पश्चिम बंगाल चुनाव: सीएपीएफ जवानों की मूवमेंट पर जीपीएस ट्रैकिंग के जरिए निगरानी

Click to start listening
पश्चिम बंगाल चुनाव: सीएपीएफ जवानों की मूवमेंट पर जीपीएस ट्रैकिंग के जरिए निगरानी

सारांश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सीएपीएफ जवानों की तैनाती के लिए जीपीएस ट्रैकर का उपयोग होगा। इससे केंद्रीय पर्यवेक्षक तैनात कर्मियों की मूवमेंट पर नजर रख सकेंगे।

Key Takeaways

  • सीएपीएफ जवानों की तैनाती 1 मार्च से शुरू होगी।
  • तैनात जवानों के वाहनों में जीपीएस ट्रैकर लगाए जाएंगे।
  • केंद्रीय पर्यवेक्षक कर्मियों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
  • कुल 480 कंपनियों की तैनाती की जाएगी।
  • दूसरे चरण की तैनाती 10 मार्च को होगी।

कोलकाता, 25 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले 1 मार्च से तैनात होने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों के लिए आवंटित वाहनों में जीपीएस ट्रैकर

आयोग ने पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 1 मार्च को तैनात होने वाली सीएपीएफ की 240 कंपनियों को चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले ही तैनात किया जाएगा। इन्हें क्षेत्र पर नियंत्रण और राज्य की भौगोलिक स्थिति से परिचित होने के कार्य में लगाया जाएगा।

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया, "आयोग के निर्देशानुसार, पहले दिन से प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए इन सीएपीएफ कर्मियों को आवंटित वाहनों में जीपीएस ट्रैकर लगाए जाएंगे, ताकि आयोग की ओर से नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक उनके मूवमेंट को ट्रैक कर सकें। पर्यवेक्षक सीएपीएफ के इस्तेमाल पर दैनिक रिपोर्ट भी आयोग को भेज सकते हैं।"

सूत्रों के अनुसार, यही व्यवस्था 10 मार्च को दूसरे चरण में तैनात होने वाली अतिरिक्त 240 कंपनियों पर भी लागू होगी। सीईओ ऑफिस के अंदरूनी सूत्र ने कहा, "पश्चिम बंगाल में पिछले चुनावों में कई शिकायतें मिली थीं कि बड़ी संख्या में सीएपीएफ कर्मियों को तैनात करने के बावजूद पोलिंग के दिनों में उनका प्रभावी इस्तेमाल नहीं हुआ था। ड्यूटी के दौरान सीएपीएफ कर्मियों के घूमने-फिरने की भी शिकायतें थीं। इसलिए, आयोग ने इस बार पहले दिन से ही सीएपीएफ कर्मियों की मूवमेंट पर सख्ती से नजर रखने का निर्णय लिया है, ताकि अंतिम चरण तक उनका प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा सके।"

1 मार्च को तैनात होने वाली 240 कंपनियों के पहले चरण में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 110 कंपनियां, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 55 कंपनियां, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की 21 कंपनियां, इंडो-तिब्बत पुलिस फोर्स (आईटीबीपी) की 27 कंपनियां और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 27 कंपनियां शामिल होंगी।

दूसरे चरण में 10 मार्च को 240 कंपनियों की तैनाती की जाएगी, जिनमें 120 सीआरपीएफ, 65 बीएसएफ, 16 सीआईएसएफ, 20 आईटीबीपी और 19 एसएसबी की कंपनियां शामिल होंगी। इन कुल 480 कंपनियों की किसी क्षेत्र से हटाने की प्रक्रिया की घोषणा चुनाव आयोग की अधिसूचना के अनुसार उचित समय पर की जाएगी।

Point of View

NationPress
14/04/2026

Frequently Asked Questions

सीएपीएफ जवानों की मूवमेंट पर जीपीएस ट्रैकिंग क्यों की जा रही है?
यह सुनिश्चित करने के लिए कि तैनात कर्मियों का प्रभावी उपयोग हो रहा है और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके।
कब से सीएपीएफ जवान तैनात होंगे?
1 मार्च से 240 कंपनियों की तैनाती की जाएगी।
दूसरे चरण में तैनाती कब होगी?
दूसरे चरण में 10 मार्च को 240 कंपनियों की तैनाती होगी।
सीएपीएफ की कंपनियों की संख्या क्या है?
कुल 480 कंपनियों तैनात की जाएंगी।
जीपीएस ट्रैकर्स का उपयोग क्यों किया जा रहा है?
ताकि केंद्रीय पर्यवेक्षक तैनात कर्मियों की मूवमेंट पर निगरानी रख सकें।
Nation Press