डूरंड कप फाइनल में मोहन बागान: विशाल कैथ के 2 बचावों से शूटआउट में नॉर्थईस्ट यूनाइटेड को 4-3 से हराया
सारांश
मुख्य बातें
मोहन बागान सुपर जाइंट ने 135वें इंडियनऑयल डूरंड कप के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। गुरुवार, 20 अगस्त को शिलांग के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में निर्धारित समय तक स्कोर 0-0 रहा, और पेनाल्टी शूटआउट में मोहन बागान ने नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी को 4-3 से पराजित किया। गोलकीपर विशाल कैथ के शूटआउट में किए गए दो निर्णायक बचावों ने 'मैरिनर्स' को खिताबी मुकाबले तक पहुँचाया।
मैच का घटनाक्रम
गीले मैदान ने शुरुआत से ही दोनों टीमों की लय बिगाड़ी। पहले 20 मिनट में मिडफील्ड पर नियंत्रण बनाना दोनों पक्षों के लिए मुश्किल रहा, और दोनों टीमें डिफेंसिव लाइन के ऊपर से लॉन्ग बॉल खेलकर अटैक के मौके तलाशती रहीं।
पहले हाफ का पहला शॉट ऑन टारगेट मध्यांतर से पहले आया, जिसे नॉर्थईस्ट यूनाइटेड के गोलकीपर गुरमीत सिंह ने शानदार तरीके से रोका। कियान नसीरी ने मुश्किल एंगल से शॉट लिया, लेकिन गेंद साइड-नेटिंग से टकराकर बाहर चली गई। अलाएद्दीन अजराई की सेट-पीस पर वॉली भी पोस्ट के करीब से बाहर निकल गई। दोनों टीमों को तीन-तीन कॉर्नर मिले, लेकिन कोई गोल नहीं हो सका।
हाफ-टाइम से ठीक पहले सहल अब्दुल समद ने दूर से शॉट लगाया, परंतु गुरमीत सिंह ने उसे भी रोक लिया, और पहला हाफ गोलरहित रहा।
दूसरे हाफ में नॉर्थईस्ट का दबाव
दूसरे हाफ में भी खेल का स्वरूप नहीं बदला। नॉर्थईस्ट यूनाइटेड गोल के सबसे करीब तब पहुँची जब अब्दुल रबीह के दाएं फ्लैंक से दिए गए लो क्रॉस पर अलाएद्दीन अजराई बाल-बाल चूक गए। मैकार्टन निक्सन भी बाईं ओर से शुरू हुई मूव के बाद बॉक्स के अंदर से शॉट लेने में सफल रहे, लेकिन गेंद साइड-नेटिंग से टकराई। नियमित समय तक स्कोर 0-0 रहा और मुकाबला पेनाल्टी शूटआउट तक खिंचा।
विशाल कैथ की निर्णायक भूमिका
शूटआउट में दोनों टीमों ने अपनी पहली तीन-तीन पेनाल्टी सफलतापूर्वक गोल में बदलीं। नॉर्थईस्ट यूनाइटेड की चौथी पेनाल्टी लेने रॉबिन यादव आए, लेकिन गोलकीपर विशाल कैथ ने उनका शॉट रोक लिया। इसके बाद जेमी मैकलारेन ने गोल दागकर मोहन बागान को बढ़त दिलाई। फिर कैथ ने पार्थिब गोगोई का शॉट भी बचाकर मोहन बागान को फाइनल में पहुँचा दिया।
आगे क्या: कोलकाता डर्बी फाइनल
खिताबी मुकाबला रविवार को खेला जाएगा, जिसमें मोहन बागान सुपर जाइंट का सामना उनके कट्टर प्रतिद्वंद्वी ईस्ट बंगाल एफसी से होगा। यह डूरंड कप के इतिहास में एक और कोलकाता डर्बी फाइनल होगा, जो भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं।