मुंबई मेयर रितु तावड़े का ऐलान: बांग्लादेशी घुसपैठियों को किसी भी कीमत पर नहीं रहने देंगे
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने 2 जून 2025 को सोमवार की सुबह अपने सहयोगियों के साथ मानसून-पूर्व तैयारियों का निरीक्षण किया और मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को मुंबई में किसी भी कीमत पर टिकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि शहर की 80 फीसदी से अधिक नालियों की सफाई मानसून से पहले ही पूरी की जा चुकी है।
घुसपैठियों पर मेयर का कड़ा रुख
मेयर रितु तावड़े ने मीडिया से कहा, 'यहां आए बांग्लादेशी घुसपैठियों को यहां से चले जाना चाहिए और अपने देश और शहरों में वापस लौट जाना चाहिए। मुंबई मुंबईवासियों का शहर है।' उन्होंने यह भी जोड़ा, 'मुंबई में विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों का हमेशा स्वागत और समावेश रहा है। हालांकि, अगर अवैध बांग्लादेशी प्रवासी यहां आते हैं, शहर में घुसपैठ करते हैं और खुद को स्थापित करने की कोशिश करते हैं, तो हम किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं होने देंगे।'
यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के कई महानगरों में अवैध प्रवासियों की पहचान और निर्वासन को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
मानसून-पूर्व नाली सफाई की स्थिति
मेयर ने बताया, 'हमने मानसून से एक महीने पहले ही मुंबई की नालियों की सफाई शुरू कर दी थी। मुंबई भर की 80 फीसदी से अधिक छोटी और बड़ी नालियों की सफाई अब तक हो चुकी है। यदि कोई मामूली कमी या देरी है, तो उसे दूर करने के प्रयास जारी हैं।'
गौरतलब है कि मई महीने की शुरुआत में मेयर तावड़े ने शहर के विभिन्न नालों का स्वयं निरीक्षण किया था और अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए थे।
माहूल नाले पर धीमी प्रगति, ठेकेदार को फटकार
मेयर ने माहूल नाले के पास, वसंतदादा कॉलेज के सामने निरीक्षण के दौरान बताया कि यह इलाका बीएमसी (BMC) के जोन 5 के अंतर्गत आता है। यहाँ लगभग 3,364 मीट्रिक टन नाले की गंदगी हटाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन ठेकेदार द्वारा काम समय पर शुरू नहीं किया गया। अब तक केवल 869 मीट्रिक टन गंदगी ही हटाई जा सकी है, जो तय लक्ष्य की तुलना में काफी कम है।
मेयर ने इस धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को काम में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानसून से पहले सभी नालों की सफाई पूरी करना अनिवार्य है ताकि शहर में जलभराव की समस्या से बचा जा सके।
हरियाली और प्रदूषण नियंत्रण पर जोर
मुंबई के बढ़ते AQI पर चिंता जताते हुए मेयर तावड़े ने कहा, 'मैं हमेशा से हरियाली के प्रति सकारात्मक रही हूं और हर बजट भाषण में मैंने कहा है कि मुंबई को यथासंभव हरित क्षेत्र बनाए रखना चाहिए। अगर हम AQI को नियंत्रित करना चाहते हैं, तो सभी उपलब्ध खुले स्थानों को संरक्षित करना होगा और वहाँ अधिक से अधिक पेड़ लगाने होंगे।'
उन्होंने बताया कि मुंबईवासियों के प्रवेश द्वार पर बड़ी खाली जमीन है जहाँ अतिक्रमण का खतरा है — इसलिए उस भूमि पर पौधारोपण की योजना बनाई गई है। आने वाले दिनों में मानसून-पूर्व सफाई कार्यों की अंतिम समीक्षा और हरियाली परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रशासन द्वारा सार्वजनिक की जाने की संभावना है।