क्या पहले शेख हसीना को बांग्लादेश वापस भेजना चाहिए? एनसीपी नेता नवाब मलिक का भाजपा पर आरोप

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क्या पहले शेख हसीना को बांग्लादेश वापस भेजना चाहिए? एनसीपी नेता नवाब मलिक का भाजपा पर आरोप

सारांश

एनसीपी नेता नवाब मलिक ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उन्होंने बांग्लादेशियों की पहचान के बहाने मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने का दावा किया। उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेताओं को सीधे चुनौती दी है। जानिए इस विवाद का पूरा मामला और इसके राजनीतिक implications क्या हैं।

Key Takeaways

  • एनसीपी नेता नवाब मलिक ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए।
  • बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा चुनावी राजनीति में उठाया गया।
  • मलिक का कहना है कि भाजपा मुस्लिम समुदाय को विभाजित कर रही है।

मुंबई, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कड़ा हमला किया है। बुधवार को उन्होंने भाजपा पर बांग्लादेशियों की पहचान के बहाने मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने का आरोप लगाया।

मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम पर कटाक्ष करते हुए मलिक ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठ पर बोलने से पहले, शेख हसीना को बांग्लादेश वापस भेजो। उल्लेखनीय है कि साटम ने हाल ही में मालवानी, कुर्ला और मानखुर्द-शिवाजीनगर जैसे क्षेत्रों में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की संख्या में वृद्धि का दावा किया था।

मलिक ने यह भी कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं की वर्तमान स्थिति हसीना के भारत में रहने से संबंधित है।

उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मुद्दे को गंभीरता से लेने का अनुरोध किया।

मलिक ने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना बीएमसी चुनावों के दौरान मतदाताओं को ध्रुवीकृत करने के लिए है।

मलिक ने भाजपा के घुसपैठ के दावों को पिछले 30-40 वर्षों से इस्तेमाल की जा रही एक घिसी-पिटी राजनीतिक चाल बताकर खारिज किया।

उन्होंने कहा कि अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें निर्वासित करना एक सतत कानूनी प्रक्रिया है, जिसे मुंबई पुलिस और राज्य एवं केंद्र सरकार के अदालतों द्वारा संचालित किया जाता है।

उन्होंने भाजपा को याद दिलाया कि लाल कृष्ण आडवाणी के गृह मंत्री रहते हुए बांग्लादेशियों के लिए वर्क परमिट का प्रस्ताव भी आया था।

साटम की मुंबई की जनसांख्यिकी की समझ की आलोचना करते हुए मलिक ने टिप्पणी की कि कई बार विधायक रह चुके साटम जमीनी हकीकत से अनभिज्ञ प्रतीत होते हैं।

उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि साटम के अपने निर्वाचन क्षेत्र में 60,000 मुस्लिम मतदाता हैं। वे उनका जिक्र क्यों नहीं करते? वे उनके घरों में जाते हैं, उनके साथ खाना खाते हैं और उनका गर्मजोशी से अभिवादन करते हैं, फिर भी राजनीतिक लाभ के लिए अन्य जगहों पर इसी समुदाय को निशाना बनाते हैं।

इसके पहले, साटम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल उठाया कि उद्धव ठाकरे के मंत्रिमंडल में सेवा दे चुके एक मंत्री ने मुंबई में कितने बांग्लादेशियों और रोहिंग्या घुसपैठियों को बसाया।

उन्होंने कहा कि मालवानी, मलाड, मानखुर्द, देवनार और कुर्ला जैसे इलाकों में राजनीतिक संरक्षण से लाखों अवैध झुग्गियों का निर्माण हुआ है।

Point of View

यह महत्वपूर्ण है कि हम राजनीतिक बयानबाजियों को समझें और ध्यान दें कि इस तरह के मुद्दे नागरिकों के बीच विभाजन को बढ़ावा दे सकते हैं। हमें एकजुटता और सहिष्णुता का संदेश फैलाना चाहिए।
NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

नवाब मलिक ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया?
नवाब मलिक ने भाजपा पर बांग्लादेशियों की पहचान के बहाने मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
क्या उन्होंने अमित साटम पर कोई विशेष टिप्पणी की?
हाँ, उन्होंने कहा कि पहले शेख हसीना को बांग्लादेश वापस भेजना चाहिए।
यह विवाद बीएमसी चुनावों से कैसे जुड़ता है?
मलिक ने कहा कि भाजपा मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाकर मतदाताओं को ध्रुवीकृत करना चाहती है।
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