14 जुलाई 2026
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बीएमसी मार्ड ने मुंबई मेयर ऋतु तावड़े से की मुलाकात, रेजिडेंट डॉक्टरों की 6 प्रमुख माँगों पर मिला आश्वासन

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बीएमसी मार्ड ने मुंबई मेयर ऋतु तावड़े से की मुलाकात, रेजिडेंट डॉक्टरों की 6 प्रमुख माँगों पर मिला आश्वासन

सारांश

बीएमसी मार्ड ने मुंबई मेयर ऋतु तावड़े के समक्ष रेजिडेंट डॉक्टरों की छह अहम माँगें रखीं — मिड-टर्म अवकाश नीति, स्टाइपेंड भुगतान, महंगाई भत्ता, शैक्षणिक शुल्क छूट और हॉस्टल सुविधाएँ। मेयर ने आधिकारिक पत्र जारी कर प्राथमिकता से कार्रवाई का आश्वासन दिया।

मुख्य बातें

बीएमसी मार्ड के प्रतिनिधिमंडल ने 13 जुलाई 2026 को मुंबई मेयर ऋतु तावड़े से मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय में मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष डॉ.
ऋतुजा राउत और सदस्य डॉ.
पूजा अग्रवाल शामिल थीं।
मिड-टर्म अवकाश नीति में अचानक बदलाव , स्टाइपेंड का समय पर भुगतान और महंगाई भत्ते का स्वतः संशोधन प्रमुख माँगें रहीं।
पात्र इन-सर्विस पोस्टग्रेजुएट डॉक्टरों के लिए शैक्षणिक शुल्क में छूट और हॉस्टल व भोजन सुविधाओं में सुधार की माँग भी उठाई गई।
मेयर ने सभी मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर बीएमसी अधिकारियों के समक्ष रखने और आधिकारिक पत्र जारी करने का आश्वासन दिया।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के रेजिडेंट डॉक्टरों के आधिकारिक संगठन बीएमसी मार्ड के प्रतिनिधिमंडल ने 13 जुलाई 2026 को मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े से मुलाकात की और अस्पतालों में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टरों की बहुप्रतीक्षित समस्याओं को उनके समक्ष रखा। यह बैठक मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय स्थित मेयर कार्यालय में आयोजित हुई, जहाँ मेयर ने सभी माँगों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाने का आश्वासन दिया।

प्रतिनिधिमंडल में कौन शामिल थे

बीएमसी मार्ड की ओर से इस बैठक में संगठन की अध्यक्ष डॉ. ऋतुजा राउत और सदस्य डॉ. पूजा अग्रवाल शामिल हुईं। दोनों प्रतिनिधियों ने बीएमसी के विभिन्न अस्पतालों में तैनात रेजिडेंट डॉक्टरों की दैनिक कठिनाइयों और दीर्घकालिक माँगों को विस्तार से मेयर के सामने प्रस्तुत किया।

मुख्य माँगें और उठाए गए मुद्दे

बैठक में मिड-टर्म अवकाश नीति में अचानक किए गए बदलाव का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा। बीएमसी मार्ड के अनुसार, इस बदलाव से मौजूदा बैच के डॉक्टरों में भ्रम और अनिश्चितता उत्पन्न हुई है। संगठन ने माँग की कि पहले से मिले अवकाश अधिकारों और सुविधाओं को सुरक्षित रखा जाए।

इसके अतिरिक्त, पात्र इन-सर्विस पोस्टग्रेजुएट डॉक्टरों के लिए शैक्षणिक शुल्क में छूट देने और डॉक्टरों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को कम करने की माँग भी उठाई गई। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि महंगाई भत्ते में होने वाले संशोधनों को स्वतः लागू किया जाए, जिससे बार-बार माँग करने और देरी की स्थिति से बचा जा सके।

स्टाइपेंड का समय पर भुगतान सुनिश्चित करना भी प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख माँगों में शामिल रहा। गौरतलब है कि विलंबित भुगतान की समस्या देशभर के सरकारी अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टरों की एक पुरानी और सामान्य शिकायत रही है।

बुनियादी सुविधाओं पर जोर

बीएमसी मार्ड ने बीएमसी अस्पतालों में हॉस्टल सुविधाओं में सुधार, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षित पेयजल और पर्याप्त आवास व्यवस्था की माँग भी रखी। संगठन ने विशेष रूप से यह भी कहा कि दिन-रात ड्यूटी करने वाले रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए अस्पतालों में स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

मेयर की प्रतिक्रिया

मेयर ऋतु तावड़े ने प्रतिनिधिमंडल की सभी माँगों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित बीएमसी अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बैठक में चर्चा किए गए बिंदुओं को शामिल करते हुए मेयर कार्यालय की ओर से एक आधिकारिक पत्र भी जारी किया जाएगा।

आगे क्या होगा

बीएमसी मार्ड ने मेयर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रेजिडेंट डॉक्टरों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और आगे आवश्यक कार्रवाई का भरोसा मिला है। अब नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि मेयर कार्यालय का आधिकारिक पत्र कब जारी होता है और बीएमसी प्रशासन इन माँगों पर कितनी तेज़ी से अमल करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'आश्वासन' और 'आधिकारिक पत्र' के बीच की दूरी अक्सर लंबी होती है। रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड में देरी और बुनियादी सुविधाओं की कमी कोई नई समस्या नहीं — ये माँगें वर्षों से विभिन्न मंचों पर उठती रही हैं। असली परीक्षा यह होगी कि बीएमसी प्रशासन मेयर के निर्देशों को कितनी तेज़ी और पारदर्शिता से लागू करता है। बिना समयबद्ध क्रियान्वयन के, यह बैठक भी पिछली बैठकों की तरह महज एक औपचारिकता बनकर रह जाने का जोखिम उठाती है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीएमसी मार्ड क्या है और इसने मेयर से मुलाकात क्यों की?
बीएमसी मार्ड, बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अस्पतालों में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टरों का आधिकारिक एसोसिएशन है। 13 जुलाई 2026 को इसके प्रतिनिधिमंडल ने मुंबई मेयर ऋतु तावड़े से मुलाकात कर स्टाइपेंड, अवकाश नीति, हॉस्टल सुविधाओं सहित छह प्रमुख समस्याओं का समाधान माँगा।
रेजिडेंट डॉक्टरों की प्रमुख माँगें क्या हैं?
प्रमुख माँगों में मिड-टर्म अवकाश नीति में अचानक बदलाव वापस लेना, स्टाइपेंड का समय पर भुगतान, महंगाई भत्ते का स्वतः संशोधन, इन-सर्विस पोस्टग्रेजुएट डॉक्टरों को शैक्षणिक शुल्क में छूट, और हॉस्टल व भोजन सुविधाओं में सुधार शामिल हैं।
मुंबई मेयर ऋतु तावड़े ने क्या आश्वासन दिया?
मेयर ऋतु तावड़े ने सभी माँगों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित बीएमसी अधिकारियों के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक में चर्चा किए गए बिंदुओं को शामिल करते हुए मेयर कार्यालय की ओर से एक आधिकारिक पत्र जारी किया जाएगा।
मिड-टर्म अवकाश नीति में बदलाव से डॉक्टरों को क्या समस्या हुई?
बीएमसी मार्ड के अनुसार, अवकाश नीति में अचानक किए गए बदलाव से मौजूदा बैच के रेजिडेंट डॉक्टरों में भ्रम और अनिश्चितता पैदा हुई है। संगठन ने माँग की है कि पहले से मिले अवकाश अधिकारों और सुविधाओं को सुरक्षित रखा जाए।
इस बैठक के बाद आगे क्या कदम उठाए जाएँगे?
मेयर कार्यालय की ओर से एक आधिकारिक पत्र जारी होने की उम्मीद है, जिसमें बैठक के सभी बिंदु शामिल होंगे। इसके बाद बीएमसी प्रशासन को इन माँगों पर कार्रवाई करनी होगी, हालाँकि कोई निश्चित समयसीमा अभी तक घोषित नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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