्थन में KBBH MARD ने यह निर्णय लिया। यह विरोध CCMP-क्वालिफाइड BHMS प्रैक्टिशनर्स को महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) में पंजीकरण देने के प्रस्तावित कदम के खिलाफ है।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
BMC MARD द्वारा बुलाए गए इस आंदोलन का मूल कारण राज्य सरकार का वह प्रस्तावित कदम है, जिसके तहत CCMP-क्वालिफाइड BHMS (बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी) चिकित्सकों को महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत करने की अनुमति दी जा सकती है। रेजिडेंट डॉक्टरों का तर्क है कि यह कदम आधुनिक एलोपैथिक चिकित्सा शिक्षा के स्थापित मानकों के विपरीत है।
डॉक्टरों की आपत्तियाँ
KBBH MARD ने अस्पताल प्रशासन को लिखे पत्र में स्पष्ट किया, "हमारा मानना है कि ऐसा प्रस्ताव आधुनिक चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण के स्थापित मानकों से समझौता करता है। महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल की पंजीकरण प्रणाली की अखंडता और विश्वसनीयता को कमज़ोर करता है और मरीज़ों की सुरक्षा तथा स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा करता है।"
आपातकालीन सेवाएँ जारी
एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया कि आंदोलन के दौरान मरीज़ों की जान से जुड़ी कोई भी सेवा बाधित नहीं होगी। कैज़ुअल्टी, आपातकालीन सेवाएँ, इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU), लेबर रूम, आपातकालीन ऑपरेशन थिएटर और भर्ती मरीज़ों की देखभाल पूर्ण रूप से जारी रहेगी। केवल रूटीन ओपीडी सेवाएँ ही स्थगित रहीं।
आगे की रणनीति
MARD ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार की ओर से कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकला, तो BMC MARD अपने आंदोलन को और तेज़ करेगा। संगठन ने कहा कि वह आधुनिक चिकित्सा शिक्षा के मानकों की रक्षा, MMC की पंजीकरण प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने और मरीज़ों की देखभाल सुनिश्चित करने के लिए कानूनी और लोकतांत्रिक दोनों मोर्चों पर कड़े कदम उठाने को तैयार है। आंदोलन की अगली दिशा राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी।