ईस्ट बंगाल ने 135वें डूरंड कप में मोहन बागान को 4-1 से रौंदा, एडमंड लालरिंडिका की हैट्रिक से 22 साल बाद खिताब
सारांश
मुख्य बातें
ईस्ट बंगाल एफसी ने 23 अगस्त 2025 को कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में खेले गए 135वें डूरंड कप के फाइनल में चिर-प्रतिद्वंद्वी मोहन बागान सुपर जायंट को 4-1 से करारी शिकस्त देकर 22 साल बाद यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी अपने नाम की। मिडफील्डर एडमंड लालरिंडिका ने पहले हाफ के शुरुआती 44 मिनट में धमाकेदार हैट्रिक जड़कर इस ऐतिहासिक जीत की नींव रखी। ईस्ट बंगाल ने इससे पहले 2004 में यह खिताब जीता था।
मुख्य घटनाक्रम
मैच की शुरुआत से ही ईस्ट बंगाल ने आक्रामक फुटबॉल का प्रदर्शन किया। 10वें मिनट में टीएच बिपिन सिंह ने पहला गोल दागकर स्कोरबोर्ड खोला। इसके ठीक एक मिनट बाद 11वें मिनट में एडमंड लालरिंडिका ने अपना पहला गोल किया, और फिर 22वें मिनट में दूसरा गोल दागकर टीम को 3-0 की मज़बूत बढ़त दिला दी।
मोहन बागान की ओर से मनवीर सिंह ने 33वें मिनट में एक गोल कर उम्मीद जगाने की कोशिश की। लेकिन हाफ-टाइम से ठीक पहले 44वें मिनट में लालरिंडिका ने तीसरा गोल दागकर हैट्रिक पूरी की, और पहला हाफ 4-1 के स्कोर पर समाप्त हुआ।
दूसरा हाफ और अनुशासनात्मक कार्रवाई
पहले हाफ में 5 गोल देखने के बाद दूसरा हाफ गोलरहित रहा। हालांकि इस दौरान मैदान पर तनाव और आक्रामकता बनी रही। पहले हाफ में ईस्ट बंगाल के दानी रामिरेज (29वें मिनट) और मोहन बागान के लालेंगमाविया राल्टे (42वें मिनट) को येलो कार्ड मिले। दूसरे हाफ में मोहन बागान के टेकचम अभिषेक सिंह (58वें मिनट), ईस्ट बंगाल के थोउनाओजाम जैक्सन सिंह (59वें मिनट) और मोहन बागान के अल्बर्टो रोड्रिगेज मार्टिन (90+5वें मिनट) को येलो कार्ड दिखाए गए। फुल-टाइम सीटी बजने तक स्कोर 4-1 पर ही टिका रहा।
ऐतिहासिक बराबरी
इस खिताब के साथ ईस्ट बंगाल ने डूरंड कप जीत की संख्या में मोहन बागान की बराबरी कर ली — दोनों क्लबों के नाम अब 17-17 खिताब दर्ज हैं। गौरतलब है कि यह कोलकाता डर्बी का फाइनल संस्करण था, जो भारतीय फुटबॉल की सबसे पुरानी और भावनात्मक प्रतिस्पर्धाओं में से एक है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्लब फुटबॉल अपनी व्यावसायिक और प्रतिस्पर्धी पहचान को नए सिरे से स्थापित कर रहा है।
व्यक्तिगत पुरस्कार
टूर्नामेंट के व्यक्तिगत पुरस्कारों में गोल्डन ग्लव विशाल कैथ (मोहन बागान एसजी) को, गोल्डन बूट अलाएद्दीन अजराई (नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी) को, और गोल्डन बॉल फाइनल के नायक एडमंड लालरिंडिका (ईस्ट बंगाल एफसी) को मिला। सभी पुरस्कार विजेताओं को ₹3 लाख का चेक प्रदान किया गया, जबकि गोल्डन बॉल विजेता लालरिंडिका को एक एसयूवी की चाबी भी भेंट की गई।
आगे क्या
इस जीत के बाद ईस्ट बंगाल का मनोबल इंडियन सुपर लीग (ISL) के आगामी सीज़न में ऊँचा रहेगा। फुटबॉल प्रेमियों की नज़रें अब इस पर होंगी कि क्या यह युवा और ऊर्जावान दल घरेलू फुटबॉल में नई प्रभुता स्थापित कर सकता है।