क्या नेहरू ने तिब्बत में भारत के अधिकारों को चीन को सौंप दिया? नितिन नवीन का आरोप
सारांश
Key Takeaways
- नेहरू का तिब्बत सौदा: 1954 में तिब्बत में भारत के अधिकारों को चीन को सौंपने का आरोप।
- राजीव गांधी का विवाद: रक्षा सौदों के माध्यम से निजी लाभ का आरोप।
- राहुल गांधी की विदेश यात्राएँ: 247 विदेशी यात्राएं, कई सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी नहीं दी गई।
पटना, 25 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नेहरू-गांधी परिवार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह 'समझौता मिशन' की कहानी है, जिसमें देश के हितों के साथ समझौता कर परिवार के हितों को प्राथमिकता दी गई।
नितिन नवीन ने कहा कि एक समय जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि 45 करोड़ लोग उनके लिए एक 'जिम्मेदारी' हैं। उन्होंने कहा, "1954 में किस प्रकार नेहरू ने बिना किसी रिवॉर्ड के तिब्बत में भारत के अधिकार को चीन को सौंप दिया।"
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर रक्षा सौदों के जरिए निजी बैंक खातों को भरने का आरोप लगाया। नवीन ने राजीव गांधी के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय रक्षा सेवाओं का उपयोग निजी वित्तीय हितों को सशक्त करने के लिए किया गया। राहुल गांधी को 'विदेशी शक्तियों की कठपुतली' बताते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस का चुनावी इतिहास सीआईए की फंडिंग से दागदार रहा है।
नितिन नवीन ने आगे कहा कि सोनिया गांधी के राजनीतिक जीवन पर भी सवाल उठते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 2004 से 2014 के बीच राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के माध्यम से उन्होंने 'सुपर प्रधानमंत्री' की तरह कार्य किया और समानांतर सरकार चलाई। उन्होंने दावा किया कि इसी दौरान राजीव गांधी फाउंडेशन को चीनी सरकार और निवेशक जॉर्ज सोरोस के नेटवर्क से फंडिंग मिली।
राहुल गांधी को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें नकारात्मक राजनीति का चेहरा माना जाता है। उनके अनुसार राहुल गांधी ने 247 से अधिक विदेशी यात्राएं कीं, जिनमें से कई में सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि इन यात्राओं का उद्देश्य क्या था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विदेशी नेताओं, जैसे इल्हान ओमर और जॉर्ज सोरोस से मुलाकातें भी इसी संदर्भ में देखी जानी चाहिए।
नितिन नवीन ने कहा कि देश का युवा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहता है और यदि किसी भी तरह से उन्हें गुमराह करने की कोशिश होती है, तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब इस तथाकथित 'समझौता मिशन' को समझ चुकी है और देशहित को सर्वोपरि मानती है।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रहित के मुद्दों पर जनता सजग है और भविष्य में वही नेतृत्व स्वीकार करेगी जो देश के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता हो।